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  • सेलिना जेटली का भाई मेजर विक्रांत UAE में हिरासत में: भावुक अपील और कोर्ट की कार्रवाई

    सेलिना जेटली का भाई मेजर विक्रांत UAE में हिरासत में: भावुक अपील और कोर्ट की कार्रवाई

    कठिन दौर से गुजर रही सेलिना जेटली

    बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व मिस इंडिया यूनिवर्स सेलिना जेटली इन दिनों बेहद मुश्किल समय से जूझ रही हैं। उनके भाई, रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जेटली, पिछले 14 महीनों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हिरासत में हैं। सितंबर 2024 से विक्रांत को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। एक चौथी पीढ़ी के सैनिक और 3 पैरा स्पेशल फोर्सेस के पूर्व अधिकारी विक्रांत 2016 से UAE में रह रहे थे, जहां वे MATITI ग्रुप में व्यापार, सलाहकार और जोखिम प्रबंधन सेवाओं से जुड़े थे। सेलिना ने बताया कि उनके भाई को अबू धाबी के एक मॉल से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अगवा किया गया था, और तब से परिवार उनसे संपर्क साधने में असमर्थ है। यह मामला न केवल परिवार के लिए दर्दनाक है, बल्कि भारतीय नागरिकों की विदेशी हिरासत में सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है।

    इंस्टाग्राम पर भावनात्मक संदेश

    सेलिना ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक दिल दहला देने वाला पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपने भाई के लिए गहरी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “मेरे डंपि (भाई), मुझे उम्मीद है तुम ठीक हो… मैं तुम्हारे साथ चट्टान की तरह खड़ी हूं, मुझे उम्मीद है तुम जानते हो कि मैं तुम्हारे लिए हर रात रोए बिना नहीं सोई… मैं तुम्हारे लिए सब कुछ त्याग दूंगी… कोई भी हमारे बीच नहीं आ सकता… भगवान आखिरकार हम पर मेहरबान हों… तेरा इंतजार कर रही हूं।” यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे लाखों लोगों ने शेयर किया। सेलिना ने आगे कहा कि उन्होंने हर संभव कोशिश की है—सरकार से लगातार संपर्क, MADAD पोर्टल पर शिकायत, भारतीय दूतावास को अपील—लेकिन अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिली। उन्होंने अपने भाई की सेहत पर चिंता जताई, जो कथित तौर पर मानसिक तनाव और चिकित्सकीय समस्याओं से जूझ रहे हैं।

    दिल्ली हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

    इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 4 नवंबर 2025 को सुनवाई के दौरान जस्टिस सचिन दत्ता ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने विदेश मंत्रालय (MEA) को निर्देश दिए कि विक्रांत को प्रभावी कानूनी और चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति का आदेश दिया गया, जो परिवार से नियमित संपर्क में रहेगा और UAE में चल रही कानूनी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। MEA ने कोर्ट को बताया कि विक्रांत को कांसुलर एक्सेस प्रदान किया गया है—मई, जून, अगस्त और सितंबर 2025 में चार मुलाकातें हो चुकी हैं। हालांकि, सेलिना के वकीलों ने पत्नी से दूरी का हवाला देते हुए और अधिक सहायता की मांग की। अगली सुनवाई 4 दिसंबर 2025 को होगी। सेलिना ने कोर्ट के फैसले को “अंधेरे सुरंग के अंत में रोशनी” बताया।

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    MEA और कांसुलर सहायता की स्थिति

    विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय दूतावास UAE के अधिकारियों के संपर्क में है और मामले को पूरी गंभीरता से ले रहा है। विक्रांत की पत्नी से भी संवाद हो रहा है, लेकिन सेलिना ने पेटिशन में दावा किया कि केवल चार कांसुलर विजिट्स पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और वियना कांसुलर संबंध संधि का हवाला देते हुए तत्काल चिकित्सा और कानूनी मदद की मांग की। MEA के अनुसार, विक्रांत को “एक केस” में गिरफ्तार किया गया, लेकिन विस्तृत जानकारी गोपनीय रखी गई है। सेलिना ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील की है कि उनके भाई को जल्द रिहा किया जाए।

    बॉलीवुड और सोशल मीडिया का समर्थन

    सेलिना के पोस्ट के बाद बॉलीवुड सितारे और फैंस ने उनका साथ दिया। रिटायर्ड मेजर जनरल जी.डी. बख्शी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “हमें उसे वापस लाना होगा! मुझे ISI की साजिश का शक है… उनकी बहन की आंसू देखकर दुख हुआ।” कई सेलेब्स जैसे अनुष्का शर्मा और वरुण धवन ने मैसेज शेयर कर समर्थन जताया। एक्स पर #JusticeForVikrant ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग सरकार से दखल की मांग कर रहे हैं। सेलिना ने कहा, “मैं अभी सेलिना जेटली नहीं, सिर्फ एक सैनिक की बहन हूं।”

    भविष्य की उम्मीदें और अपील

    यह मामला भारतीय नागरिकों की विदेशी हिरासत में सुरक्षा पर बहस छेड़ रहा है। सेलिना की अपील है कि राष्ट्र एकजुट होकर विक्रांत को घर लाए। MEA की सक्रियता और कोर्ट की निगरानी से उम्मीद बंधी है। सबकी दुआ है कि विक्रांत जल्द परिवार के पास लौटें, और यह घटना अन्य भारतीयों के लिए सबक बने। सेलिना का साहस प्रेरणा दे रहा है—एक बहन का भाई के लिए संघर्ष, जो लोकतंत्र की ताकत दिखाता है।

  • इंडोनेशिया ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को सराहा, सांस्कृतिक संबंधों को सहयोग का मजबूत आधार बताया

    इंडोनेशिया ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को सराहा, सांस्कृतिक संबंधों को सहयोग का मजबूत आधार बताया

    दक्षिण एशिया में भारत की आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और दृढ़ नीति को अब वैश्विक स्तर पर समर्थन मिल रहा है। हाल ही में इंडोनेशिया, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है, ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति की सराहना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।

    इंडोनेशिया के प्रभावशाली इस्लामिक संगठन नहदलातुल उलेमा के कार्यकारी बोर्ड के चेयरमैन केएच उलिल अबशार अब्दाला ने स्पष्ट किया कि इस्लाम शांति का धर्म है और आतंकवाद को इससे जोड़ना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे मुस्लिम समुदाय की छवि को भी नुकसान होता है।

    अबशार अब्दाला ने कहा, “कुछ संगठन इस्लाम के नाम पर हिंसा को बढ़ावा देते हैं, जबकि वास्तव में आतंकवाद का सबसे बड़ा नुकसान मुस्लिम समुदाय को ही होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम की गलत व्याख्या करके हिंसा को वैध ठहराने की कोशिश पूरी तरह निंदनीय है।

    भारत-इंडोनेशिया सहयोग: सांस्कृतिक संबंधों पर बल

    अब्दाला ने भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा किया है। आज जब दुनिया आतंकवाद जैसी वैश्विक चुनौती से जूझ रही है, ऐसे में भारत और इंडोनेशिया का एकजुट होना बहुत महत्वपूर्ण है।

    इंडोनेशिया की राजनीतिक पार्टी नेशनल मैंडेट पार्टी (PAN) ने भी भारत के रुख का समर्थन किया। 29 मई 2025 को जकार्ता में भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से हुई मुलाकात के दौरान PAN नेताओं ने कहा कि आतंकवाद को धर्म या जाति से जोड़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने भारत के पहलगाम हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भारत के साथ पूर्ण समर्थन की बात दोहराई।

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    भारतीय प्रतिनिधिमंडल की पहल: वैश्विक मंच पर भारत का दृष्टिकोण

    जनता दल (यू) के सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 20 से अधिक मित्र देशों के राजनयिकों से मुलाकात की। इस दौरान सभी ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया और भारत के रुख की सराहना की।

    भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि इस संवाद के दौरान भारत ने अपनी आतंकवाद विरोधी नीति को साझा किया और इंडोनेशियाई नेताओं ने इसे सशक्त व ठोस बताया।