January 24, 2026

डीजीएमओ वार्ता: सीमा पर शांति की दिशा में पहल

10 मई 2025 की सुबह, भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने एक महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने हॉटलाइन पर बातचीत की इच्छा जताई थी। इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए, दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच दोपहर 3:35 बजे संवाद हुआ, जिसके परिणामस्वरूप शाम 5 बजे से दोनों पक्षों द्वारा सीमा पार से गोलीबारी और हवाई घुसपैठ बंद हो गई।

पृष्ठभूमि: बढ़ते तनाव और सैन्य कार्रवाई
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हो गई थी, जिसमें अधिकांश हिंदू पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी माना जाता है। इस घटना के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया।

हॉटलाइन वार्ता: संवाद की पहल
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि 10 मई की सुबह, जब वे पिछली रात की घटनाओं पर चर्चा कर रहे थे, उन्हें पाकिस्तान में अपने समकक्ष से हॉटलाइन पर एक संदेश मिला, जिसमें बातचीत की इच्छा जताई गई थी। भारत ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया, और दोपहर 3:35 बजे दोनों डीजीएमओ के बीच बातचीत हुई। इस संवाद के परिणामस्वरूप, शाम 5 बजे से दोनों पक्षों ने सीमा पार से गोलीबारी और हवाई घुसपैठ को बंद कर दिया।

संघर्ष विराम की बहाली: एक सकारात्मक कदम
इस वार्ता के बाद, दोनों देशों ने सीमा पर शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी उकसावे का माकूल जवाब देंगे, लेकिन शांति और स्थिरता के लिए संवाद के रास्ते खुले हैं।

भविष्य की दिशा: सतर्कता और संवाद
हालांकि वर्तमान में सीमा पर शांति है, लेकिन भारतीय सेना सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। डीजीएमओ स्तर की वार्ता से यह स्पष्ट होता है कि दोनों देश तनाव कम करने और शांति बनाए रखने के लिए संवाद को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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