संजू सैमसन ने 22 गेंदों में ठोके 57 रन, आलोचनाओं पर भी दिया खुलकर जवाब
संजू सैमसन
अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 22 गेंदों में 57 रनों की तूफानी पारी खेली। इस पारी के दौरान उन्होंने 52 रन सिर्फ बाउंड्री से बनाए। सीरीज के पहले मुकाबले में संजू महज 10 रन बनाकर आउट हो गए थे, जिसके बाद टीम में उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे थे। ऐसे में दूसरे मैच में संजू सैमसन की यह पारी उनके लिए राहत लेकर आई है।
संजू सैमसन बोले- बाहर की बातें प्रभावित करती हैं
दूसरे टी20 के बाद संजू सैमसन ने अपनी आलोचनाओं और सोशल मीडिया ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने माना कि बाहर उनके बारे में होने वाली बातें उन तक पहुंचती हैं और उनका असर भी होता है। संजू ने कहा कि वह वाई-फाई बंद कर देते हैं, लेकिन जब वाई-फाई चालू होता है तो न चाहते हुए भी नोटिफिकेशन दिखाई देने लगते हैं। उनके मुताबिक, अब उन्हें यह काफी सामान्य लगता है।
आलोचनाओं से प्रभावित होना सामान्य है: संजू सैमसन
संजू सैमसन ने कहा कि भारत के क्रिकेटरों को बाहर होने वाली बातों से निश्चित रूप से प्रभावित होना पड़ता है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि खिलाड़ी के लिए अपनी मानसिकता को लेकर स्पष्ट होना जरूरी है। संजू ने कहा कि वह अब इतना परिपक्व और अनुभवी हो चुके हैं कि ऐसी चीजों को संभालना सीख गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले इन बातों से उन्हें ज्यादा दुख होता था, क्योंकि खिलाड़ी भी इंसान हैं और मशीन या रोबोट नहीं।
हर शॉट से पहले 10 बार सोचने लगते थे संजू
अपनी बल्लेबाजी पर बात करते हुए संजू सैमसन ने बताया कि अगर वह बाहरी चीजों पर ध्यान देते तो इस तरह बल्लेबाजी नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि कोई भी शॉट खेलने से पहले वह कई बार सोचते और मन में यह डर आता कि अगर आउट हो गए तो फिर वाई-फाई की वजह से परेशानी होगी। अब वह खुद को यही समझाते हैं कि आउट होने की चिंता करने के बजाय अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए।
वैभव सूर्यवंशी को प्रतिद्वंद्वी नहीं मानते संजू
टीम में ओपनिंग स्पॉट के लिए वैभव सूर्यवंशी की दावेदारी पर भी संजू सैमसन ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि ड्रेसिंग रूम में वह वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा को अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं मानते। संजू के मुताबिक, बाहरी दुनिया के लिए दोनों के बीच प्रतियोगिता हो सकती है, लेकिन टीम के अंदर सभी एक साथ देश के लिए खेलते हैं। उनका कहना है कि टीम का पहला लक्ष्य मैच जीतना है, उसके बाद खिलाड़ियों की व्यक्तिगत भूमिका आती है।
