Tag: मूसलाधार बारिश

  • देशभर में मूसलाधार बारिश: दिल्ली-एनसीआर से यूपी तक अलर्ट जारी

    देशभर में मूसलाधार बारिश: दिल्ली-एनसीआर से यूपी तक अलर्ट जारी

    पहाड़ों से लेकर मैदानों तक, पूरे देश में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। पिछले दो दिनों में राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के शहरों में भारी बारिश देखने को मिली है, जिसके कारण दिल्ली के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने 30 जुलाई 2025 के लिए कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का हाल और तापमान का अनुमान।

    दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश की संभावना

    राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आज आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के आनंद विहार, दक्षिणी दिल्ली, पीतमपुरा, लक्ष्मीनगर, रोहिणी और उत्तरी दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस बारिश के बाद तापमान में कमी आने की उम्मीद है, जिससे दिल्लीवासियों को उमस से राहत मिल सकती है। दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। झांसी, ललितपुर, आगरा, जालौन, महोबा और हमीरपुर में भारी बारिश की संभावना है, साथ ही इन क्षेत्रों में बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा बरेली, बांदा, अलीगढ़, हरदोई, कानपुर, चित्रकूट, उन्नाव, कन्नौज, कानपुर देहात, फतेहपुर और बिजनौर में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। निवासियों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है।

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    बिहार में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान

    बिहार में भी बारिश का दौर जारी है। राजधानी पटना सहित अररिया, सुपौल, किशनगंज, बेगूसराय, शेखपुरा, नालंदा, खगड़िया और गया में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बांका, वेस्ट चंपारण, ईस्ट चंपारण, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, सिवान, गोपालगंज, सारण, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और मधुबनी में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बिहार में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

    देश के प्रमुख शहरों में तापमान का हाल

    मौसम विभाग ने देश के प्रमुख शहरों के लिए तापमान का अनुमान जारी किया है। मुंबई में अधिकतम 29 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री, कोलकाता में 28 डिग्री और 27 डिग्री, चेन्नई में 37 डिग्री और 28 डिग्री, रांची में 27 डिग्री और 23 डिग्री, अहमदाबाद में 29 डिग्री और 26 डिग्री, जयपुर में 27 डिग्री और 25 डिग्री, शिमला में 22 डिग्री और 19 डिग्री, भोपाल में 25 डिग्री और 22 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने की संभावना है।

    सावधानी और तैयारियां जरूरी

    भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने लोगों से निचले इलाकों में सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। बारिश के इस दौर में यातायात और बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।

  • अलवर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, शहर बना जलसागर

    अलवर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, शहर बना जलसागर

    अलवर में बारिश का कहर: सड़कें बनीं नदी, घर-हॉस्पिटल सब जलमग्न

    राजस्थान के अलवर शहर में मंगलवार को मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। बारिश की रफ्तार और तीव्रता इतनी अधिक रही कि कुछ ही घंटों में शहर के कई हिस्से पानी-पानी हो गए। मुख्य सड़कों से लेकर अस्पताल और स्कूल तक जलमग्न हो गए। हालात ऐसे बने कि लोगों को घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया।

    शहर के प्रमुख इलाके डूबे, सड़कों पर दो-दो फीट पानी

    अलवर के अशोक टॉकीज, मनु मार्ग, घंटाघर, एसएमडी चौराहा, काली मोरी, होप सर्कस और स्वर्ग रोड जैसे प्रमुख बाजार और सार्वजनिक स्थल जलभराव की चपेट में आ गए। सड़कों पर दो फीट तक पानी जमा हो गया जिससे यातायात पूरी तरह बाधित रहा। कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    अस्पताल, कॉलोनियों और दुकानों में पानी का प्रवेश

    सबसे चिंताजनक स्थिति राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय परिसर में देखी गई जहां एक फीट तक पानी भर गया। अंबेडकर नगर, बिजली घर चौराहा और जेल चौराहा जैसे इलाकों की कॉलोनियों में पानी की निकासी नहीं होने से लोगों के घरों में पानी घुस गया। व्यापारिक क्षेत्रों जैसे चूड़ी मार्केट में दुकानों में पानी भर जाने से व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

    एरोड्रम रोड पर ढाई फीट पानी, स्कूलों में सन्नाटा

    एरोड्रम रोड पर करीब ढाई फीट तक पानी भर गया। कई बाइक और कारें बंद हो गईं। वहीं ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद जैसे ही स्कूल खुले, बारिश ने वहां भी असर दिखाया। धवाला गांव के सरकारी स्कूल में मुख्य द्वार और कमरे तक पानी में डूबे रहे। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सीमा शर्मा ने बताया कि जल्द जल निकासी की व्यवस्था की जाएगी।

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    झरनों पर उमड़ी भीड़, खतरे के बीच मस्ती

    अलवर शहर की भौगोलिक बनावट, जो पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है, ने हालात को और विकट बना दिया। पहाड़ियों से भारी मात्रा में पानी नीचे आया और कृष्ण कुंड व सागर जलाशय लबालब हो गए। इन झरनों का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां उमड़ पड़े। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं।

    मौसम विभाग की रिपोर्ट: अलवर में सर्वाधिक बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार, अलवर में इस सीजन की अब तक की सबसे तेज बारिश रिकॉर्ड की गई है:

    • अलवर शहर: 80 मिमी
    • सोडावास: 52 मिमी
    • रामगढ़: 45 मिमी
    • लक्ष्मणगढ़: 42 मिमी
    • कठूमर: 38 मिमी
    • मालाखेड़ा: 29 मिमी
    • बहादरपुर: 21 मिमी
    • जयसमंद: 16 मिमी

  • बेंगलुरु में मूसलाधार बारिश से जलभराव, सड़कें और घर जलमग्न प्रशासन ने राहत कार्य तेज किए

    बेंगलुरु में मूसलाधार बारिश से जलभराव, सड़कें और घर जलमग्न प्रशासन ने राहत कार्य तेज किए

    बेंगलुरु। टेक सिटी के नाम से मशहूर बेंगलुरु इस समय भारी बारिश और जलभराव की मार झेल रहा है। बीते 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूब गई हैं और कई घरों में पानी घुस गया है। कर्नाटक सरकार ने स्थिति को गंभीर मानते हुए प्रशासन को निर्देश दिया है कि राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

    किन इलाकों में है सबसे ज्यादा असर?

    कोरमंगला, माराठाहल्ली, वाइटफील्ड और हेलालुरु जैसे रिहायशी और आईटी हब वाले इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। निचले इलाकों में पानी का स्तर 2-3 फीट तक पहुंच गया है, जिससे वाहन पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। एक प्राचीन मंदिर में भी पानी भर गया, जिससे पूजा-पाठ ठप हो गया है।

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     प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?

    बीडीए, बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) और NDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।पंपिंग मशीनें, बोट्स और राहत शिविर की व्यवस्था की जा रही है। प्रभावित परिवारों को फूड पैकेट, मेडिकल सहायता और टेम्पररी शेल्टर उपलब्ध कराया जा रहा है।

    लोगों ने सोशल मीडिया पर जताई चिंता

    लोगों ने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर बारिश और जलभराव की तस्वीरें साझा की हैं। कई लोगों ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और सरकार से स्थायी समाधान की मांग की है। कर्नाटक सरकार का बयान राज्य सरकार ने कहा है प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को हर संभव मदद दी जाएगी।

    स्मार्ट सिटी को चाहिए स्मार्ट समाधान

    बारिश और जलभराव ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारी महानगरों की इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्था वाकई तैयार है? बेंगलुरु जैसी आधुनिक नगरी को जलभराव से निजात दिलाने के लिए दीर्घकालिक योजना जरूरी है।