February 12, 2026
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JNU में लगे पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारे

JNU: आज देश के भीतर एक ऐसे नारे लगाए गए जिसने एक बार फिर भारत की अखंडता और भारत की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक ऐसे नारे लगाए जिसने लोगो के बीच गहरे सवाल खड़े कर दिए है। और ये नारे लगाए गए है देश के प्रधानमंत्री और देश के गृह मंत्री के खिलाफ। और इसका कारण है सुप्रीम कोर्ट द्वारा किया गया एक फैसला। जिसके बाद सवाल उठता है कि क्या अब भारत में उच्च न्यायालए के फैसले का विरोध किया जाएगा। सवाल उठता है कि क्या न्याय प्रणाली से भी ऊपर कोई ताकत है क्या। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। अधिक और सटीक जानकारी के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

JNU में पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ लगाए गए ये नारे

जानकारी के लिए बता दे कि हाल ही में 2020 दिल्ली दंगे में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। आपको बता दे कि इसी फैसले के तहत जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्याल में इसी फैसले के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिला। JNU से उठ रहे हैं नारे न सिर्फ विरोध के है बल्कि धमकी के है! जेएनयू में नारे लगाए गए, ‘ABVP-RSS की कब्र खोदेंगे, प्रधानमंत्री की कब्र, गृह मंत्री की कब्र!’ सवाल उठता है कि क्या ये जिंदगियों का मज़ाक है या खुली चुनौती? और ये कोई पहली बार नहीं है! याद कीजिए 2016, साल 2016 में भी कुछ ऐसे ही नारे लगाए गए थे। “अफजल तेरे कातिल जिंदा हैं, हम शर्मिंदा हैं” ये नारे भारतीय न्यायपालिका के फैसले के खिलाफ लगे थे।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कही ये बात

लेकिन सवाल ये है कि क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी JNU में प्रोटेस्ट होगा? अगर सुप्रीम कोर्ट नहीं बचेगा तो फिर बचेगा क्या? ये वही लोग हैं जिन्हें ना संविधान पर भरोसा है, ना न्यायपालिका पर, बस संविधान का नाम लेते हैं। अपने आरोपियों को बचाने के लिए!और अब राजनीति देखिए! AAP के संजय सिंह कहते हैं। “सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करता हूं” और अगली लाइन में कहते है “लेकिन इन्हें जेल में नहीं रखना चाहिए!” दंगे करने वालों को जेल में नहीं रखना चाहिए तो फिर कहाँ रखनी चाहिए।

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