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  • राहुल गांधी पर अनुराग ठाकुर का वार आरोपों की राजनीति या लोकतंत्र पर हमला?

    राहुल गांधी पर अनुराग ठाकुर का वार आरोपों की राजनीति या लोकतंत्र पर हमला?

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाल ही में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के आरोपों को लेकर चर्चा में रहे। उन्होंने दावा किया था कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र समेत कई जगह कांग्रेस समर्थकों के वोट जानबूझकर डिलीट किए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया था। लेकिन उनके इन आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है।

    अनुराग ठाकुर का सीधा हमला

    बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा – “राहुल गांधी धमाका करने आए थे, बोले हाइड्रोजन बम फूटेगा, लेकिन निकली फुस्स फुलझड़ी।” ठाकुर का आरोप है कि राहुल गांधी बिना सबूत आरोप लगाने के आदी हो चुके हैं।

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    पुराने विवादों का जिक्र

    अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी का ट्रैक रिकॉर्ड आरोप और माफी तक ही सीमित है। चाहे राफेल सौदा हो, “चौकीदार चोर है” नारा हो, सावरकर पर टिप्पणी हो या अब वोट डिलीशन का मुद्दा – हर बार राहुल आरोप लगाते हैं और फिर कोर्ट में माफी मांगते हैं। ठाकुर का सवाल था कि आखिर कब तक देश की राजनीति को ऐसे गैर-जिम्मेदाराना आरोपों से गुमराह किया जाएगा?

    चुनाव आयोग पर भरोसा या हमला?

    अनुराग ठाकुर ने चुनाव आयोग का हवाला देते हुए कहा कि ऑनलाइन वोट डिलीट नहीं किया जा सकता और बिना नोटिस किसी का नाम नहीं काटा जा सकता। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जिस आलंद सीट पर राहुल गांधी ने गड़बड़ी का आरोप लगाया, वहां कांग्रेस खुद 10,000 से अधिक वोटों से चुनाव जीत चुकी है। ठाकुर ने पलटवार करते हुए पूछा – “क्या कांग्रेस ने वोट चोरी करके चुनाव जीता?”

    लोकतंत्र को बचाना या बर्बाद करना?

    बीजेपी नेता यहीं नहीं रुके। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे लोकतंत्र बचाने नहीं, बल्कि बर्बाद करने आए हैं। ठाकुर के अनुसार, राहुल की राजनीति अब सिर्फ घुसपैठियों के वोट बचाने तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि जब राहुल चुनाव जीतते हैं तो चुनाव आयोग और ईवीएम सही लगते हैं, लेकिन जब हारते हैं तो उसी व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं।

    एफिडेविट पर सवाल

    अनुराग ठाकुर ने चुनौती दी कि राहुल गांधी अगर सच बोल रहे हैं तो शपथपत्र (एफिडेविट) दाखिल करने से क्यों डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आरोपों को साबित करने के लिए ठोस सबूत जरूरी हैं, सिर्फ बयानबाजी से लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता।

  • महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन: ऑपरेशन सिंदूर की गूंज

    महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन: ऑपरेशन सिंदूर की गूंज

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन’ में हिस्सा लिया, जो रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित हुआ था। इस दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और नारी शक्ति की अदम्य हिम्मत को सराहा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की नारी शक्ति को चुनौती देना आतंकियों की सबसे बड़ी भूल थी, जिसने उन्हें तबाही के रास्ते पर ला खड़ा किया।

    पहलगाम हमले का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर

    प्रधानमंत्री ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें 22 अप्रैल को 26 पर्यटकों की नृशंस हत्या की गई थी। उन्होंने कहा, “यह हमला केवल खूनखराबा नहीं था, बल्कि हमारी संस्कृति और मूल्यों पर प्रहार था। आतंकियों ने हमारे समाज को तोड़ने और नारी शक्ति को ललकारने की कोशिश की, लेकिन यह उनके लिए काल बन गया।” इस हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसका नाम उन विधवाओं के सम्मान में रखा गया, जिनके पति इस हमले में शहीद हुए। भारतीय सेना ने पाकिस्तान में सैकड़ों किलोमीटर अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। पीएम मोदी ने इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और सफल आतंकवाद-रोधी मिशन बताया।

    पाकिस्तान में हाहाकार, टूटी दुश्मन की कमर

    ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने न केवल आतंकी शिविरों को, बल्कि पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। इस कार्रवाई ने दुश्मन की रीढ़ तोड़ दी और अंततः एक सीजफायर समझौते पर सहमति बनी। पीएम मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा, “भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। जरूरत पड़ी तो हम दुश्मन के घर में घुसकर मारेंगे। जो भी आतंकियों की मदद करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी होगी।” इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य ताकत और दृढ़ संकल्प को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।

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    बीएसएफ की बेटियों की वीरता

    प्रधानमंत्री ने बीएसएफ की महिला टीम की बहादुरी को भी खूब सराहा। सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी के नेतृत्व में महिला जवानों ने सीमा पर तीन दिनों तक दुश्मन का डटकर मुकाबला किया। पीएम ने कहा, “आज दुनिया भारत की बेटियों की ताकत देख रही है। ऑपरेशन सिंदूर में हमारी बेटियों ने सीमा पर डटकर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से पहली बार 17 महिला कैडेट्स ने पासआउट किया है, जो सशस्त्र सेनाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है।

    नारी शक्ति का नया युग

    इस महासम्मेलन में पीएम मोदी ने नारी शक्ति को देश की प्रगति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं, चाहे वह रक्षा हो, शिक्षा हो या विज्ञान। ऑपरेशन सिंदूर न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीत है, बल्कि यह नारी शक्ति के साहस और समर्पण का भी प्रतीक है। यह आयोजन रानी अहिल्याबाई होल्कर की विरासत को सम्मान देने का एक अवसर था, जिन्होंने अपने समय में नारी शक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया था।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारत अब न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर और महिला सशक्तिकरण के इस उत्सव ने यह साबित कर दिया कि भारत की नारी शक्ति और सैन्य शक्ति मिलकर किसी भी चुनौती को परास्त कर सकती हैं।

  • ऑपरेशन सिंदूर: भारत का साहसिक हमला आतंकवाद के खिलाफ

    ऑपरेशन सिंदूर: भारत का साहसिक हमला आतंकवाद के खिलाफ

    उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हाल ही में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तुलना अमेरिका के उस ऐतिहासिक मिशन से की, जिसने 2 मई, 2011 को 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड को ढेर किया था। ऑपरेशन सिंदूर, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस हमले को 2008 के मुंबई हमलों के बाद नागरिकों पर सबसे घातक हमला माना गया। धनखड़ ने इस ऑपरेशन को भारत का सबसे गहरा क्रॉस-बॉर्डर स्ट्राइक करार दिया, जिसने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एक नया मानदंड स्थापित किया है।

    ऑपरेशन सिंदूर के तहत, भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। ये हमले इतने सटीक थे कि केवल आतंकियों को निशाना बनाया गया, और किसी भी असैन्य व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। उपराष्ट्रपति ने बताया कि यह पहली बार था जब जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के गढ़ों पर इतनी गहराई में जाकर हमला किया गया। धनखड़ ने इस ऑपरेशन को भारत की सैन्य क्षमता और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक बताया।

    धनखड़ ने अपने संबोधन में पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इसने देश को झकझोर दिया था। इस हमले के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार से दुनिया को एक कड़ा संदेश दिया था, जो केवल शब्दों तक सीमित नहीं था। उपराष्ट्रपति ने कहा, “दुनिया को अब इस संदेश का एहसास हो गया है।” ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकियों को सबक सिखाया, बल्कि यह भी दिखाया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

    जयपुरिया संस्थानों में एक सभा को संबोधित करते हुए, धनखड़ ने राष्ट्रवाद की भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमें हमेशा यह याद रखना चाहिए कि राष्ट्र प्रथम है। यह मानसिकता हमें अपने बच्चों को पहले दिन से सिखानी चाहिए।” उन्होंने इस ऑपरेशन को भारत की एकता, संकल्प और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दृढ़ता का उदाहरण बताया। धनखड़ ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने वैश्विक समुदाय को भारत की ताकत और आतंकवाद से निपटने की उसकी रणनीति से परिचित कराया।

    इस ऑपरेशन की तुलना अमेरिका के उस मिशन से करना, जिसमें 9/11 के लिए जिम्मेदार आतंकी को मार गिराया गया था, भारत की सैन्य और रणनीतिक क्षमताओं को दर्शाता है। धनखड़ ने कहा कि भारत ने यह कर दिखाया, और दुनिया इसकी गवाह है। ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकवादियों को चेतावनी दी, बल्कि यह भी साबित किया कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने को तैयार है। इस ऑपरेशन ने वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और मजबूत किया है।

    अंत में, उपराष्ट्रपति ने युवाओं से अपील की कि वे राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहें। ऑपरेशन सिंदूर भारत के साहस, संकल्प और तकनीकी कौशल का प्रतीक है, जिसने दुनिया को दिखाया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में अडिग है। यह ऑपरेशन न केवल एक सैन्य सफलता है, बल्कि भारत की एकता और दृढ़ता का भी प्रतीक है।