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  • भारत-बहरीन उच्च संयुक्त आयोग: अंतरिक्ष, फिनटेक, रक्षा में नई साझेदारी, ई-वीज़ा शुरू!

    भारत-बहरीन उच्च संयुक्त आयोग: अंतरिक्ष, फिनटेक, रक्षा में नई साझेदारी, ई-वीज़ा शुरू!

    ऐतिहासिक बैठक: मनामा में जयशंकर की बहरीन यात्रा

    विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बहरीन की राजधानी मनामा में भारत–बहरीन उच्च संयुक्त आयोग (High Joint Commission) की तीसरी बैठक में हिस्सा लिया। दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, संस्कृति के साथ-साथ अंतरिक्ष, फिनटेक और टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने पर सहमति जताई। जयशंकर ने 21वें मनामा डायलॉग के सफल आयोजन और आगामी GCC अध्यक्षता के लिए बहरीन को बधाई दी।

    5,000 साल पुराना रिश्ता: व्यापार से सांस्कृतिक बंधन तक

    डॉ. जयशंकर ने कहा:

    “भारत और बहरीन के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संबंध हैं, जो व्यापार और लोगों के गहरे रिश्तों से जुड़े हैं।”

    बहरीन के विदेश मंत्री ने भी इसे 5,000 साल पुरानी साझेदारी बताया। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग को क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि का आधार माना।

    नए क्षेत्रों में क्रांति: अंतरिक्ष, फिनटेक, ई-वीज़ा

    बैठक में कई ठोस कदम उठाए गए:

    • ई-वीज़ा सुविधा: बहरीन नागरिकों के लिए भारत ने ई-वीज़ा शुरू किया, जिससे पर्यटन और व्यापारिक यात्राएं आसान होंगी।
    • निवेश आमंत्रण: बहरीन के निवेशकों को भारत में अवसर तलाशने को कहा गया। जल्द द्विपक्षीय निवेश संधि और संयुक्त कार्य समूह गठित होंगे।
    • नई तकनीक: अंतरिक्ष सहयोग, फिनटेक और डिजिटल टेक्नोलॉजी में साझेदारी बढ़ेगी।

    रक्षा और समुद्री सुरक्षा: नौसेना का दौरा अहम

    भारत की नौसेना ने हाल ही में बहरीन का दौरा किया, जो समुद्री सुरक्षा में दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करता है। जयशंकर ने भारतीय समुदाय (लगभग 3.5 लाख) की देखभाल के लिए बहरीन सरकार को धन्यवाद दिया।

    क्षेत्रीय शांति: गाज़ा योजना को भारत का समर्थन

    जयशंकर ने गाज़ा शांति योजना के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया और कहा:

    “भारत स्थायी शांति और स्थिरता का पक्षधर है।”

    बहरीन ने UNSC कार्यकाल में क्षेत्रीय शांति को प्राथमिकता देने का वादा किया। दोनों देशों ने आतंकवाद, उग्रवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई।

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    भविष्य की मजबूत नींव: सकारात्मक और सार्थक बैठक

    बैठक को दोनों पक्षों ने “सार्थक और सकारात्मक” बताया। बहरीन के विदेश मंत्री ने कहा:

    “हम भारत के साथ रिश्तों को और गहराई तक ले जाना चाहते हैं।”

    यह बैठक भारत-खाड़ी सहयोग को नई ऊंचाई देगी। आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश, तकनीक और सुरक्षा में अभूतपूर्व प्रगति होगी।

  • इंडोनेशिया ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को सराहा, सांस्कृतिक संबंधों को सहयोग का मजबूत आधार बताया

    इंडोनेशिया ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को सराहा, सांस्कृतिक संबंधों को सहयोग का मजबूत आधार बताया

    दक्षिण एशिया में भारत की आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और दृढ़ नीति को अब वैश्विक स्तर पर समर्थन मिल रहा है। हाल ही में इंडोनेशिया, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है, ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति की सराहना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।

    इंडोनेशिया के प्रभावशाली इस्लामिक संगठन नहदलातुल उलेमा के कार्यकारी बोर्ड के चेयरमैन केएच उलिल अबशार अब्दाला ने स्पष्ट किया कि इस्लाम शांति का धर्म है और आतंकवाद को इससे जोड़ना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे मुस्लिम समुदाय की छवि को भी नुकसान होता है।

    अबशार अब्दाला ने कहा, “कुछ संगठन इस्लाम के नाम पर हिंसा को बढ़ावा देते हैं, जबकि वास्तव में आतंकवाद का सबसे बड़ा नुकसान मुस्लिम समुदाय को ही होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम की गलत व्याख्या करके हिंसा को वैध ठहराने की कोशिश पूरी तरह निंदनीय है।

    भारत-इंडोनेशिया सहयोग: सांस्कृतिक संबंधों पर बल

    अब्दाला ने भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा किया है। आज जब दुनिया आतंकवाद जैसी वैश्विक चुनौती से जूझ रही है, ऐसे में भारत और इंडोनेशिया का एकजुट होना बहुत महत्वपूर्ण है।

    इंडोनेशिया की राजनीतिक पार्टी नेशनल मैंडेट पार्टी (PAN) ने भी भारत के रुख का समर्थन किया। 29 मई 2025 को जकार्ता में भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से हुई मुलाकात के दौरान PAN नेताओं ने कहा कि आतंकवाद को धर्म या जाति से जोड़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने भारत के पहलगाम हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भारत के साथ पूर्ण समर्थन की बात दोहराई।

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    भारतीय प्रतिनिधिमंडल की पहल: वैश्विक मंच पर भारत का दृष्टिकोण

    जनता दल (यू) के सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 20 से अधिक मित्र देशों के राजनयिकों से मुलाकात की। इस दौरान सभी ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया और भारत के रुख की सराहना की।

    भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि इस संवाद के दौरान भारत ने अपनी आतंकवाद विरोधी नीति को साझा किया और इंडोनेशियाई नेताओं ने इसे सशक्त व ठोस बताया।