No UPI Day 2026: 2 अक्टूबर को UPI का इस्तेमाल नहीं करेंगे व्यापारी, जानें क्या है पूरा मामला
No UPI Day 2026
UPI पर MDR यानी Merchant Discount Rate लगाने के प्रस्ताव के विरोध में देशभर के व्यापारियों ने No UPI Day 2026 मनाने का ऐलान किया है। 2 अक्टूबर को होने वाले इस विरोध को दिल्ली के मोबाइल कारोबारियों का भी समर्थन मिला है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के मुताबिक, दिल्ली मोबाइल एसोसिएशन और ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन भी इस अभियान में शामिल होंगे। देश के बड़े मोबाइल बाजार करोल बाग में भी व्यापारी इस दिन UPI के जरिए भुगतान नहीं लेने की बात कह रहे हैं।
दिल्ली समेत 2 हजार से ज्यादा जगहों पर विरोध का दावा
No UPI Day 2026 के तहत CTI ने दिल्ली और देशभर के दुकानदारों और व्यापारियों से UPI QR कोड, स्कैनर और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढककर विरोध जताने की अपील की है। संगठन ने व्यापारियों से इस दिन नकद में लेनदेन करने को कहा है। CTI का दावा है कि देशभर में 2 हजार से ज्यादा जगहों पर यह अभियान चलाया जाएगा। CTI 2 अक्टूबर को दिल्ली के लाजपत नगर मार्केट से इस अभियान की शुरुआत करेगा।
15 अक्टूबर से MDR प्रस्ताव का क्यों हो रहा विरोध?
व्यापारियों का विरोध 15 अक्टूबर 2026 से 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर MDR लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर है। CTI ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इससे देश के करीब 6 करोड़ दुकानदारों, व्यापारियों और उद्यमियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। CTI पदाधिकारियों का कहना है कि व्यापारी डिजिटल इंडिया के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कम मार्जिन वाले कारोबार पर अतिरिक्त लागत बढ़ने की चिंता है।
3 हजार के भुगतान पर 12 रुपये, 50 हजार पर 200 रुपये तक शुल्क
CTI के मुताबिक प्रस्तावित व्यवस्था में 3 हजार रुपये के UPI भुगतान पर 12 रुपये और 50 हजार रुपये के भुगतान पर 200 रुपये तक का शुल्क दुकानदार को देना होगा। बड़ी रकम पर शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये बताई गई है। संगठन के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में UPI के जरिए 24,162 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 314 लाख करोड़ रुपये रही। CTI के मुताबिक, इनमें 2 हजार रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन संख्या में करीब 4 फीसदी थे, लेकिन उनकी वैल्यू लगभग 131 लाख करोड़ रुपये थी।
No UPI Day 2026 के बाद क्या हो सकता है असर?
No UPI Day 2026 के जरिए व्यापारी इस प्रस्ताव के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं। CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने आशंका जताई है कि अगर 15 अक्टूबर से 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर MDR लगाया गया तो ऐसे भुगतान में 50 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है। CTI का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क बढ़ने पर व्यापारी और ग्राहक नकद लेनदेन की ओर लौट सकते हैं। संगठन ने सरकार से UPI को पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क रखने और प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
