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  • तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी से पूछे 12 तीखे सवाल, बिहार दौरे से पहले किया वार

    तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी से पूछे 12 तीखे सवाल, बिहार दौरे से पहले किया वार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार दौरे पर हैं और सिवान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस साल में यह उनका पांचवां और बीते 20 दिनों में दूसरा दौरा है। वहीं, इस दौरे से पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए 12 सीधे सवाल दागे हैं। इन सवालों के ज़रिए तेजस्वी ने बिहार की बदहाली, एनडीए सरकार की कथित विफलताओं और विकास के दावों पर सवाल खड़े किए हैं।

    तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी से पूछा, “आदरणीय प्रधानमंत्री जी, सुना है झूठ और जुमलों की बारिश करने आप फिर बिहार आ रहे हैं। इस अवसर पर आपसे कुछ सवाल हैं, जिनका जवाब आज आप अपने भाषण में जरूर दें।”

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    तेजस्वी यादव के 12 सवालों की मुख्य बातें:

    1. घोषणाओं की पुनरावृत्ति: क्या पीएम मोदी 2015 से अब तक की अधूरी घोषणाओं को फिर से दोहराएंगे?
    2. बिहार की स्थिति: 20 सालों से बिहार और 11 सालों से केंद्र में एनडीए की सरकार होने के बावजूद बिहार गरीबी, बेरोजगारी और प्रति व्यक्ति आय में सबसे पीछे क्यों है?
    3. लालू यादव की उपलब्धियां: क्या पीएम मोदी सारण के लोगों को बताएंगे कि लालू प्रसाद यादव ने जेपी विश्वविद्यालय और तीन रेलवे फैक्ट्री जैसे विकास कार्य किए?
    4. कानून-व्यवस्था पर सवाल: क्या वे बताएंगे कि एनडीए के शासन में 65,000 से अधिक हत्याएं और 25,000 से अधिक बलात्कार हुए?
    5. नीतीश कुमार की भूमिका: क्या पीएम मोदी नीतीश कुमार की ‘अचेत अवस्था’ पर कुछ कहेंगे, जैसा उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री पर कहा था?
    6. ‘नेशनल दामाद आयोग’: क्या गठबंधन के कथित ‘दामादों’ को मंच पर सम्मानित किया जाएगा?
    7. लचर कानून व्यवस्था: क्या पीएम मोदी सीएम आवास और राजभवन के बाहर होने वाली गोलीबारी पर बात करेंगे?
    8. भ्रष्टाचार और घोटाले: क्या वह बताएंगे कि 20 सालों में 2 लाख करोड़ से ज्यादा की लूट और 100 से अधिक घोटाले क्यों हुए?
    9. जन सरोकार के मुद्दे: गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और पलायन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर क्या बोलेंगे?
    10. सरकारी कर्मचारियों पर दबाव: क्या उन्हें पता है कि आंगनवाड़ी, आशा, जीविका दीदी जैसी कार्यकर्ताओं पर जबरन रैली में भीड़ लाने का दबाव डाला जा रहा है?
    11. लोगों की आर्थिक हालत: गरीब कर्मचारी कैसे अपने खर्चे पर गाड़ी लेकर आएंगे? प्रशासन गाड़ी नंबर मांगकर उन्हें क्यों परेशान कर रहा है?
    12. ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप की भूमिका: क्या पीएम बताएंगे कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सेना को क्यों रोका गया और ट्रंप सीजफायर में कैसे बीच में आ गए?

    तेजस्वी यादव के इन सवालों ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। अब सभी की निगाहें पीएम मोदी की सिवान रैली पर हैं कि क्या वे इन सवालों का कोई जवाब देंगे या फिर इन्हें नजरअंदाज करते हुए चुनावी रुख में विपक्ष पर निशाना साधेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की सियासत इन सवालों के बाद किस दिशा में जाती है।

  • पटना में फिर चली गोलियां, दो युवकों की हत्या; लालू यादव ने नीतीश सरकार पर उठाए सवाल

    पटना में फिर चली गोलियां, दो युवकों की हत्या; लालू यादव ने नीतीश सरकार पर उठाए सवाल

    बिहार की राजधानी पटना से एक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मंगलवार सुबह विक्रम थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने बाइक सवार दो युवकों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब एक दिन पहले ही पटना में एक नर्स और उसकी बेटी की हत्या की खबर ने राज्य को झकझोर दिया था।

    सड़क किनारे खड़ी बाइक और खून से लथपथ लाशें

    यह घटना मंझौली-सिंघाड़ा रोड की है, जहां सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने सड़क किनारे खड़ी एक बाइक देखी। जब उन्होंने आसपास देखा तो दो युवकों की खून से सनी लाशें पड़ी हुई थीं। घटना की सूचना मिलते ही बिक्रम थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने एफएसएल (फॉरेंसिक टीम) को भी घटनास्थल पर बुलाया है।

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    बिहार में बढ़ते अपराध पर लालू यादव का हमला

    बिहार में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:

    नीतीश बतावें कि शाम पांच बजे से पहले घर में घुसकर ही कितनी हत्याएं हो रही हैं

    लालू यादव ने राज्य में बढ़ते अपराधों को लेकर सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए और कहा कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं रह गया है।

    लगातार हो रही वारदातें, दहशत में आम जनता

    राज्य में पिछले कुछ दिनों में हत्या, लूट और अपहरण की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। पटना समेत कई जिलों में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। इससे पहले सोमवार को ही एक नर्स और उसकी बेटी की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।पुलिस की कार्रवाई जारी, पर अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे बिक्रम पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय इनपुट के जरिए आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    जनता में डर, विपक्ष में गुस्सा

    जहां आम जनता लगातार भय के माहौल में जी रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की मांग कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी नीतीश सरकार की कानून-व्यवस्था पर जमकर आलोचना हो रही है।क्या बिहार में अपराध वाकई बेलगाम हो गया है?क्या नीतीश कुमार की सरकार से जनता का भरोसा डगमगा रहा है?

  • वक्फ संशोधन विधेयक पर AIMPLB के प्रदर्शन में शामिल लालू यादव

    वक्फ संशोधन विधेयक पर AIMPLB के प्रदर्शन में शामिल लालू यादव

    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शामिल हुए। इस विधेयक का AIMPLB सहित कई मुस्लिम संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है, जिसे समुदाय के अधिकारों में दखल बताया जा रहा है।

    लालू यादव ने क्या कहा?

    लालू प्रसाद यादव ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विधेयक मुस्लिम समाज के धार्मिक और सामाजिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा  हम हमेशा वंचित वर्गों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े रहेंगे। यह विधेयक उनके अधिकारों को छीनने का प्रयास है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    AIMPLB  और अन्य संगठनों का विरोध

    AIMPLB के सदस्यों का कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास करता है, जिससे धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता खतरे में पड़ सकती है। बोर्ड के महासचिव ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन है, जो धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है।

    बिहार में राजनीतिक माहौल गरमाया

     

    लालू यादव के इस प्रदर्शन में शामिल होने से बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया, जबकि राजद और महागठबंधन के अन्य नेताओं ने इसे अल्पसंख्यकों के हक की लड़ाई बताया।

    क्या है वक्फ संशोधन विधेयक?

    वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर लाए गए इस विधेयक में सरकार को अधिक अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। मुस्लिम संगठनों का आरोप है कि इससे वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार का हस्तक्षेप बढ़ जाएगा । लालू प्रसाद यादव का इस प्रदर्शन में शामिल होना यह दर्शाता है कि बिहार में आगामी चुनावों से पहले अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर अन्य राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया आती है।