Category: मनोरंजन

  • दीपिका पादुकोण बनी भारत की पहली मेंटल हेल्थ एंबेसडर, बढ़ाएंगी मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता

    दीपिका पादुकोण बनी भारत की पहली मेंटल हेल्थ एंबेसडर, बढ़ाएंगी मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता

    कभी अपने दर्द को शब्दों में बयां करना सबसे मुश्किल होता है। और जब कोई बड़ा नाम खुलकर अपने दिल की बात कहे… तो लाखों लोगों को हिम्मत मिलती है। दीपिका पादुकोण, बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री, ने ग्लैमर की दुनिया के पीछे अपने व्यक्तिगत संघर्ष को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने खुद डिप्रेशन झेला है। यही से शुरू हुआ उनका मिशन – मेंटल हेल्थ अवेयरनेस फैलाने का।

    देश की पहली मेंटल हेल्थ एंबेसडर
    अब उसी जज़्बे को एक और बड़ा प्लेटफॉर्म मिला है। भारत सरकार ने दीपिका पादुकोण को नियुक्त किया है – देश की पहली मेंटल हेल्थ एंबेसडर के रूप में। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि दीपिका के साथ यह साझेदारी मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाएगी और इस पर खुली बातचीत को नॉर्मल बनाएगी।

    पूरे देश में मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा का प्रसार
    अब दीपिका, मंत्रालय के साथ मिलकर पूरे देश में मेंटल हेल्थ एजुकेशन फैलाने का काम करेंगी। वे सरकार के Tele MANAS जैसे कार्यक्रमों को भी प्रमोट करेंगी। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को, हर जगह, मानसिक सहायता आसानी से मिल सके। दीपिका का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बातचीत करना बेहद ज़रूरी है।

    दीपिका का व्यक्तिगत अनुभव और प्रेरणा
    दीपिका ने कहा, “भारत के पहले मानसिक स्वास्थ्य राजदूत के रूप में सेवा करना मेरे लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है और मैं इस बदलाव का हिस्सा बनकर खुश हूं।”
    वे बताती हैं कि जब कोई उनके पास आता है और कहता है, “आपने मेरी ज़िंदगी बदल दी” या “आपने मेरी बेटी की मदद की,” तो उस एहसास की तुलना किसी चीज़ से नहीं की जा सकती।

    उम्मीद की रोशनी बनकर दीपिका
    आज दीपिका सिर्फ बॉलीवुड स्टार नहीं हैं। वह बन चुकी हैं उम्मीद की एक रोशनी उन लाखों लोगों के लिए, जो चुपचाप अपने अंदर मानसिक संघर्ष लड़ रहे हैं। उनका काम सिर्फ जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को सामान्य विषय के रूप में स्थापित करना भी है।

  • बॉलीवुड स्टार्स ने 10 अक्टूबर 2025 को करवा चौथ पर मनाई धूमधाम और ग्लैमर वाली रात

    बॉलीवुड स्टार्स ने 10 अक्टूबर 2025 को करवा चौथ पर मनाई धूमधाम और ग्लैमर वाली रात

    हर साल की तरह इस साल भी 10 अक्टूबर 2025 को करवा चौथ का त्योहार बॉलीवुड में बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। यह त्योहार केवल व्रत रखने का दिन नहीं बल्कि बॉलीवुड हस्तियों के लिए फैशन, स्टाइल और परंपरा का शानदार मिलन भी साबित हुआ। सितारों ने अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना करते हुए पारंपरिक परिधान पहने और सोशल मीडिया पर खूबसूरत तस्वीरें साझा कीं।

    अनिल कपूर के घर पर भव्य आयोजन
    अभिनेता अनिल कपूर और उनकी पत्नी सुनीता कपूर के मुंबई स्थित आवास पर हर साल की तरह इस बार भी करवा चौथ का भव्य आयोजन हुआ। इस मौके पर बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। शाम ग्लैमर और परंपरा का संगम बनी रही। समारोह में बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्रियों ने पारंपरिक पोशाकों में अपने अलग-अलग अंदाज का परिचय दिया।

    शिल्पा शेट्टी का स्टाइलिश लुक
    हमेशा की तरह शिल्पा शेट्टी ने इस आयोजन में अपने स्टाइलिश अंदाज से सबका ध्यान खींचा। उन्होंने पारंपरिक लाल साड़ी की जगह लाल अनारकली और सफेद घाघरे का खूबसूरत कॉम्बिनेशन पहना। डायमंड ज्वेलरी और मांग में सिंदूर सजाकर शिल्पा बेहद खूबसूरत लग रही थीं। उन्होंने अपने सेलिब्रेशन का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें सभी अभिनेत्रियां पूजा की थाली घुमाते हुए नजर आईं।

    रवीना टंडन और मीरा राजपूत का पारंपरिक अंदाज
    येलो रंग की साड़ी में रवीना टंडन का लुक बेहद आकर्षक रहा। उन्होंने अपने बालों का जूड़ा बनाकर उसमें गेंदे का गजरा लगाया, जो उनके पारंपरिक लुक को और भी निखार रहा था। वहीं, शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत ने लाल साड़ी में सादगी और खूबसूरती का परिचय दिया। उन्होंने इस मौके पर वरुण धवन की पत्नी नताशा दलाल और कपूर खानदान की अन्य बहुओं के साथ त्योहार मनाया।

    नताशा दलाल का एलिगेंट अंदाज
    वरुण धवन की पत्नी नताशा दलाल ने पारंपरिक लाल रंग से अलग, सफेद रंग की ड्रेस पहनी। उनका यह लुक बहुत ही एलिगेंट और आकर्षक नजर आया। नताशा ने सोशल मीडिया पर अपने फैन्स के साथ इस खूबसूरत पल को साझा किया।

    टीवी और नए जोड़े का पहला करवा चौथ
    टीवी एक्ट्रेस हिना खान ने अपने पति रॉकी जायसवाल के साथ अपना पहला करवा चौथ मनाया। उन्होंने हाथों में मेहंदी रचाई और लाल सूट में अपनी खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। वहीं, ‘पवित्र रिश्ता’ फेम अंकिता लोखंडे ने पति विक्की जैन के साथ लाल साड़ी में पारंपरिक अंदाज में करवा चौथ मनाया।

    सांस्कृतिक और फैशन का जश्न
    इस साल का करवा चौथ न केवल परंपरा का प्रतीक था, बल्कि बॉलीवुड फैशन का भी शानदार उदाहरण रहा। सोशल मीडिया पर सितारों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं और फैंस ने उनके लुक्स की जमकर तारीफ की। यह दिन दर्शाता है कि बॉलीवुड में ग्लैमर और संस्कृति का संगम हमेशा ही रंग लाता है।

  • पवन सिंह ने तोड़ी चुप्पी: पत्नी ज्योति सिंह विवाद, जनता के प्रति भावनाओं का किया सम्मान..

    पवन सिंह ने तोड़ी चुप्पी: पत्नी ज्योति सिंह विवाद, जनता के प्रति भावनाओं का किया सम्मान..

    भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह का विवाद हाल ही में सुर्खियों में रहा। ज्योति सिंह द्वारा उठाए गए सवालों और हंगामे के बाद पवन सिंह ने अब अपने पक्ष से मामले पर चुप्पी तोड़ी है। पवन सिंह ने स्पष्ट किया कि जनता उनके लिए भगवान है और वह उनकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचा सकते।

    पवन सिंह का पक्ष

    पवन सिंह ने बताया कि ज्योति सिंह खुद उनके घर आई थीं और करीब 1.5 घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान ज्योति बार-बार यह मांग करती रहीं कि पवन उन्हें चुनाव लड़वाएँ। पवन सिंह ने साफ कहा कि यह उनके बस की बात नहीं थी और उन्होंने ऐसा करना उचित नहीं समझा। इसके अलावा पवन ने बताया कि पुलिस को बुलाने का निर्णय उन्होंने नहीं लिया था; पुलिस पहले से ही वहाँ मौजूद थी ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

    पारिवारिक मामला या राजनीतिक चाल?

    अब सवाल यह उठता है कि यह मामला केवल पारिवारिक विवाद है या इसमें राजनीतिक चाल भी शामिल है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि पवन और ज्योति सिंह के बीच चल रहे तनाव को राजनीतिक लाभ के लिए बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, पवन सिंह ने अपने बयान में इस बात को स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य जनता के विश्वास और सम्मान को बनाए रखना है।

    भोजपुरी इंडस्ट्री पर असर

    पवन सिंह का यह विवाद न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन पर असर डालता है बल्कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके प्रशंसक और मीडिया दोनों इस मामले पर लगातार नजर रखे हुए हैं। पवन सिंह ने अपने बयान में यह भी बताया कि उनकी प्राथमिकता हमेशा उनके फैन्स और जनता रही है, और वह किसी भी तरह से उनकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाना चाहते।

    भले ही मामला पारिवारिक हो या राजनीतिक, पवन सिंह ने इसे स्पष्ट कर दिया है कि उनका फोकस जनता और उनके फैन्स पर है। विवाद के बीच भी उन्होंने अपने नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि यह मामला किस दिशा में बढ़ता है और इसके राजनीतिक या व्यक्तिगत परिणाम क्या होते हैं।

  • अंशुला कपूर की सगाई: बॉयफ्रेंड रोहन ठक्कर संग ‘गोर थाना’ रस्म, कपूर परिवार संग जश्न…

    अंशुला कपूर की सगाई: बॉयफ्रेंड रोहन ठक्कर संग ‘गोर थाना’ रस्म, कपूर परिवार संग जश्न…

    बॉलीवुड के नामचीन परिवारों में से एक कपूर फैमिली इन दिनों खुशियों में डूबी हुई है। अर्जुन कपूर की बहन और बोनी कपूर की बेटी अंशुला कपूर ने 2 अक्टूबर को अपने लंबे समय के बॉयफ्रेंड रोहन ठक्कर से सगाई कर ली।

    इस मौके पर पूरे कपूर परिवार ने मिलकर इस खुशगवार पल को सेलिब्रेट किया। सगाई की झलकियाँ सोशल मीडिया पर साझा की गईं, जो फैंस के बीच तेजी से वायरल हो रही हैं।

    गोर थाना रस्म से सजी महफ़िल

    इस खास मौके पर पारंपरिक गोर थाना रस्म निभाई गई। इस रस्म में गुड़ और धनिया का आदान-प्रदान किया जाता है, जिसे रिश्ते की मिठास और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

    अंशुला ने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा – “ये सिर्फ हमारा गोर धाणा नहीं था, बल्कि हर छोटे पल में छलकता प्यार था। रो के ‘Always and Forever’ आज सच होते नजर आए।”

    पूरे कपूर परिवार की मौजूदगी

    सगाई समारोह में कपूर परिवार के लगभग सभी सदस्य शामिल हुए। सोनम कपूर जाह्नवी कपूर, खुशी कपूर, शनाया कपूर और अन्य परिवारजन इस मौके पर मौजूद रहे।

    रंग-बिरंगे परिधानों, पारंपरिक रस्मों और खुशी से भरे चेहरों ने इस जश्न को और भी खास बना दिया। कपूर परिवार की ये एकजुटता एक बार फिर सामने आई, जिससे ये जश्न मीडिया की सुर्खियों में छा गया।

    सोशल मीडिया पर छाया प्यार और जश्न

    अंशुला और रोहन की सगाई की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स Instagram, Facebook और Twitter पर खूब शेयर की जा रही हैं। फैंस इस प्यारे जोड़े को शुभकामनाएं दे रहे हैं और कपूर परिवार की एकजुटता की तारीफ कर रहे हैं। यह सगाई सिर्फ दो लोगों के रिश्ते की शुरुआत नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए नई खुशियों का संदेश है।

    अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की सगाई ने कपूर परिवार में खुशियों का माहौल बना दिया है। गोर धाणा रस्म ने इस रिश्ते की पारंपरिक और आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ा दिया।

    यह जश्न न सिर्फ कपूर परिवार, बल्कि फैंस के लिए भी खुशी का कारण बना। सचमुच, यह रिश्ता प्यार, विश्वास और नई शुरुआत की सुंदर मिसाल है।

  • काजोल के हाथ पकड़ने पर पंडाल में बवाल, बॉडीगार्ड की हरकत से सोशल मीडिया में हंगामा

    काजोल के हाथ पकड़ने पर पंडाल में बवाल, बॉडीगार्ड की हरकत से सोशल मीडिया में हंगामा

    बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस काजोल हर साल की तरह इस बार भी दुर्गा पूजा के उत्सव में पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल हुईं। नॉर्थ बॉम्बे सर्बोजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में काजोल लगातार मां दुर्गा के दर्शन करती रहीं। उन्होंने पूजा-अर्चना के दौरान सिंदूर खेला, पारंपरिक रस्मों में हिस्सा लिया और परिवार के साथ विजयादशमी का जश्न मनाया।

    वायरल हुआ सोशल मीडिया वीडियो

    विजयादशमी के मौके पर हुए इस उत्सव में एक सहज लेकिन चौंकाने वाला वाकया हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ के बीच सीढ़ियों से उतरते समय अचानक काजोल के बॉडीगार्ड ने उनका हाथ पकड़कर ऊपर की ओर खींच लिया। इस घटना से काजोल थोड़ी घबरा गईं और वहां मौजूद लोग भी चौंक गए।

    सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ

    वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ लोगों ने बॉडीगार्ड की गलती बताई और कहा कि सुरक्षा कर्मियों को इस तरह की हरकत नहीं करनी चाहिए। वहीं कुछ यूजर्स ने इसे काजोल की गलती मानते हुए कहा कि भीड़ और सीढ़ियों का ध्यान रखना भी जरूरी था।

    काजोल की पारंपरिक शैली और फैशन

    इस अवसर पर काजोल ने पारंपरिक साड़ी पहनी थी और परिवार के साथ श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। उनकी इस पारंपरिक अंदाज ने फैंस का दिल जीत लिया। उनके सोशल मीडिया पोस्ट और वायरल वीडियो ने भी दुर्गा पूजा की महिमा और उत्सव का उत्साह साझा किया।

    सुरक्षा और आयोजन पर ध्यान

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सेलिब्रिटीज की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन कितना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े पंडालों और भीड़ वाले आयोजनों में सुरक्षा कर्मियों को संयमित और सतर्क रहना चाहिए ताकि ऐसी अनहोनी घटनाएँ न हों।

    काजोल का दुर्गा पूजा उत्सव न केवल श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने दर्शकों को चौंका भी दिया। यह घटना याद दिलाती है कि सेलिब्रिटीज की सुरक्षा और सार्वजनिक आयोजनों का प्रबंधन दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। इसके बावजूद, काजोल की पारंपरिक पूजा और परिवार के साथ उनका उत्साह पूरे फैंस के लिए प्रेरणादायक रहा।

  • विशाल ब्रह्मा गिरफ्तार: ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ स्टार ड्रग्स केस में फंसा, जानें पूरी कहानी…

    विशाल ब्रह्मा गिरफ्तार: ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ स्टार ड्रग्स केस में फंसा, जानें पूरी कहानी…

    बॉलीवुड अभिनेता विशाल ब्रह्मा को चेन्नई एयरपोर्ट से 40 करोड़ रुपये की अवैध ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया। जानें कैसे नाइजीरियन गैंग ने उन्हें फंसाया और क्या है उनका बॉलीवुड करियर।

    विशाल ब्रह्मा गिरफ्तार: ड्रग्स केस में बड़ा खुलासा

    बॉलीवुड एक्टर विशाल ब्रह्मा ने हाल ही में विवादों में अपने नाम को जोड़ लिया है। उन्हें चेन्नई एयरपोर्ट से 40 करोड़ रुपये की अवैध नशीली दवा मेथाक्वालोन के साथ गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी इस मामले में जांच कर रहे हैं और पता चला है कि विशाल असल में एक नाइजीरियन गैंग के जाल में फंस गए थे।

    सूत्रों के अनुसार, विशाल को हॉलिडे के लिए कंबोडिया जाने का लालच दिया गया था। वापसी के समय उनसे कहा गया कि वह एक ट्रॉली बैग लेकर आएं। यह बैग ड्रग्स से भरा हुआ था। फिलहाल, DRI (रिवेन्यू इंटेलिजेंस निदेशालय) अधिकारी नाइजीरियन गैंग की तलाश कर रहे हैं।

    कौन है विशाल ब्रह्मा?

    विशाल ब्रह्मा बॉलीवुड में एक सपोर्टिंग एक्टर के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने 2019 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ में टाइगर श्रॉफ, तारा सुतारिया और अनन्या पांडे के साथ काम किया था। उनके किरदार सम्राट को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

    इसके अलावा, उन्होंने फिल्म ‘बिहू अटैक’ में भी काम किया है। विशाल सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं और अक्सर जिम और वर्कआउट वीडियो पोस्ट करते रहते हैं। उनके फॉलोअर्स उनकी फिटनेस और लाइफस्टाइल कंटेंट को काफी पसंद करते हैं।

    कैसे फंसे विशाल ब्रह्मा?

    विशाल असम के रहने वाले हैं और वह सिंगापुर गए थे। वहीं से चेन्नई लौटते समय उन्हें DRI ने गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में पता चला कि एक नाइजीरियन गैंग ने उन्हें पैसों का लालच देकर इस जाल में फंसाया।

    विशाल के करीबी सूत्रों के अनुसार, यह पूरी योजना पहले से बनाई गई थी। उन्हें विश्वास दिलाया गया कि यह एक सामान्य ट्रैवल बैग है, जबकि असल में वह ड्रग्स से भरा हुआ था।

    बॉलीवुड में प्रतिक्रियाएं और सोशल मीडिया हलचल

    विशाल ब्रह्मा की गिरफ्तारी की खबर के बाद सोशल मीडिया पर लोग अपने-अपने अंदाज़ में प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बॉलीवुड फैंस और आम लोग दोनों ही मामले पर चर्चा कर रहे हैं। कुछ लोग उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कई लोग इसे एक बड़ा चेतावनी मामला मान रहे हैं।

    बॉलीवुड में पिछले कुछ सालों में कई ड्रग्स और मेथाक्वालोन मामले सामने आ चुके हैं। इस मामले ने फिर से इंडस्ट्री में सुरक्षा और जागरूकता की जरूरत को रेखांकित किया है।

    विशाल ब्रह्मा का मामला यह दर्शाता है कि नए और युवा एक्टर्स भी बड़े जाल में फंस सकते हैं। यह घटना न सिर्फ उनके करियर पर असर डाल सकती है, बल्कि इंडस्ट्री में ड्रग्स के बढ़ते खतरे को भी उजागर करती है। DRI और पुलिस की जांच अभी जारी है और नाइजीरियन गैंग को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं।

  • संजय कपूर की मौत के बाद कपूर खानदान में विवाद, करिश्मा और मंधिरा ने साझा की भावनाएँ

    संजय कपूर की मौत के बाद कपूर खानदान में विवाद, करिश्मा और मंधिरा ने साझा की भावनाएँ

    संजय कपूर के निधन के बाद कपूर खानदान में संपत्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। संजय की संपत्ति और बच्चों के हक को लेकर परिवार के बीच कानूनी जंग चल रही है। करिश्मा कपूर अपने बच्चों के भविष्य और हक के लिए कोर्ट में पूरी तरह डटी हुई हैं। यह मामला मीडिया और फैंस के लिए भी काफी संवेदनशील बन गया है।

    मंधिरा कपूर का इंटरव्यू और भावनाएँ

    इस विवाद के बीच संजय कपूर की बहन मंधिरा कपूर ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया। उन्होंने बताया कि वह, उनकी मां रानी कपूर और करिश्मा रोज़ाना बातचीत करती हैं। उनका मकसद सिर्फ एक है—इस टूटते परिवार को बचाना। मंधिरा ने कहा, “बिल्कुल, करिश्मा को अपने बच्चों के हक की लड़ाई करनी चाहिए और वो करेंगी। आखिरकार संजय उनके बच्चों के पिता थे।”

    यह भी पढ़ें : सूर्यकुमार यादव विवाद ICC में PCB की शिकायत और फैसला आज, क्रिकेट फैंस बेताब

    रानी कपूर की हालत और परिवार की संवेदनशीलता

    80 साल की उम्र में रानी कपूर अभी भी बेटे के निधन के ग़म में हैं। उन्हें बार-बार कोर्ट के चक्कर और संपत्ति विवाद के झटके झेलने पड़ रहे हैं। मंधिरा ने कहा कि यह पूरे परिवार के लिए बेहद कठिन दौर है। इस समय परिवार को भावनात्मक और मानसिक सहारा बहुत जरूरी है।

    करिश्मा कपूर की लड़ाई और बच्चों का हक

    करिश्मा कपूर ने स्पष्ट किया है कि वह अपने बच्चों के हक के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ न्याय पाना और अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना है। कानूनी प्रक्रिया के दौरान करिश्मा ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ संयम और समझदारी बनाए रखने की कोशिश की है।

    परिवार में एकजुटता की कोशिश

    मंधिरा कपूर और रानी कपूर लगातार कोशिश कर रही हैं कि विवाद परिवार के रिश्तों को पूरी तरह न तोड़े। वे करिश्मा और बच्चों के साथ मिलकर एकजुटता बनाए रखने की दिशा में काम कर रही हैं। मंधिरा का मानना है कि परिवार में प्यार और सहानुभूति बनाए रखने से ही यह कठिन समय पार किया जा सकता है।

    मीडिया और सार्वजनिक दृष्टि

    संजय कपूर के निधन और संपत्ति विवाद ने मीडिया और फैंस का ध्यान खींचा है। सभी चाहते हैं कि इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकले। परिवार की भावनाएँ और संवेदनाएँ इस समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।

  • दिलजीत दोसांझ की फिल्म सरदार जी 3 विवाद देशभक्ति के नाम पर सेंसरशिप और आलोचना

    दिलजीत दोसांझ की फिल्म सरदार जी 3 विवाद देशभक्ति के नाम पर सेंसरशिप और आलोचना

    देश में एक अजीब ट्रेंड चल पड़ा है। क्रिकेट हो या सिनेमा, हर चीज़ पर देशभक्ति का लेबल चिपकाना अब ज़रूरी हो गया है। इसी बीच गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म सरदार जी 3 का मामला सुर्खियों में है। फिल्म रिलीज़ ही नहीं हो पाई और इसकी वजह पहलगाम का आतंकी हमला बताई जा रही है।

    दिलजीत की चुप्पी टूटी

    लेकिन हाल ही में मलेशिया के अपने कॉन्सर्ट में दिलजीत ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने साफ़ कहा कि फिल्म की शूटिंग हमले से पहले हो चुकी थी और भारत-पाक मैच उसके बाद खेला गया। उन्होंने सवाल उठाया कि इसमें उन्होंने कब और कहाँ ग़लत किया। उनका कहना था, “मैच तो हो गया, लेकिन फिल्म नहीं। शायद क्रिकेट बॉल देशभक्ति पास कर देती है और फिल्म का टिकट फेल हो जाता है।”

    मीडिया और राष्ट्रवाद की परीक्षा

    दिलजीत ने आगे कहा कि राष्ट्रीय मीडिया ने उन्हें राष्ट्र-विरोधी दिखाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पंजाबी और सिख कभी भी देश के खिलाफ नहीं जा सकते। सोचिए, आदमी मंच पर खड़ा होकर तिरंगे को सलाम कर रहा है, और फिर भी उसे देशद्रोही साबित करने की ठेका कुछ लोगों ने ले लिया।

    शांतिपूर्वक प्रतिक्रिया और सीख

    दिलजीत ने बताया कि उनके पास कई जवाब हैं, लेकिन उन्होंने चुप रहना सीखा। उनका संदेश है कि “ज़हर को अंदर मत लो।” इसका मतलब है कि आलोचना, गलतफहमी और कड़वी टिप्पणियाँ सहन करना सीखना ही जरूरी है।

    फिल्म और समाज पर सवाल

    असल में मामला इतना सीधा है दिलजीत दोसांझ सिंगर-एक्टर हैं, लेकिन उन्हें हर बार राष्ट्रवादी प्रमाणपत्र के लिए परीक्षा देनी पड़ती है। और भाई, ये परीक्षा तो UPSC से भी कठिन लगती है। सवाल ये उठता है कि फिल्में बनाने वाले कब तक इस प्रमाणपत्र के लिए लाइन में खड़े रहेंगे? और दर्शक कब तक ये देखेंगे कि हीरो परदे पर क्या कर रहा है, उससे पहले उसकी देशभक्ति की मार्कशीट कहाँ है?दिलजीत का मामला सिर्फ़ फिल्म की रिलीज़ या विवाद तक सीमित नहीं है। यह समाज में बढ़ती देशभक्ति के नाम पर सेंसरशिप और आलोचना की प्रवृत्ति को उजागर करता है। इससे स्पष्ट होता है कि कला और मनोरंजन के क्षेत्र में संतुलन और समझदारी की कितनी आवश्यकता है।

  • 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: भारतीय सिनेमा का भव्य उत्सव

    71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: भारतीय सिनेमा का भव्य उत्सव

    सितारों से सजी एक ऐतिहासिक शाम

    दिल्ली के विज्ञान भवन में 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन भारतीय सिनेमा के लिए एक यादगार पल बन गया। इस भव्य समारोह में भारत सरकार ने सिनेमा जगत की दिग्गज हस्तियों को सम्मानित किया, जो रचनात्मकता, प्रतिभा और विविधता का प्रतीक बना। यह आयोजन न केवल पुरस्कारों का वितरण था, बल्कि भारतीय सिनेमा के विविध रंगों का उत्सव भी था।

    शाहरुख और विक्रांत ने जीता सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब

    इस बार का समारोह कई मायनों में खास रहा। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान को उनके 33 साल के करियर में पहली बार फिल्म ‘जवान’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। उनकी दमदार परफॉर्मेंस ने दर्शकों और जूरी दोनों का दिल जीता। वहीं, विक्रांत मैसी ने ‘12वीं फेल’ में अपनी प्रेरणादायक भूमिका के लिए यह सम्मान साझा किया। दोनों कलाकारों की अभिनय क्षमता ने इस श्रेणी को और भी खास बना दिया।

    71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा, इन फिल्मों की चमकी किस्मत, शाहरुख खान,  रानी मुखर्जी और विक्रांत मेसी जीते - India TV Hindi

    रानी मुखर्जी और मोहनलाल की बड़ी जीत

    सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार रानी मुखर्जी ने फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ में अपने प्रभावशाली अभिनय के लिए हासिल किया। समारोह की सबसे बड़ी हाइलाइट रही साउथ के सुपरस्टार मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए, जिसने इस आयोजन को और भी गरिमामय बनाया।

    करण जौहर से लेकर ‘हनु-मान’ तक: अन्य प्रमुख विजेता

    करण जौहर की फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ ने सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का पुरस्कार जीता, जो इसकी व्यापक लोकप्रियता का प्रमाण है। ‘12वीं फेल’ ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का खिताब अपने नाम किया। सुदीप्तो सेन को ‘द केरल स्टोरी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार मिला, जबकि ‘कटहल’ ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का अवॉर्ड हासिल किया। साउथ की ब्लॉकबस्टर ‘हनु-मान’ ने वीएफएक्स और एक्शन डायरेक्शन जैसी तकनीकी श्रेणियों में अपनी छाप छोड़ी।

    राहुल गांधी की नई रणनीति: बिहार में कांग्रेस का जोरदार आगाज़

    चयन प्रक्रिया और जूरी की भूमिका

    इस बार पुरस्कारों के लिए 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 के बीच रिलीज हुई 332 फीचर फिल्में और 115 नॉन-फीचर फिल्में नामित हुई थीं। मशहूर फिल्ममेकर आशुतोष गोवारिकर की अध्यक्षता में जूरी ने कठिन चयन प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त को अपनी रिपोर्ट सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को सौंपी। बच्चों की फिल्मों से लेकर डॉक्यूमेंट्री तक, हर श्रेणी में उत्कृष्टता को सम्मानित किया गया।

    सिनेमा का एक अनूठा उत्सव

    71वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह केवल पुरस्कारों का मंच नहीं था, बल्कि भारतीय सिनेमा की विविधता और रचनात्मकता का एक शानदार उत्सव था। बड़े नाम, प्रभावशाली कहानियां और ऐतिहासिक फैसलों ने इस समारोह को सिनेमा प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय बना दिया।

  • 71वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2023: शाहरुख, रानी और विक्रांत ने जीता दिल और सम्मान

    71वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2023: शाहरुख, रानी और विक्रांत ने जीता दिल और सम्मान

    नई दिल्ली में भव्य समारोह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 24 सितंबर 2025 को 71वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित हुआ। इस खास अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सम्मानित किया। ये पुरस्कार 2023 में रिलीज़ हुई उत्कृष्ट फिल्मों और उनके योगदान को समर्पित थे। इस बार समारोह में भारतीय सिनेमा के तीन बड़े सितारे—शाहरुख खान, रानी मुखर्जी और विक्रांत मैसी—छाए रहे। साथ ही, दक्षिण भारतीय सुपरस्टार मोहनलाल को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से नवाज़ा गया। यह दिन भारतीय सिनेमा के लिए गर्व और उत्सव का प्रतीक बन गया।

    71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार लिस्ट: शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, विक्रांत  मैसी ने मारी बाजी, जानें किसे किस कैटेगरी में मिला अवार्ड

    शाहरुख खान: पहला नेशनल अवॉर्ड, नई ऊंचाई

    शाहरुख खान को उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जवान’ के लिए बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। यह उनके करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है, जो उनकी मेहनत और अभिनय की गहराई का प्रमाण है। ‘जवान’ ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर 1000 करोड़ से अधिक की कमाई की, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी जगह बनाई। शाहरुख का दमदार अभिनय और फिल्म का सामाजिक संदेश इस पुरस्कार का आधार बना। यह सम्मान उनके लिए एक राष्ट्रीय पहचान और करियर की नई उपलब्धि है।

    रानी मुखर्जी: मां की लड़ाई का सम्मान

    रानी मुखर्जी ने ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ में अपने शानदार अभिनय के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार जीता। यह फिल्म एक सच्ची कहानी पर आधारित है, जिसमें एक मां अपने बच्चों को वापस पाने के लिए सिस्टम से लड़ती है। रानी का भावनात्मक और सशक्त अभिनय दर्शकों और आलोचकों दोनों को प्रभावित करने में सफल रहा। इस पुरस्कार ने उनके अभिनय की गहराई और समर्पण को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया। रानी की यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा में महिलाओं की मजबूत कहानियों को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

    विक्रांत मैसी: सादगी से जीता दिल

    विक्रांत मैसी ने ‘12वीं फेल’ में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए शाहरुख खान के साथ बेस्ट एक्टर का पुरस्कार साझा किया। यह फिल्म एक साधारण लड़के के आईपीएस अधिकारी बनने की प्रेरणादायक सच्ची कहानी है। कम बजट में बनी इस फिल्म ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया। विक्रांत की सादगी और ईमानदारी भरी एक्टिंग ने उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार का हकदार बनाया। उनकी यह उपलब्धि युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा है।

    मोहनलाल को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार

    दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज मोहनलाल को भारतीय सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा की विविधता और समृद्धि को दर्शाती है।

    भारतीय सिनेमा का गौरवशाली पल

    71वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा। शाहरुख, रानी, विक्रांत और मोहनलाल जैसे सितारों के सम्मान ने साबित किया कि मेहनत, सच्चाई और कला का कोई विकल्प नहीं। यह समारोह न केवल कलाकारों की प्रतिभा को सेलिब्रेट करता है, बल्कि भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान को भी मजबूत करता है।