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  • दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास भयावह कार विस्फोट, 10 मरे, 26 घायल; अमित शाह मौके पर

    दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास भयावह कार विस्फोट, 10 मरे, 26 घायल; अमित शाह मौके पर

    विस्फोट की भयावहता और तत्काल प्रभाव

    दिल्ली की धड़कन कहे जाने वाले लाल किला क्षेत्र में सोमवार (10 नवंबर 2025) शाम ठीक 6 बजकर 52 मिनट पर एक हुंडई i20 कार में भीषण धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। कार सुभाष मार्ग पर रेड लाइट पर रुकी थी, जब अचानक उसके पिछले हिस्से से जोरदार विस्फोट हुआ। आग की लपटें दर्जनों फीट ऊंची उठीं और आसपास खड़ी 10 से अधिक गाड़ियां – ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन – पलभर में जलकर खाक हो गईं। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 और निकटवर्ती लाल मंदिर के शीशे चटककर बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके की गूंज चांदनी चौक तक सुनाई दी और धुएं का काला गुबार पूरे क्षेत्र को ढक लिया। अफरा-तफरी में लोग इधर-उधर भागे, दुकानें बंद हो गईं और यातायात ठप पड़ गया।

    हताहतों की दर्दनाक संख्या

    प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भयानक हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 26 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। मृतकों में राहगीर, दुकानदार और वाहन चालक शामिल हैं। घायलों को तुरंत लोक नायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, जहां कई की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। अस्पताल में जले हुए घाव, शॉक और श्वास संबंधी समस्याओं का इलाज चल रहा है। दिल्ली आपदा प्रबंधन ने अतिरिक्त एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात की है।

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    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की त्वरित कार्रवाई

    घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले LNJP अस्पताल में घायलों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद वे धमाकास्थल पर पहुंचे, जहां दिल्ली पुलिस कमिश्नर के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। शाह ने NIA, NSG और फोरेंसिक टीमों को तत्काल निर्देश दिए कि विस्फोट के हर पहलू की गहन जांच हो। मौके से बरामद 7.62 एमएम AK-47 खोखा ने आतंकी साजिश की आशंका को और गहरा दिया है।

    शीर्ष नेतृत्व की संवेदना

    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा:“दिल्ली में हुए विस्फोट से गहरा दुख पहुंचा। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। एजेंसियां पूरी तत्परता से जांच में जुटी हैं।”
    • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
    • अमित शाह ने ट्वीट किया:“शब्दों में बयान नहीं कर सकता कि जिन्होंने अपनों को खोया, उनके दर्द को। मेरी गहरी संवेदना। जांच एजेंसियां दिन-रात काम कर रही हैं।”

    सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और हाई अलर्ट

    यह घटना देश की राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लाल किला जैसे प्रतीकात्मक और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में इस तरह का विस्फोट कैसे हो गया?

    • दिल्ली की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं।
    • हजारों पुलिसकर्मी, NSG कमांडो और डॉग स्क्वायड तैनात।
    • ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी एनालिसिस और वाहन चेकिंग तेज।
    • दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा और मुंबई में हाई अलर्ट

    आगे की जांच और अपील

    NIA ने मामला अपने हाथ में ले लिया है। फोरेंसिक रिपोर्ट में विस्फोटक की प्रकृति (RDX, C4 या गैस?) और AK-47 खोखे की भूमिका स्पष्ट होगी। सरकार ने अभी इसे आतंकी हमला घोषित नहीं किया, लेकिन सभी संकेत सोची-समझी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं।

    नागरिकों से अपील:

    • संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखे तो तुरंत 112 डायल करें।
    • अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
  • सीपी राधाकृष्णन ने ली 15वें उपराष्ट्रपति की शपथ, राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर विवाद

    सीपी राधाकृष्णन ने ली 15वें उपराष्ट्रपति की शपथ, राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर विवाद

    शपथ ग्रहण समारोह में गूंजा सियासी शोर

    शुक्रवार को सीपी राधाकृष्णन ने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की। इस ऐतिहासिक समारोह में कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, लेकिन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति ने सियासी हलचल मचा दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहां इसे लेकर सवाल उठाए, वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर तीखा पलटवार किया। कांग्रेस ने कहा कि असल मुद्दा राहुल गांधी की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मौजूदगी है, जो इस समारोह में पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए।

    कांग्रेस का धनखड़ पर तंज

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मौके पर तंज कसते हुए कहा, “मुद्दा यह नहीं कि राहुल गांधी समारोह में थे या नहीं। असल सवाल यह है कि जगदीप धनखड़ को वहां मौजूद रहने और अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति मिली।” खेड़ा ने सवाल उठाया कि आखिर धनखड़ को बोलने की आजादी कब मिलेगी। उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी। खेड़ा ने एक पोस्ट में लिखा, “जगदीप, अब शांति से आराम करो। मुझे हमारी तीखी और बेबाक बहसें हमेशा याद रहेंगी। आखिरी बार हम मई में एक किताब विमोचन में मिले थे, जो यादगार था।” इस पोस्ट के साथ शेयर की गई तस्वीर ने धनखड़ पर उनके तंज को और भी स्पष्ट कर दिया।

    समारोह में शामिल हुए दिग्गज नेता

    राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू जैसे नेताओं ने इस समारोह में शिरकत की। इसके अलावा, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और वेंकैया नायडू भी मौजूद रहे। विशेष रूप से, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की उपस्थिति ने सभी का ध्यान खींचा, क्योंकि यह उनके पद से इस्तीफा देने के बाद पहला सार्वजनिक अवसर था।

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    सियासी तकरार का केंद्र बनी अनुपस्थिति

    राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया और इसे समारोह के प्रति असम्मान बताया। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस मुद्दे को दरकिनार करते हुए धनखड़ की मौजूदगी को प्रमुखता दी। इस सियासी तकरार ने एक बार फिर दोनों दलों के बीच तनातनी को उजागर किया। जहां भाजपा ने इसे राष्ट्रीय महत्व के अवसर पर विपक्ष की गैर-जिम्मेदाराना रवैया करार दिया, वहीं कांग्रेस ने इसे धनखड़ के सार्वजनिक जीवन में वापसी से जोड़कर पेश किया।

    नया अध्याय, नई जिम्मेदारी

    सीपी राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण देश के लिए एक नया अध्याय है। उनके अनुभव और नेतृत्व से उम्मीद की जा रही है कि वह इस पद की गरिमा को और सुदृढ़ करेंगे। समारोह में मौजूद नेताओं और पूर्व उपराष्ट्रपतियों की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। हालांकि, राहुल गांधी की अनुपस्थिति और कांग्रेस के तंज ने इस समारोह को सियासी रंग दे दिया, जिसकी चर्चा लंबे समय तक जारी रहने की संभावना है।

  • जेपी नड्डा ने रद्द की एनडीए सांसदों की डिनर पार्टी, उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां तेज

    जेपी नड्डा ने रद्द की एनडीए सांसदों की डिनर पार्टी, उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां तेज

    बाढ़ की स्थिति के कारण डिनर पार्टी रद्द

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को अपने आवास पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सांसदों की डिनर पार्टी को रद्द कर दिया है। यह निर्णय देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से पंजाब में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए लिया गया है। इस डिनर पार्टी का आयोजन आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों के लिए किया जाना था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित एनडीए के प्रमुख नेता शामिल होने वाले थे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए जेपी नड्डा ने इस आयोजन को स्थगित करने का फैसला किया, ताकि सरकार और गठबंधन का ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर केंद्रित रहे।

    उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां

    9 सितंबर, 2025 को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार चुना है, जबकि ‘इंडिया’ ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद हो रहा है, जिन्होंने 21 जुलाई, 2025 की रात को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। इस इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी थी।

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    एनडीए की मजबूत स्थिति

    उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की स्थिति काफी मजबूत दिख रही है। वर्तमान में लोकसभा में 543 सांसद और राज्यसभा में 245 में से 233 सांसद हैं। भाजपा के पास लोकसभा में 240 और राज्यसभा में 102 सांसद हैं। इसके अलावा, वाईएसआरसीपी (11 सांसद) ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है, जिससे राधाकृष्णन के समर्थन में कुल 433 सांसदों का समर्थन प्राप्त हो गया है। यह संख्या स्पष्ट रूप से बहुमत के लिए पर्याप्त है। दूसरी ओर, ‘इंडिया’ ब्लॉक के पास लोकसभा में 235 और राज्यसभा में 77 सांसद हैं, जिसकी संयुक्त संख्या 312 है। यदि आम आदमी पार्टी (11 सांसद) उनका समर्थन करती है, तो उनकी कुल संख्या 325 तक पहुंच सकती है, जो फिर भी एनडीए से पीछे है।

    चुनाव का महत्व और भविष्य

    उपराष्ट्रपति चुनाव न केवल संसदीय गणित का खेल है, बल्कि यह राजनीतिक गठबंधनों की ताकत को भी दर्शाता है। एनडीए की मजबूत स्थिति और विपक्ष के रणनीतिक प्रयासों के बीच यह चुनाव देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। जेपी नड्डा का डिनर पार्टी रद्द करने का निर्णय न केवल आपदा प्रबंधन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि एनडीए प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है। जैसे-जैसे 9 सितंबर नजदीक आ रहा है, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विपक्ष कोई नया दांव खेल पाएगा या एनडीए अपनी बढ़त को कायम रखेगा।

  • यूपी में सपा के गुंडाराज की वापसी अब असंभव” – केशव प्रसाद मौर्य,बीजेपी 2027 में फिर दोहराएगी 2017 जैसी जीत

    यूपी में सपा के गुंडाराज की वापसी अब असंभव” – केशव प्रसाद मौर्य,बीजेपी 2027 में फिर दोहराएगी 2017 जैसी जीत

    उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “सपा के गुंडाराज की वापसी अब असंभव है। बीजेपी सरकार ने जो कानून-व्यवस्था की तस्वीर बदली है । वह सिर्फ़ ट्रेलर है असली फ़िल्म तो अभी बाकी है।

    क्या बोले केशव मौर्य?

    मैंने 2017 के विधानसभा चुनाव में नारा दिया था — गुंडागर्दी नहीं चलेगी अमन-चैन का शासन होगा।  आज वही हो रहा है। गुंडे या तो जेल में हैं या अपनी जमानत रद्द करवा रहे हैं। कैराना में जनसभा के दौरान भी उपमुख्यमंत्री ने दोहराया कि बीजेपी ने जिस सख्ती से काम किया है, वो पहले कभी नहीं हुआ।

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    2027 को लेकर बड़ा दावा

    मौर्य ने विश्वास जताया कि 2027 में बीजेपी फिर से वही इतिहास दोहराएगी जो 2017 में रचा था। उन्होंने कहा कि जनता अब जंगलराज  नहीं, जनता का राज चाहती है। और वही बीजेपी की पहचान बन चुकी है।

    गुंडों पर कहर, जनता को राहत

    बीजेपी सरकार के आते ही राज्य में अपराधियों पर नकेल कसी गई है। प्रशासन की सख्ती का असर यह है कि बड़े-बड़े माफिया अब जेल की सलाखों के पीछे हैं।