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  • एशिया कप 2025 फाइनल के बाद विवाद ट्रॉफी ठुकराई, चेक फेंका, क्रिकेट की गरिमा पर सवाल

    एशिया कप 2025 फाइनल के बाद विवाद ट्रॉफी ठुकराई, चेक फेंका, क्रिकेट की गरिमा पर सवाल

    एशिया कप 2025 का फाइनल मुकाबला जितना रोमांचक रहा, उससे ज़्यादा विवादास्पद साबित हुई अवॉर्ड सेरेमनी।मैच के बाद दुबई के मैदान पर जो घटनाएं घटीं, उन्होंने खेल भावना और क्रिकेट की गरिमा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

    सलमान आगा का गुस्सा चेक हवा में, सम्मान ज़मीन पर

    पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा, जिनकी टीम फाइनल में हार गई, $75,000 का रनर-अप चेक लेने के लिए मंच पर पहुंचे।
    लेकिन स्टेज पर आते ही उन्होंने जो किया, उसने सबको चौंका दिया वह मंच पर असंतुलित और नाराज़ दिखे, और चेक को गुस्से में फेंक दिया।ये घटना ऐसे वक्त पर हुई जब माहौल पहले से ही तनावपूर्ण और असहज था।उनके इस बर्ताव को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं कुछ लोग इसे भावनात्मक प्रतिक्रिया बता रहे हैं, तो कुछ इसे असभ्य और गैर-पेशेवर व्यवहार मान रहे हैं।

    भारतीय टीम का ट्रॉफी लेने से इनकार

    विवाद यहीं खत्म नहीं हुआभारतीय टीम, जो विजेता रही, ने ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ट्रॉफी देने पहुंचे, तो भारतीय खिलाड़ी स्टेज पर नहीं आए।मोहसिन नक़वी को ट्रॉफी लेकर अकेले ही स्टेज से नीचे उतरना पड़ा, और ये पल कैमरे में कैद होकर वायरल हो गया।इस इनकार के पीछे की वजहें अभी साफ नहीं हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक भारतीय कैंप में आयोजन और सम्मान की प्रक्रियाओं को लेकर गहरी नाराज़गी थी।

    क्रिकेट का असली चेहरा क्या है?

    एक दौर था जब हार के बाद खिलाड़ी सिर झुकाकर ट्रॉफी लेते थे और मैदान से सम्मान के साथ जाते थे।लेकिन अब, जब मंच पर चेक फेंका जाए और ट्रॉफी ठुकराई जाए, तो ये सोचने की ज़रूरत है क्या क्रिकेट अब भी “जेंटलमेन का गेम” है?

  • आरसीबी की ऐतिहासिक जीत: ई साला कप नमदु!

    आरसीबी की ऐतिहासिक जीत: ई साला कप नमदु!

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के प्रशंसकों का 18 साल का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। आईपीएल 2025 के फाइनल में आरसीबी ने पंजाब किंग्स को 6 रनों से हराकर पहली बार खिताब अपने नाम किया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में दोनों टीमें बिना किसी आईपीएल ट्रॉफी के आमने-सामने थीं। इस जीत ने न केवल आरसीबी के प्रशंसकों के सपनों को साकार किया, बल्कि एक नए नारे को भी जन्म दिया—“ई साला कप नमदु!” यानी, कन्नड़ में “इस साल कप हमारा है।”

    हर आईपीएल सीजन से पहले आरसीबी के प्रशंसक उत्साह के साथ नारा लगाते थे—“ई साला कप नमदे,” जिसका मतलब है “इस साल कप हमारा होगा।” लेकिन हर बार हार के बाद यह नारा ट्रोलिंग का हिस्सा बन जाता था। तीन बार आईपीएल फाइनल (2009, 2011, 2016) और एक बार चैंपियंस लीग फाइनल में हारने वाली आरसीबी ने इस बार इतिहास रच दिया। 18वें सीजन में कप्तान रजत पटीदार के नेतृत्व में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और पंजाब किंग्स को रोमांचक मुकाबले में मात दी।

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    फाइनल में आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। जवाब में पंजाब किंग्स की टीम 184 रन ही बना सकी। इस जीत के बाद स्टेडियम में जश्न का माहौल था। विराट कोहली और टीम के अन्य खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। कोई छाती पर चढ़ा तो कोई एक-दूसरे पर कूद पड़ा। प्रशंसकों की खुशी का ठिकाना नहीं था।

    जीत के बाद कप्तान रजत पटीदार ने पोस्ट-मैच इंटरव्यू में गर्व के साथ कहा, “ई साला कप नमदु!” इस नारे ने प्रशंसकों के दिलों को छू लिया। आरसीबी के पूर्व दिग्गज एबी डिविलियर्स ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर किया, जिसमें “ई साला कप नमदे” को “ई साला कप नमदु” में बदला गया था। यह नारा अब आरसीबी की जीत का प्रतीक बन गया है।

    यह जीत आरसीबी के लिए केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि 18 साल की मेहनत, लगन और प्रशंसकों के विश्वास की जीत है। टीम ने न केवल मैदान पर बल्कि प्रशंसकों के दिलों में भी अपनी जगह और मजबूत की है। इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया कि सपने तब तक अधूरे नहीं रहते, जब तक हार न मान ली जाए।