भारत की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने भारतीय सेना के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये की आपातकालीन हथियार खरीद को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का उद्देश्य देश की सीमाओं और सुरक्षा ढांचे को हर संभव खतरे से बचाना और युद्ध जैसे आपातकालीन हालात में सेना को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करना है।
हथियारों की खरीद में शामिल हैं एडवांस ड्रोन
सरकार द्वारा स्वीकृत इस आपातकालीन हथियार खरीद के तहत सेना को एडवांस ड्रोन (Advanced Drones), फ्लोरल फायर मिसाइल (Floral Fire Missile) और नाइट विज़न डिवाइसेज़ (Night Vision Devices) उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन आधुनिक हथियारों और उपकरणों की डिलीवरी अगले 12 महीनों के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सेना हर प्रकार की स्थिति से निपटने में सक्षम हो।
सीमाओं पर बढ़ते खतरे और ड्रोन हमलों की बढ़ती घटनाएं
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब खासकर पंजाब और जम्मू-कश्मीर सीमाओं पर ड्रोन हमलों की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
ड्रोन का इस्तेमाल अब हथियारों की तस्करी और घुसपैठ के लिए किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चुनौतियां और बढ़ गई हैं।
यह तकनीकी हमले भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं, इसलिए सरकार ने अपनी सुरक्षा रणनीति को अपडेट करने और सेना को उच्च स्तरीय तकनीक से लैस करने का निर्णय लिया है।
फ्लोरल फायर मिसाइल और नाइट विज़न तकनीक की ताकत
फ्लोरल फायर मिसाइल अपनी सटीक निशानेबाज़ी के लिए जानी जाती है। यह दुश्मन के ठिकानों को प्रभावी ढंग से निशाना बनाकर कार्रवाई करती है, जिससे हानि और नुकसान कम से कम हो।
वहीं, नाइट विज़न डिवाइसेज़ सेना को रात के समय भी पूरी ताकत और दृश्य क्षमता प्रदान करती हैं, जिससे ऑपरेशन 24 घंटे निर्बाध रूप से किए जा सकते हैं।
एडवांस ड्रोन न केवल निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए जरूरी हैं, बल्कि ये जवाबी कार्रवाई में भी मददगार साबित होंगे। आधुनिक ड्रोन तकनीक से सेना को सीमाओं पर हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने और तत्परता से प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी।
भारत की रक्षा नीति में आत्मनिर्भरता और तत्परता का प्रतीक
यह हथियार खरीद केवल एक खरीद प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भारत की रक्षा नीति में आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) और तत्परता (Preparedness) को दर्शाती है।
भारत अब किसी भी परिस्थिति में अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा और अपनी सेना को हर स्तर पर सक्षम बनाएगा।
सरकार का यह कदम न केवल सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
देश के जवानों को अत्याधुनिक और विश्वसनीय तकनीक और उपकरण मिलने से उनकी लड़ाकू क्षमता और मनोबल दोनों बढ़ेंगे।
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