Tag: Extradition

  • ED का रॉबर्ट वाड्रा पर दूसरा चार्जशीट: संजय भंडारी मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया मोड़

    ED का रॉबर्ट वाड्रा पर दूसरा चार्जशीट: संजय भंडारी मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया मोड़

    नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और प्रमुख कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ एक और बड़ा एक्शन लिया है। एजेंसी ने ब्रिटेन स्थित हथियार सलाहकार संजय भंडारी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वाड्रा को आरोपी बनाते हुए दूसरी पूरक अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दिल्ली की विशेष PMLA अदालत में दाखिल कर दी। यह वाड्रा के खिलाफ ED की कुल तीसरी चार्जशीट है, जो राजनीतिक हलकों में हंगामा मचा रही है। जुलाई 2025 में हरियाणा के शिकोहपुर भूमि सौदे में अनियमितताओं से जुड़े मामले में पहली चार्जशीट दाखिल हो चुकी थी।

    मामले की शुरुआत: 2016 के आयकर छापों से

    यह केस 2016 में शुरू हुआ, जब आयकर विभाग ने दिल्ली में संजय भंडारी के परिसरों पर छापा मारा। छापों में ईमेल और दस्तावेज बरामद हुए, जो भंडारी के वाड्रा और उनके सहयोगियों से कथित संबंधों की ओर इशारा करते थे। भंडारी, एक प्रमुख हथियार डीलर, छापों के तुरंत बाद लंदन भाग गया। ED ने फरवरी 2017 में PMLA के तहत मामला दर्ज किया, जो आयकर विभाग की ब्लैक मनी एक्ट चार्जशीट पर आधारित था। एजेंसी ने पहले ही भंडारी मामले में दो चार्जशीट दाखिल कर चुकी है—2020 और 2023 में—लेकिन अब वाड्रा को सीधे आरोपी बनाया गया है।

    लंदन संपत्ति पर फोकस: वाड्रा की कथित भूमिका

    ED की जांच का केंद्र बिंदु लंदन के ब्रायनस्टन स्क्वायर पर एक लग्जरी संपत्ति है, जिसे भंडारी ने 2009 में खरीदा था। एजेंसी का दावा है कि वाड्रा ने इस संपत्ति के इंटीरियर को अपने निर्देशों के अनुसार नवीनीकृत करवाया, जिसमें उनके द्वारा प्रदान किए गए फंड्स का इस्तेमाल हुआ। जुलाई 2025 में वाड्रा का PMLA के तहत बयान दर्ज किया गया, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय साक्ष्यों से सामना कराया गया, लेकिन उनके जवाब असंतोषजनक पाए गए। ED ने कई भारतीय संपत्तियों को जब्त किया है, जो कथित रूप से वाड्रा या उनके जुड़े संस्थानों से लिंक हैं और अपराध की आय का प्रतिनिधित्व करती हैं। जांच में हरियाणा की भूमि लेन-देन भी शामिल हैं, जहां फंड्स को ऑफशोर इकाइयों के जरिए रूट करने का आरोप है।

    यह भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट में शरजील इमाम की बेल का विरोध, दिल्ली दंगों से जोड़ी भड़काऊ सोच

    भंडारी का प्रत्यर्पण असफल, भारत में भगोड़ा घोषित

    संजय भंडारी (63 वर्ष) का प्रत्यर्पण ब्रिटेन की अदालत ने खारिज कर दिया था। जुलाई 2025 में दिल्ली की अदालत ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित किया। ED का कहना है कि भंडारी ने विदेशी संपत्तियों और अनुचित वित्तीय लेन-देन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की। वाड्रा से ED ने पहले कई बार पूछताछ की है, जिसमें 2019 में उन्हें अग्रिम जमानत भी मिली। वाड्रा ने सभी आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि लंदन में उनकी कोई संपत्ति नहीं है—न सीधे, न अप्रत्यक्ष रूप से। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और कोर्ट की अगली सुनवाई

    कांग्रेस ने ED के कदम को ‘राजनीतिक साजिश’ बताया है, जबकि भाजपा ने इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा कहा। प्रियंका गांधी ने अभी तक सार्वजनिक बयान नहीं दिया, लेकिन पार्टी नेता इसे विपक्ष को निशाना बनाने की कोशिश बता रहे हैं। विशेष अदालत में चार्जशीट 15 नवंबर 2025 को दाखिल हुई, और अगली सुनवाई 6 दिसंबर 2025 को निर्धारित है। ED की तीन अलग-अलग जांचों में वाड्रा फंसे हैं, जो हरियाणा भूमि डील से जुड़ी हैं। फिलहाल, जांच जारी है और कोर्ट की कार्यवाही पर सबकी नजर टिकी है। क्या यह मामला वाड्रा के कारोबारी साम्राज्य को झकझोर देगा? समय ही बताएगा।

  • तहव्वुर हुसैन राणा: 26/11 हमले का आरोपी तिहाड़ जेल में

    तहव्वुर हुसैन राणा: 26/11 हमले का आरोपी तिहाड़ जेल में

    एनआईए की पूछताछ और तिहाड़ जेल में राणा की स्थिति

    26/11 मुंबई आतंकी हमले के प्रमुख आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 10 अप्रैल, 2025 को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया। 29 दिनों की गहन पूछताछ के बाद, उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उसे विचाराधीन कैदी नंबर-1784 के रूप में नई पहचान मिली। तिहाड़ जेल में राणा को जेल नंबर-2 के हाई सिक्योरिटी सेल में अकेले रखा गया है, जो पहले अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का ठिकाना रहा था। इस सेल में उसकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें टीएसपी (तिहाड़ स्पेशल पुलिस) के जवान 24 घंटे तैनात रहते हैं। इन जवानों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न तो राणा पर कोई हमला हो और न ही वह आत्महत्या का प्रयास करे।

    एनआईए पूछताछ में राणा का असहयोग

    एनआईए हिरासत के दौरान राणा का वॉयस सैंपल और हैंडराइटिंग सैंपल लिया गया। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही उसका पॉलिग्राफ टेस्ट भी कराया जा सकता है, क्योंकि पूछताछ में उसने सहयोग नहीं किया। राणा ने 26/11 मुंबई हमलों में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है, हालांकि उसने डेविड कोलमैन हेडली के साथ अपनी दोस्ती स्वीकार की। एनआईए के पास ऐसे सबूत हैं, जो उसे दोषी साबित कर सकते हैं, लेकिन राणा ने अब तक अपनी बेगुनाही का दावा किया है। पूछताछ के दौरान उसे भारत-पाकिस्तान सीमा पर पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद हुई सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी गई, जिसके बारे में उसे पहले नहीं बताया गया था।

    तिहाड़ जेल में राणा की सुविधाएं और सुरक्षा

    तिहाड़ जेल में राणा ने अपने मनोरंजन के लिए टीवी की मांग की थी, जिसके बाद उसके सेल में एक एलसीडी टीवी लगाया गया। उसने यह भी कहा कि उसे समय का पता नहीं चलता, इसलिए उसे एक वॉल क्लॉक प्रदान की गई। पढ़ने-लिखने के लिए उसने कुछ साहित्य मांगा, जिसके लिए उसे पेन और पेपर दिए गए। राणा ने अपने परिजनों से फोन पर बात करने की अनुमति भी मांगी, लेकिन सुरक्षा कारणों से इस अनुरोध पर अभी विचार चल रहा है। यह अनुरोध जांच एजेंसी और कोर्ट के माध्यम से ही पूरा किया जाएगा। राणा के खाने-पीने का इंतजाम भी अलग से किया गया है, और केवल अधिकृत स्टाफ ही उसके सेल तक पहुंच सकता है।

    कानूनी कार्रवाई और विशेष अभियोजक टीम

    केंद्र सरकार ने राणा के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के नेतृत्व में एक विशेष लोक अभियोजक टीम गठित की है। इस टीम में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू, वरिष्ठ अधिवक्ता दयन कृष्णन, और अधिवक्ता नरेंद्र मान शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह टीम राणा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को मजबूती से आगे बढ़ाएगी। एनआईए का मानना है कि राणा के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, और इस टीम के नेतृत्व में मामले को तेजी से अदालत में पेश किया जाएगा।

    राणा की सुरक्षा और भविष्य की जांच

    तिहाड़ जेल में राणा की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। टीएसपी जवानों की विशेष टीम यह सुनिश्चित करती है कि कोई अन्य कैदी या अनधिकृत व्यक्ति उसके संपर्क में न आए। उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। एनआईए जल्द ही पॉलिग्राफ टेस्ट के जरिए राणा से और जानकारी हासिल करने की योजना बना रही है, ताकि 26/11 हमलों में उसकी भूमिका को और स्पष्ट किया जा सके।