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  • सुप्रीम कोर्ट का आवारा कुत्तों पर फैसला: जस्टिस विक्रम नाथ की मजाकिया टिप्पणी

    सुप्रीम कोर्ट का आवारा कुत्तों पर फैसला: जस्टिस विक्रम नाथ की मजाकिया टिप्पणी

    सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

    हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों से संबंधित एक पुराने फैसले को पलटकर एक नया और महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने की। 22 अगस्त 2025 को दिए गए इस फैसले में कोर्ट ने 11 अगस्त के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली-एनसीआर से उठाए गए आवारा कुत्तों को आश्रयों से वापस नहीं छोड़ा जाना चाहिए। इस पुराने फैसले के खिलाफ पशु कल्याण कार्यकर्ताओं और कुत्ते प्रेमियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया था।

    नए आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आवारा कुत्तों को उसी स्थान पर वापस लौटाया जाना चाहिए, जहां से उन्हें उठाया गया था, लेकिन यह प्रक्रिया केवल टीकाकरण और नसबंदी के बाद ही पूरी की जानी चाहिए। यह निर्णय पशु कल्याण दिशानिर्देशों के अनुरूप है और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस फैसले ने न केवल पशु प्रेमियों के बीच राहत की लहर दौड़ाई, बल्कि जस्टिस विक्रम नाथ को भी सुर्खियों में ला दिया।

    जस्टिस विक्रम नाथ की मजाकिया टिप्पणी

    लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस विक्रम नाथ ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम में एक कार्यक्रम में इस मामले पर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “इतने वर्षों तक मुझे कानूनी क्षेत्र में मेरे छोटे-मोटे काम के लिए जाना जाता था, लेकिन मैं उन आवारा कुत्तों का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में नागरिक समाज के बीच पहचान दिलाई।” इस मजाकिया टिप्पणी ने सभागार में मौजूद लोगों को हंसा दिया और सोशल मीडिया पर भी यह बयान खूब वायरल हुआ।

    जस्टिस नाथ ने वर्तमान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई को इस मामले को सौंपने के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने हंसते हुए कहा, “मैं अपने सीजेआई को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे यह केस सौंपा। मुझे बहुत खुशी हुई। अब भारत के बाहर के लोग भी मुझे जानते हैं।” उनकी इस टिप्पणी ने उनके व्यक्तित्व की सादगी और हास्य की भावना को उजागर किया।

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    फरवरी 2027 में बनेंगे सीजेआई

    जस्टिस विक्रम नाथ फरवरी 2027 में भारत के चीफ जस्टिस बनने वाले हैं। उनकी इस उपलब्धि से पहले ही उनके नेतृत्व में लिए गए इस फैसले ने उन्हें वैश्विक स्तर पर चर्चा में ला दिया है। यह निर्णय न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पशु कल्याण और मानव-पशु सह-अस्तित्व के प्रति संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।

    पशु कल्याण के प्रति सुप्रीम कोर्ट की प्रतिबद्धता

    सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पशु कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नए आदेश में यह सुनिश्चित किया गया है कि आवारा कुत्तों को नुकसान न पहुंचे और उन्हें टीकाकरण व नसबंदी के बाद सुरक्षित रूप से उनके मूल स्थान पर वापस लौटाया जाए। यह निर्णय पशु कल्याण संगठनों और कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी जीत है, जिन्होंने पुराने फैसले के खिलाफ आवाज उठाई थी।

  • भारत में कोविड-19 मामलों में वृद्धि: स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क

    भारत में कोविड-19 मामलों में वृद्धि: स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क

    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोविड-19 के सक्रिय मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मंगलवार को सक्रिय मामलों की संख्या 4,000 के पार पहुंच गई, जो तीन दिन पहले 3,000 के स्तर पर थी। पिछले 24 घंटों में 65 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें केरल (1,416), महाराष्ट्र (494), और गुजरात (397) में सबसे अधिक मामले सामने आए। दिल्ली (393), पश्चिम बंगाल (372), कर्नाटक (311), तमिलनाडु (215), और उत्तर प्रदेश (138) में भी तिहरे अंकों में नए मामले दर्ज हुए। इस अवधि में 512 मरीज ठीक हुए या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई।

    कोविड-19 से होने वाली मौतें

    पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से पांच मौतें हुईं। केरल में एक 80 वर्षीय पुरुष की मृत्यु हुई, जो गंभीर निमोनिया, तीव्र श्वसन संकट सिंड्रोम, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, और कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित थे। महाराष्ट्र में दो मौतें हुईं, जिनमें एक 70 वर्षीय और एक 73 वर्षीय महिला शामिल थीं, जो मधुमेह और उच्च रक्तचाप से ग्रस्त थीं। तमिलनाडु में एक 69 वर्षीय महिला की मृत्यु हुई, जो टाइप 2 डायबिटीज और पार्किंसंस रोग से पीड़ित थीं। पश्चिम बंगाल में 43 वर्षीय एक महिला की मृत्यु तीव्र कोरोनरी सिंड्रोम, सेप्टिक शॉक, और तीव्र किडनी इंजरी के कारण हुई।

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    राज्यों में कोविड-19 की स्थिति

    केरल, महाराष्ट्र, और गुजरात के अलावा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, और उत्तर प्रदेश में भी कोविड-19 मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। शनिवार को सक्रिय मामले 3,395 थे, जो सोमवार को बढ़कर 3,961 हो गए, और मंगलवार को 4,000 के पार पहुंच गए। केरल में सबसे अधिक मामले हैं, इसके बाद महाराष्ट्र और दिल्ली का स्थान है। ठंड का मौसम और त्योहारी सीजन इस वृद्धि के प्रमुख कारण हो सकते हैं।

    स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क रहने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, और टीकाकरण इस स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण हैं। नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे सावधानी बरतें और स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करें। मंत्रालय ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

    आगे की राह

    कोविड-19 की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टीकाकरण और जागरूकता अभियान तेज किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि सावधानी नहीं बरती गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और उपचार शुरू करें।

  • भारत में कोविड-19: 257 सक्रिय मामले, सतर्कता जरूरी

    भारत में कोविड-19: 257 सक्रिय मामले, सतर्कता जरूरी

    भारत में कोविड-19 के मामलों में हाल ही में वृद्धि देखी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम अपडेट के अनुसार, देश में वर्तमान में 257 सक्रिय मामले हैं। दिल्ली, हरियाणा, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से नए मामले सामने आए हैं। हालांकि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार (सीएबी) का पालन करने की अपील की है। यह लेख आपको देश में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति, राज्यों में मामलों की संख्या, लक्षण और स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।

    राज्यों में कोविड-19 मामलों की स्थिति
    विभिन्न राज्यों में कोविड-19 के मामलों की स्थिति इस प्रकार है:

    कर्नाटक: कर्नाटक में 35 सक्रिय मामले हैं, जिनमें से 32 बेंगलुरु से हैं। हाल ही में एक नौ महीने के बच्चे में भी कोविड-19 के लक्षण पाए गए हैं। पिछले 20 दिनों में मामलों में धीमी वृद्धि देखी गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
    आंध्र प्रदेश: इस राज्य में चार नए मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन विशाखापत्तनम और एक कडप्पा से हैं। स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने कहा कि राज्य पूरी तरह तैयार है, और स्थानीय स्वास्थ्य इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है। पर्याप्त जांच किट उपलब्ध हैं।
    केरल: केरल में कोविड-19 का सबसे अधिक प्रभाव देखा गया है, जहां मई में 273 मामले दर्ज किए गए। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शुरुआती लक्षणों की तुरंत रिपोर्टिंग और जिला स्तर पर सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया है। लोगों को अनावश्यक अस्पताल यात्राओं से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
    उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद के ट्रांस-हिंडन क्षेत्र से चार नए मामले सामने आए हैं। तीन मरीजों को घर पर आइसोलेशन में रखा गया है, जबकि एक का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने संपर्क ट्रेसिंग शुरू कर दी है और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
    हरियाणा: हरियाणा में चार हल्के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें सभी मरीज घर पर आइसोलेशन में हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि टीकाकरण के कारण वायरस की गंभीरता कम हो गई है।

    कोविड-19 के प्रमुख लक्षण
    वर्तमान लहर में ओमिक्रॉन के JN.1 उप-प्रकार का प्रभुत्व है, जो ज्यादातर हल्के लक्षणों का कारण बनता है। इनमें शामिल हैं:

    हल्का बुखार
    गले में सूखापन या दर्द
    खांसी
    शारीरिक दर्द
    थकान और सिरदर्द
    नाक बहना
    हल्का दस्त
    कमजोर व्यक्तियों में सांस लेने में तकलीफ
    उल्टी की प्रवृत्ति
    लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाना और चिकित्सक से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह
    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 से बचाव के लिए निम्नलिखित सलाह जारी की है:

    बंद स्थानों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें।
    लक्षण दिखने पर अनावश्यक यात्रा से बचें।
    कोविड-19 के लक्षण होने पर तुरंत जांच करवाएं।
    हाथ की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
    टीकाकरण और बूस्टर खुराक की स्थिति को अद्यतन रखें।