मुंबई। जब श्रद्धा और सोशल मीडिया की दुनिया आमने-सामने आती है, तो अक्सर सच्चाई धुंधली हो जाती है। कुछ ऐसा ही नज़ारा हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर देखने को मिला, जब विराट कोहली और अनुष्का शर्मा वृंदावन से लौटते हुए स्पॉट किए गए। यह वही वृंदावन था, जहां दोनों ने प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन किए थे और अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूरी कर वापस मुंबई लौट रहे थे।लेकिन एयरपोर्ट का एक छोटा-सा पल सोशल मीडिया पर इतना बड़ा मुद्दा बन गया कि बहस का तूफान खड़ा हो गया।
क्या है पूरा मामला?
मुंबई एयरपोर्ट पर विराट और अनुष्का को देखने के लिए फैन्स की भीड़ मौजूद थी। इसी दौरान एक दिव्यांग फैन सेल्फी लेने के लिए आगे बढ़ा। लेकिन सुरक्षा कारणों से सिक्योरिटी स्टाफ ने उसे रोक दिया। यह सब कुछ सेकेंड्स में हुआ और विराट कोहली आगे बढ़ते रहे।यहीं से सोशल मीडिया पर एक नया नैरेटिव बन गया।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
कुछ यूज़र्स ने वीडियो क्लिप्स के आधार पर सवाल उठाए—
- “वृंदावन में भक्ति और एयरपोर्ट पर arrogance?”
- “क्या विराट ने फैन को नज़रअंदाज़ किया?”
- “क्या सेलिब्रिटी होने के बाद इंसान बदल जाता है?”
- लेकिन सवाल यह है क्या कुछ सेकेंड का वीडियो पूरी सच्चाई बता सकता है?
क्या विराट ने जानबूझकर किया नजरअंदाज़?
यह मान लेना कि विराट ने जानबूझकर किसी दिव्यांग फैन को अनदेखा किया महज़ अनुमान (speculation) है, सच्चाई नहीं।विराट कोहली इससे पहले कई बार
- दिव्यांग फैन्स से मिले हैं
- बच्चों और प्रशंसकों के लिए समय निकाला है
- सार्वजनिक मंचों पर सम्मान और संवेदनशीलता दिखाई है
- ऐसे में एक एयरपोर्ट क्लिप के आधार पर उनके व्यक्तित्व पर सवाल उठाना नाइंसाफी है।
वृंदावन यात्रा और विराट-अनुष्का की श्रद्धा
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन करना विराट और अनुष्का की निजी आस्था का हिस्सा है। यह कोई पब्लिसिटी स्टंट नहीं, बल्कि उनका व्यक्तिगत आध्यात्मिक निर्णय है।श्रद्धा का मतलब यह नहीं होता कि व्यक्ति हर समय सार्वजनिक अपेक्षाओं के मुताबिक ही व्यवहार करे। भक्ति निजी होती है, प्रदर्शन नहीं।
सम्मान, श्रद्धा और सुरक्षा तीनों साथ चलते हैं
यह समझना ज़रूरी है कि श्रद्धा व्यक्ति का निजी मामला है सम्मान व्यवहार से झलकता है, न कि हर जगह रुकने से और सुरक्षा समझौते का विषय नहीं हो सकती विराट कोहली ने उस पल कोई बयान नहीं दिया, कोई प्रतिक्रिया नहीं दी क्योंकि कई बार चुप रहना ही ज़िम्मेदारी होती है।

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