Prashant Kishor
Prashant Kishor : बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। शुरुआती रुझानों में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार से आगे चल रहे हैं। पहली बार चुनाव मैदान में उतरे प्रशांत किशोर के लिए यह चुनाव राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है। शुरुआती चार राउंड की मतगणना में बढ़त मिलने के बाद उनके विधायक बनने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बनाने वाले पीके अब सीधे जनता के बीच जनादेश मांग रहे हैं।
राजनीति में आने से पहले क्या करते थे Prashant Kishor?
Prashant Kishor का जन्म वर्ष 1977 में बिहार के रोहतास जिले में हुआ था। उन्होंने शुरुआती शिक्षा बिहार में ही प्राप्त की। दसवीं की पढ़ाई बक्सर के एमपी हाई स्कूल से पूरी करने के बाद वे पटना साइंस कॉलेज पहुंचे। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने हैदराबाद स्थित एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (ASCI) से मास्टर ऑफ हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन (MHA) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसी वजह से उन्हें देश के सबसे शिक्षित राजनीतिक नेताओं में भी गिना जाता है।
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संयुक्त राष्ट्र के प्रोजेक्ट्स में भी कर चुके हैं काम
राजनीति में सक्रिय होने से पहले प्रशांत किशोर ने सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) के क्षेत्र में भी काम किया। उन्होंने फ्रांस के कैविलाम विची संस्थान में फ्रेंच भाषा का प्रशिक्षण लिया, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) समर्थित कार्यक्रमों में पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के रूप में कई वर्षों तक सेवाएं दीं। बाद में उन्होंने चुनावी रणनीति और राजनीतिक परामर्श (Political Consulting) के क्षेत्र में कदम रखा और देश की कई बड़ी राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनावी रणनीति तैयार की। इसके बाद उन्होंने बिहार में जन सुराज पार्टी की स्थापना कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।
पहली बार लड़ रहे हैं विधानसभा चुनाव
प्रशांत किशोर लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में जाने जाते रहे, लेकिन यह पहला मौका है जब वे खुद चुनाव लड़ रहे हैं। बांकीपुर सीट पर उनकी उम्मीदवारी ने इस उपचुनाव को बेहद हाई-प्रोफाइल बना दिया। बीजेपी के मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर शुरुआती बढ़त ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। अगर प्रशांत किशोर यह चुनाव जीतते हैं, तो पहली बार बिहार विधानसभा में जन सुराज पार्टी की मौजूदगी दर्ज होगी और राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जाएगी।
96 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मालिक हैं पीके
नामांकन के दौरान चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र के अनुसार, प्रशांत किशोर करोड़पति उम्मीदवार हैं। उनके पास कुल 96.06 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति है। इसमें 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 73.87 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और चुनावी रणनीति के क्षेत्र में लंबा सफर तय करने के बाद अब प्रशांत किशोर सीधे चुनावी राजनीति में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम न केवल उनके राजनीतिक भविष्य, बल्कि बिहार की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।