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  • बडगाम पुलिस ने तहरीक-ए-हुर्रियत मुख्यालय किया कुर्क, यूएपीए के तहत बड़ी कार्रवाई

    बडगाम पुलिस ने तहरीक-ए-हुर्रियत मुख्यालय किया कुर्क, यूएपीए के तहत बड़ी कार्रवाई

    बडगाम पुलिस ने यूएपीए की धारा 25 के तहत तहरीक-ए-हुर्रियत के हैदरपोरा मुख्यालय को जब्त किया। यह कार्रवाई अलगाववादी और आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा उठाए गए कदमों का हिस्सा है। इस मामले में FIR 08/2024 दर्ज की गई है और संपत्ति जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

    बडगाम में तहरीक-ए-हुर्रियत के खिलाफ कार्रवाई

    पुलिस ने तहरीक-ए-हुर्रियत के हैदरपोरा स्थित तीन मंजिला मुख्यालय को यूएपीए की धारा 25 के तहत जब्त किया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब सुरक्षा बलों ने संगठन के अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखी। मुख्यालय पर जब्ती से संगठन की कार्यक्षमता और अस्थायी गतिविधियों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।

    जब्त की गई संपत्ति का विवरण

    जब्त की गई संपत्ति में कुल 1 कनाल 1 मरला जमीन शामिल है। इस पर तीन मंजिला इमारत खड़ी थी, जो तहरीक-ए-हुर्रियत के कार्यालय के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। खसरा नंबर 946 और खतौनी नंबर 306 वाली यह इमारत संगठन के संचालन का मुख्य केंद्र थी। अब यह संपत्ति पुलिस नियंत्रण में है और जांच के दौरान पूरी तरह से संरक्षित रखी जाएगी।

    कानूनी प्रक्रिया और FIR

    इस कार्रवाई के लिए बडगाम पुलिस स्टेशन में यूएपीए की धारा 25 के तहत FIR नंबर 08/2024 दर्ज की गई थी। जब्ती से पहले सभी साक्ष्य और सक्षम प्राधिकरण की मंजूरी ली गई। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया ताकि संगठन की आतंकवादी गतिविधियों को रोका जा सके और क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित हो।

    सुरक्षा और प्रशासनिक संदेश

    पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि यह कार्रवाई आतंकवादी और अलगाववादी नेटवर्क के खिलाफ संदेश है। सुरक्षा बल लगातार इस तरह के संगठन पर नजर रख रहे हैं और किसी भी हिंसक या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

    बडगाम पुलिस की यह कार्रवाई तहरीक-ए-हुर्रियत के खिलाफ एक मजबूत कदम है। यूएपीए के तहत मुख्यालय की जब्ती संगठन की कार्यक्षमता को प्रभावित करेगी और आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाएगी। यह घटना दर्शाती है कि प्रशासन सुरक्षा और कानून के पालन के लिए कटिबद्ध है।

  • दक्षिण कोरिया में लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी गिरफ्तार, मुंबई हमले से जुड़ा

    दक्षिण कोरिया में लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी गिरफ्तार, मुंबई हमले से जुड़ा

    सियोल में पकड़ा गया खतरनाक आतंकी

    दक्षिण कोरिया की पुलिस ने सियोल के इटावन इलाके में एक खतरनाक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का सदस्य है। यह वही संगठन है, जो 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार था। कोरिया हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्योंगगी नाम्बु प्रांतीय पुलिस एजेंसी ने 2 अगस्त को इटावन-दोंग के एक स्थानीय बाजार से इस आतंकवादी को गिरफ्तार किया। लगभग 40 वर्षीय यह पाकिस्तानी मूल का व्यक्ति एक दुकान में क्लर्क के रूप में काम कर रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ आतंकवाद-रोधी अधिनियम और आव्रजन अधिनियम के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।

    लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होने की पुष्टि

    पुलिस के अनुसार, यह व्यक्ति 2020 में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ था। उसने हथियारों के उपयोग, अंडरवाटर ट्रेनिंग और घुसपैठ की विशेष प्रशिक्षण लिया था, जिसके बाद उसे संगठन का आधिकारिक सदस्य माना गया। उसने सितंबर 2023 में पाकिस्तान स्थित दक्षिण कोरियाई वाणिज्य दूतावास से वीजा प्राप्त किया और दिसंबर 2023 में दक्षिण कोरिया पहुंचा। उसका मकसद वहां अपना व्यवसाय शुरू करना था, लेकिन पुलिस ने उसे समय रहते गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी दक्षिण कोरिया की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है।

    आतंकवाद-रोधी अधिनियम के तहत कार्रवाई

    दक्षिण कोरियाई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस व्यक्ति पर देश में किसी आतंकी घटना की साजिश रचने या उसे अंजाम देने का कोई आरोप नहीं है। फिर भी, लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन से उसकी संलिप्तता आतंकवाद-रोधी अधिनियम की धारा 17 का उल्लंघन करती है। यह धारा आतंकी समूहों से संबंध रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान करती है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां नागरिकों और जन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं, जिसके चलते त्वरित कार्रवाई की गई।

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    वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ सतर्कता

    यह गिरफ्तारी वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ दक्षिण कोरिया की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन न केवल दक्षिण एशिया बल्कि वैश्विक स्तर पर भी खतरा बने हुए हैं। 2008 के मुंबई हमलों में 166 लोगों की जान गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रेरित किया था। दक्षिण कोरिया की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए वैश्विक सहयोग और सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण है।

    भविष्य के लिए सबक

    इस घटना से यह भी साफ है कि आतंकी संगठन अपने सदस्यों को सामान्य नागरिकों के बीच घुलने-मिलने के लिए प्रशिक्षित करते हैं। इस मामले में, आतंकवादी एक साधारण क्लर्क की नौकरी कर रहा था, जिससे उसकी असल पहचान छिपी रही। दक्षिण कोरिया की पुलिस की यह कार्रवाई अन्य देशों के लिए भी एक उदाहरण है कि आतंकवाद से निपटने के लिए सतत निगरानी और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान आवश्यक है। यह घटना वैश्विक सुरक्षा के लिए एक चेतावनी है कि आतंकवाद का खतरा अभी भी बना हुआ है।