Rajasthan School Protest
Rajasthan School Protest: राजस्थान के अलवर जिले के जोधावास गांव में सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, थानागाजी, जोधावास में करीब 174 छात्र जर्जर भवन, टूटती छत, बारिश के दौरान पानी टपकने और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। स्कूल में सिर्फ तीन कक्षाओं में पढ़ाई हो रही है, जबकि वरिष्ठ शिक्षकों के पांच पद खाली बताए जा रहे हैं। छात्रों के सामने सबसे बड़ी समस्या स्कूल तक पहुंचने की भी है, क्योंकि कई बार उन्हें नदी पार करके कक्षाओं तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में एक छोटी बच्ची का सवाल पूरी व्यवस्था से जवाब मांगता नजर आया अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधा देते?
जर्जर भवन और टूटती छत के बीच पढ़ाई का संकट
जोधावास के सरकारी स्कूल में छात्र जिस माहौल में पढ़ाई कर रहे हैं, वह शिक्षा व्यवस्था की गंभीर तस्वीर पेश करता है। स्कूल की छतों से पानी टपकने, भवन की हालत खराब होने और टूटे हुए हिस्सों के कारण हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। छात्रों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन की स्थिति लंबे समय से खराब है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बच्चों को सुरक्षित स्कूल उपलब्ध कराने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
पांच शिक्षक पद खाली, सुविधाओं की भी कमी
स्कूल में केवल भवन की समस्या ही नहीं है, बल्कि शिक्षकों की कमी भी छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित कर रही है। जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ शिक्षकों के पांच पद खाली हैं। सीमित कक्षाओं और स्टाफ की कमी के बीच बड़ी संख्या में छात्रों को पढ़ाई करनी पड़ रही है। वहीं स्कूल तक पहुंचने के लिए रास्ते की उचित व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग उठती रही है। अधिकारियों की ओर से स्कूलों की मरम्मत में छह महीने से एक साल तक का समय लगने की बात सामने आई है।
जयपुर और चंडीगढ़ में भी छात्रों का प्रदर्शन
राजस्थान के जयपुर में भी 100 से अधिक सुनने और बोलने में दिव्यांग छात्रों ने स्कूल की खराब व्यवस्थाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने जर्जर दीवारों और गंदे शौचालयों समेत कई समस्याओं को लेकर आवाज उठाई, जिसके बाद स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं चंडीगढ़ में बधिर छात्रों ने प्रशिक्षित शिक्षकों और बेहतर भोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अलग-अलग शहरों से सामने आ रही ये घटनाएं सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षित भवन और पर्याप्त शिक्षकों की जरूरत को उजागर करती हैं।
School Thik Karo अभियान ने उठाई जवाबदेही की मांग
स्कूलों की स्थिति को लेकर एक्टिविस्ट भी लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच ‘School Thik Karo’ अभियान के जरिए लोगों से अपने आसपास के स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं की जांच करने की अपील की जा रही है। अभियान में पानी, बिजली, सुरक्षित भवन, शौचालय और शिक्षकों जैसी जरूरी सुविधाओं पर ध्यान देने की बात कही जा रही है। जोधावास की बच्ची का सवाल अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधा देते? सिर्फ एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि बच्चों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य से जुड़ा सवाल बन गया है।