‘Board of Peace’: शहबाज शरीफ ने ट्रंप से बढ़ाई नजदीकियां, दुनिया भर में चर्चा का विषय
दावोस, स्विट्ज़रलैंड – दुनिया भर में चर्चा का केंद्र बने Board of Peace का औपचारिक ऐलान हो गया है। यह घोषणा दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के वार्षिक सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुआई में की गई। इस कार्यक्रम में सदस्य देशों के नेताओं ने Board of Peace के चार्टर डॉक्यूमेंट पर दस्तखत किए और इसकी लॉन्चिंग सेरेमनी में शामिल हुए। लेकिन इस लॉन्चिंग सेरेमनी में जो तस्वीर सबसे ज़्यादा ध्यान खींची, वह थी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ट्रंप के कान में फुसफुसाने की तस्वीर। Board of Peace की साइनिंग सेरेमनी के दौरान शहबाज ने अवसर मिलते ही ट्रंप से नजदीकियां बढ़ाने का मौका लपक लिया। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसका खुलासा नहीं हुआ, लेकिन ट्रंप ने उनके हाथ और कंधे पर हल्की थपथपाहट की, जो चर्चा का विषय बन गई।
20 देशों ने हिस्सा लिया, पश्चिमी देशों की दिलचस्पी कम
Board of Peace के स्थायी सदस्य बनने के लिए देशों को एक अरब डॉलर का योगदान देना होगा। ट्रंप ने इस बोर्ड में करीब 50–60 देशों को शामिल होने के लिए न्योता दिया था। ट्रंप ने दावा किया कि 59 देशों ने इसके चार्टर पर दस्तखत किए, लेकिन उद्घाटन समारोह में वास्तविक रूप से करीब 20 देशों के प्रतिनिधि ही मौजूद थे। इनमें ज्यादातर मिडिल ईस्ट के देश शामिल थे। Board of Peace को लेकर पश्चिमी देशों का उत्साह सीमित नजर आया। पश्चिमी देशों का प्रतिनिधित्व हासिल करने के लिए ट्रंप को काफी प्रयास करना पड़ा, जो इस पहल को लेकर अंतरराष्ट्रीय हिचक को दर्शाता है।
Board of Peace लॉन्च पर ट्रंप ने सदस्य देशों पर ली चुटकी
उद्घाटन समारोह में ट्रंप ने Board of Peace से जुड़े सदस्य देशों के नेताओं और राजनयिकों को संबोधित करते हुए कहा—“आप दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोग हैं। आप में से हर कोई मेरा दोस्त है।” उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि “इनमें से अधिकांश नेता बहुत चर्चित हैं, लेकिन कुछ लोकप्रिय भी हैं। राजनीति में ऐसा चलता रहता है।”
शहबाज–ट्रंप मुलाकात की खास तस्वीर
Board of Peace की लॉन्चिंग स्पीच के बाद सदस्य देशों के नेताओं ने चार्टर डॉक्यूमेंट पर दस्तखत किए। पाकिस्तान का नंबर आने पर शहबाज शरीफ साइन करने आए। उन्होंने ट्रंप से हाथ मिलाया और उनके कान में फुसफुसाते नजर आए। ट्रंप ने भी उनकी बात सुनी और फिर हाथ व कंधे पर हल्की थपथपाहट दी। हालांकि दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, यह सार्वजनिक नहीं हो सका।
Board of Peace समारोह में पाकिस्तान को मिली पीछे की सीट
लॉन्चिंग समारोह में पाकिस्तान को फ्रंट सीट नहीं मिली और शहबाज शरीफ को पीछे की सीट पर बिठाया गया। यह संकेत माना जा रहा है कि Board of Peace में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर कुछ सदस्य देशों में पहले से ही संदेह मौजूद है। इससे पहले इजरायल के भारतीय दूत रूवेन अजार ने कहा था कि गाजा में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर वे सहज नहीं हैं। उनका कहना था कि पाकिस्तान की धरती से संचालित होने वाले हमास और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े संबंध शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
Board of Peace: उद्देश्य और वैश्विक महत्व
शुरुआत में Board of Peace की स्थापना गाजा के पुनर्निर्माण और वहां शांति कायम करने के उद्देश्य से किए जाने की बात कही गई थी। लेकिन अब इसे एक वैश्विक शांति निकाय के रूप में पेश किया जा रहा है। भारत को भी इस पहल में शामिल होने का ऑफर दिया गया है, हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आने वाले समय में यह साफ होगा कि Board of Peace सिर्फ एक राजनीतिक पहल बनकर रह जाता है या वास्तव में वैश्विक शांति के लिए प्रभावी मंच साबित होता है।

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