पहला ‘अंतरिक्ष युद्धाभ्यास’ करेगा भारत, इस तरह चीन को मिलेगी टक्कर

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अंतरिक्ष युद्धाभ्यास

भारत जल्द ही अंतरिक्ष में अपनी धमक ज़माने जा रहा है। इंडिया अगले महीने में अंतरिक्ष युद्धाभ्यास करने की तैयारी में है। भारत ने इसे ‘IndSpaceEx’ का नाम दिया है। भारत के लिए यह पहला मौका होगा जब वह अंतरिक्ष युद्धाभ्यास करेगा। इससे देश की सुरक्षा में मजबूती हासिल होगी।

भारत के अंतरिक्ष में बढ़ते कदम से चीन को तगड़ा झटका लगेगा। ऐसा माना जा रहा है कि इससे चीन को टक्कर देने के तौर पर देखा जा सकता है। भारत अंतरिक्ष में जिस गति से आगे बढ़ रहा है इससे दुनिया भर की नजर अब देश की तरफ घूम गई है।

अंतरिक्ष युद्धाभ्यास

भारत का ये अभियान ‘टेबल-टॉप वॉर-गेम’ पर आधारित होगा युद्धाभ्यास होगा। इस युध्याभ्यास में केवल सैन्य व वैज्ञानिक समुदाय के लोग हिस्सा लेंगे।

भारत लंबे समय से चीन जैसे देशों से अपनी अंतरिक्ष संपत्ति पर संभावित खतरों का मुकाबला करने की आवश्यकता पर विचार करता है। यह कदम उसी गंभीरता को रेखांकित करता है।

गौरतलब है कि चीन ने पहले ही जनवरी 2007 में एक मौसम उपग्रह के खिलाफ A-Sat मिसाइल का परीक्षण किया था। साथ ही चीन अंतरिक्ष में अमेरिका के वर्चस्व को खतरे में डालने के लिए समंदर में एक जहाज से 7 सैटेलाइट लॉन्च किया।

अंतरिक्ष ताकत के मामले में भारत अभी चीन की बराबरी नहीं कर पाया है। चीन संचार, नेविगेशन, पृथ्वी अवलोकन और अन्य उपग्रहों से मिलकर 100 से अधिक अंतरिक्ष यान मिशन को अंजाम दे चुका है।

वहीं, भारतीय सशस्त्र बल अब भी दो सैन्य उपग्रहों के अलावा, निगरानी, नेविगेशन और संचार उद्देश्यों के लिए बड़े पैमाने पर दोहरे उपयोग वाले रिमोट सेंसिंग उपग्रह का इस्तेमाल करते हैं।

आपको बता दें कि भारत ने मार्च में एंटी-सैटलाइट (A-Sat) मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। इसके अलावा हाल ही में ट्राई सर्विस डिफेंस स्पेस एजेंसी की शुरुआत भी की है। इन सफलताओं ने अंतरिक्ष में भारत की ताकत को बढ़ाया है।

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