अब वाहनों में आवाज़ करने वाली मशीन लगाने के निर्देश

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अब वाहनों में आवाज करने वाली मशीन लगाने के निर्देश

सरकार जहाँ वाहनों की आवाज से होने वाला ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए प्रयास कर रही है, तो वहीं लंदन में इलेक्ट्रिक वाहनों की समस्या इसके उलटे है

लंदन। वाहनों की आवाज से होने वाला ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए भारत में सरकार और तमाम मोटर एजेंसियाँ लगातार प्रयास कर रही है, तो वहीं लंदन में इलेक्ट्रिक वाहनों की समस्या इसके उलटे है। दरअसल ये वाहन काफी कम आवाज करते हैं, और नजर न पड़ेने तो सड़कों पर मौजूद लोगों को पता ही नहीं चलता कि कोई वाहन उनके करीब से गुजर रहा है। यूरोपियन यूनियन (ईयू) ने इस बात को गंभीरता से लिया है। यूरोपीय संघ अगले सप्ताह इस संबंध में नए नियम जारी करने वाला है। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए वाहनों में आवाज पैदा करने वाली मशीन लगाना अनिवार्य हो जाएगा। आवाज इतनी होनी चाहिए कि आस-पास के लोगों को पता चल सके कि कोई गाड़ी गुजर रही है।

अब वाहनों में आवाज करने वाली मशीन लगाने के निर्देश

नियम चार पहिया वाहनों के लिए 
ये नियम चारपहिया ई-वाहनों के लिए आ रहे हैं। इनमें ऐसी मशीन लगाई जाएगी जो आम गाड़ियों की मशीन की तरह आवाज करे। इस मशीन को एकोस्टिक व्हीकल अलर्ट सिस्टम (एवास) कहलाएगी। जब गाड़ी रिवर्स की जा रही हो या 19 किलोमीटर प्रतिघंटा के कम की रफ्तार से गुजर रही हो तो इस मशीन का ऑन होना अनिवार्य होगा। यूरोपीय संघ का कहना है कि जब गाड़ी रिवर्स हो रही हो या कम रफ्तार से चल रही हो तो ज्यादा संभावना होती है कि आस-पास लोग मौजूद हों। उन्हें सावधान करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों से सामान्य गाड़ियों की तरह आवाज आना जरूरी है। हालांकि, वाहन चालकों को यह अधिकार दिया जाएगा कि वे जरूरत पड़ने पर इस डिवाइस को डिएक्टिवेट कर सकें।

दरअसल ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था ने ईयू से शिकायत की थी कि इलेक्ट्रिक वाहन आवाज नहीं करते हैं और ये सड़कों पर मौजूद आमलोगों के लिए जानलेवा हो सकते हैं। संस्था ने ईयू के नियमों का स्वागत किया है। लेकिन, साथ ही यह भी कहा है कि ये नियम सिलेक्टिव नहीं होने चाहिए। संस्था के मुताबिक अधिक स्पीड पर भी एवास सिस्टम ऑन रखने की बाध्यता होनी चाहिए। इससे लोगों को ज्यादा सुरक्षा मिलेगी।

 

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