Prayagraj Magh Mela में संतों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनका समर्थन करने के लिए कंप्यूटर बाबा भी धरना स्थल पर पहुंचे और जमीन पर लेटकर विरोध दर्ज किया।
संगम नोज जाने से रोके जाने के बाद धरना
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद संगम नोज पर जाने की इच्छा जताने के बावजूद भारी भीड़ के कारण उन्हें जाने से रोका गया। इसके बाद शंकराचार्य अपने करीब 200 अनुयायियों के साथ उस क्षेत्र में गए, जहाँ पुलिस ने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों ने सुरक्षा बैरियर तोड़ने की कोशिश की।
Prayagraj Magh Mela: धरने के दौरान कंप्यूटर बाबा ने क्या कहा?
धरना स्थल पर जमीन पर लेटे कंप्यूटर बाबा ने कहा:
- “आज देश में संतों, शंकराचार्यों और सनातन धर्म का अपमान हो रहा है।”
- “माघ के महीने में प्रयागराज में संतों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है।”
- “सीएम योगी की सरकार में यह हो रहा है। मैं जनता से पूछना चाहता हूं, क्या यह सरकार का माघ कार्यक्रम है या संतों का?”
- “हम सब मिलकर ऐसी सरकार का विरोध करें जो संतों का अनादर कर रही है।”
- “शंकराचार्य के साथ जो अपमान हुआ, उसका हम कड़ा विरोध करते हैं।”
संजय सिंह ने कहा – धर्म और संवैधानिक मर्यादा पर हमला
सांसद संजय सिंह ने कहा कि Prayagraj Magh Mela में हुआ मामला केवल धर्म परायण संत को रोकने की घटना नहीं है, बल्कि संवैधानिक और धार्मिक मर्यादाओं को रौंदने का उदाहरण है। उन्होंने कहा:
- “धर्माचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस द्वारा रोकना और धक्का-मुक्की करना सत्ता के अहंकार का प्रदर्शन है।”
- “भाजपा और उसकी शासित पुलिस कानून की नहीं, राजनीतिक आदेशों की चौकीदार बन चुकी है।”
- “जो सरकार धर्म की आड़ में राजनीति करती है, वही आज विश्वभर में आदरणीय शंकराचार्य के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है।”
यूपी पुलिस पर निशाना
संजय सिंह ने यूपी पुलिस को लेकर कहा:
- “उत्तर प्रदेश की पुलिस अब संविधान से नहीं, सत्ता से संचालित हो रही है।”
- “सवाल पूछने वालों को रोको, विरोध करने वालों को दबाओ, और हर असहमति को ‘कानून-व्यवस्था’ का नाम देकर कुचल दो, यही भाजपा मॉडल है।”
- “धर्म, विचार और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला अब खुलकर हो रहा है। देश यह सब देख रहा है।

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