नितेश ने रचा इतिहास, Asian Games 2026 में ग्रीको-रोमन कुश्ती का फाइनल हारकर जीता सिल्वर
Asian Games 2026
Asian Games 2026 में भारतीय पहलवान नितेश ने ग्रीको-रोमन कुश्ती में इतिहास रच दिया। गुरुवार, 1 अक्टूबर को मेंस ग्रीको-रोमन 97 किग्रा कैटेगरी के फाइनल में नितेश का मुकाबला जापान के यूरी नाकाजातो से हुआ। फाइनल मुकाबले में नाकाजातो ने नितेश को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। वहीं, नितेश को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
नितेश और यूरी नाकाजातो के बीच हुआ गोल्ड मेडल मुकाबला
नितेश के सामने फाइनल में जापान के यूरी नाकाजातो की चुनौती थी। दोनों पहलवान गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने थे। मुकाबले में नाकाजातो ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और नितेश को वापसी का मौका नहीं दिया। जापानी पहलवान ने एकतरफा अंदाज में मुकाबला 4-0 से अपने नाम किया और Asian Games 2026 का गोल्ड मेडल जीत लिया।
फाइनल में हार के बाद नितेश को मिला सिल्वर
गोल्ड मेडल मुकाबला गंवाने के बाद नितेश को सिल्वर मेडल मिला। हालांकि, फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन एशियन गेम्स के इस सफर में नितेश ने भारतीय ग्रीको-रोमन कुश्ती के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। फाइनल तक पहुंचना ही उनके लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया।
1962 के बाद फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पहलवान
नितेश ने फाइनल में पहुंचते ही इतिहास रच दिया था। वह 1962 के बाद एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान बने। यानी लंबे अंतराल के बाद किसी भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान ने एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल मुकाबले में जगह बनाई। इस उपलब्धि ने नितेश के प्रदर्शन को खास बना दिया।
नाकाजातो ने जीता गोल्ड, नितेश ने भारत को दिलाया सिल्वर
फाइनल का नतीजा जापान के पक्ष में रहा। यूरी नाकाजातो ने 4-0 की जीत के साथ Asian Games 2026 में गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। वहीं भारतीय पहलवान नितेश को सिल्वर मेडल मिला। मुकाबले में स्कोर भले ही नितेश के पक्ष में नहीं रहा, लेकिन फाइनल में पहुंचकर उन्होंने भारतीय ग्रीको-रोमन कुश्ती में एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की।
नितेश की ऐतिहासिक उपलब्धि बनी चर्चा का विषय
Asian Games 2026 में नितेश का फाइनल तक पहुंचना भारतीय कुश्ती के लिए महत्वपूर्ण रहा। 1962 के बाद पहली बार किसी भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान ने एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाई। गोल्ड मेडल मुकाबले में नाकाजातो से 4-0 से हार के बावजूद नितेश ने सिल्वर मेडल जीता और अपने नाम एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कराई।
