अमेरिका के लिए भारतीय मूल के वैज्ञानिक बनाएंगे खास रोबोट, इस तरह होगा इस्तेमाल

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अमेरिका

अमेरिका की सेना विभाग की एक एजेंसी ने भारतीय मूल के वैज्ञानिक के साथ दो करोड़ डॉलर का करार हुआ है। जिसके तहत ये वैज्ञानिक ऐसी प्रणाली को विकसित करेंगे जिससे एक जवान ही कई सारे मानवरहित हवाई विमानों को कंट्रोल कर सकेगा। इतना ही नहीं इस तकनीक की मदद से बम निरोधक रोबोट का भी विकास किया जायेगा।

अमेरिका में स्थित Research and development organization में कार्यरत एक वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक गौरव शर्मा के नेतृत्व में यह दल काम करेगा। यह उन दलों में शामिल है जो दिमाग और मशीन के बीच संबंध स्थापित करके एक नई तकनीक विकसित करेगा। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी जानकारी डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्टस एजेंसी की तरफ से जारी किया गया है।

वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक गौरव शर्मा को एजेंसी की तरफ से ये निर्देश दिए गए है कि वैज्ञानिक दल एक ऐसी प्रणाली विकसित करें जिसमें सैनिक को एक ऐसा हेलमेट पहनने की सुविधा मिल सके जिसकी सहायता से वह कई मानवरहित हवाई वाहनों को कण्ट्रोल अपने दिमाग से करने में सक्षम हो सके या यहां तक कि बम निरोधक रोबोट का अपने दिमाग से नियंत्रण कर सके।

बेटले की अगली पीढ़ी की नॉनसर्जीकल न्यूरोटेक्नोलॉजी(एन3) प्रोग्राम मिनिमली इनवेसिव न्यूरल इंटरफेस प्रणाली को ‘ब्रेनस्टॉर्म’ (ब्रेन सिस्टम टू ट्रांसमिट ओर रिसीव मैग्नेटोइलेक्ट्रिकल सिग्नल्स) नाम दिया गया है। इस परियोजना को पूरा करने के लिए करीब चार साल का समय दिया गया है। साथ इस योजना पर करीब दो करोड़ डॉलर दिया गया है।

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