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  • ललित मोदी ने विजय माल्या के 70वें जन्मदिन से पहले लंदन में दी भव्य प्री-बर्थडे पार्टी

    ललित मोदी ने विजय माल्या के 70वें जन्मदिन से पहले लंदन में दी भव्य प्री-बर्थडे पार्टी

    लंदन के पॉश इलाके बेलग्रेव स्क्वायर में पूर्व IPL चेयरमैन ललित मोदी के आलीशान घर में भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के सम्मान में एक ग्लैमरस प्री-बर्थडे पार्टी आयोजित की गई। यह आयोजन विजय माल्या के 70वें जन्मदिन से ठीक पहले हुआ, जिसमें देश-विदेश की कई मशहूर हस्तियां शामिल हुईं। पार्टी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसने एक बार फिर दोनों की लंदन में लग्जरी लाइफस्टाइल को सुर्खियों में ला दिया है।

    पार्टी की खासियत और इनविटेशन

    पार्टी का इनविटेशन कार्ड काफी आकर्षक था, जिसमें लिखा था – “रीमा और ललित अपने प्रिय मित्र विजय माल्या, यानी ‘किंग ऑफ गुड टाइम्स’ के सम्मान में एक ग्लैमरस शाम के लिए आपको आमंत्रित करते हैं।” कार्ड पर माल्या की कार्टून स्टाइल इमेज भी थी। फोटोग्राफर जिम राइडेल ने पार्टी की तस्वीरें X और इंस्टाग्राम पर शेयर कीं, जिसमें उन्होंने ललित मोदी को धन्यवाद देते हुए लिखा कि यह विजय माल्या के लिए शानदार प्री-70वें जन्मदिन का जश्न था। ललित मोदी ने भी जवाब दिया – “सभी दोस्तों का मेरे घर आकर मेरे मित्र विजय माल्या की प्री-बर्थडे पार्टी में शामिल होने के लिए शुक्रिया।”

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    मेहमानों की स्टार-स्ट्रक्ड लिस्ट

    इस हाई-प्रोफाइल पार्टी में हॉलीवुड एक्टर इदरीस एल्बा, फैशन डिजाइनर मनोविराज खोसला और बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार-शॉ जैसी दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं। तस्वीरों में किरण मजूमदार-शॉ को मनोविराज खोसला के साथ पोज देते और इदरीस एल्बा से बातचीत करते देखा गया। पार्टी में भारतीय और लेबनानी व्यंजन परोसे गए, जबकि 70-80 के दशक के हिट गाने बजाए गए। डेजर्ट में विशेष कपकेक्स और चॉकलेट सिक्के भी थे, जो माल्या की ‘किंग ऑफ गुड टाइम्स’ इमेज से जुड़े थे।

    पुरानी दोस्ती का नया अध्याय

    यह पहली बार नहीं जब ललित मोदी और विजय माल्या साथ नजर आए। इससे पहले ललित मोदी के 63वें जन्मदिन पर भी माल्या शामिल हुए थे। दोनों लंदन में रहते हैं और भारत में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिन्हें वे लगातार खारिज करते आए हैं। यह पार्टी उनकी लंबी दोस्ती की झलक दिखाती है, जो विवादों के बावजूद कायम है।

  • विजय माल्या की भारत वापसी की पेशकश: बोले, “मिले निष्पक्ष सुनवाई तो लौटूंगा”

    विजय माल्या की भारत वापसी की पेशकश: बोले, “मिले निष्पक्ष सुनवाई तो लौटूंगा”

    लगभग एक दशक की चुप्पी तोड़ते हुए भगोड़े घोषित व्यवसायी विजय माल्या ने हाल ही में लंदन में रिकॉर्ड एक पॉडकास्ट में अपनी बात सार्वजनिक की है। ‘किंग ऑफ गुड टाइम्स’ के नाम से पहचाने जाने वाले माल्या ने साफ कहा कि अगर उन्हें भारत में निष्पक्ष सुनवाई और सम्मानजनक जीवन की गारंटी दी जाए, तो वे देश लौटने के लिए तैयार हैं।

    माल्या 2016 से लंदन में रह रहे हैं। किंगफिशर एयरलाइंस के दिवालिया हो जाने के बाद उन्होंने भारत छोड़ दिया था। इसके बाद उन पर भगोड़ा आर्थिक अपराधी का टैग लगा और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ।

    “भारत में मुकदमे लंबा खिंचते हैं, यह न्याय नहीं”

    पॉडकास्ट में माल्या ने कहा, “भारत में हिरासत और मुकदमे वर्षों तक चल सकते हैं। मैं तब लौटूंगा जब मुझे कानून के तहत निष्पक्षता और एक सामान्य जीवन की गारंटी मिले।” उन्होंने जोर देकर कहा कि वह न्याय से भाग नहीं रहे, बल्कि न्याय पाने के लिए प्रयासरत हैं।

    “मैंने चुराया नहीं, बैंकों को चुका दिया”

    माल्या ने दावा किया कि उन्होंने बैंकों से केवल 6,203 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जबकि भारत सरकार ने 14,131.6 करोड़ रुपये की वसूली की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, “मैंने चोरी नहीं की, बल्कि बैंकों का पैसा लौटाया है। फिर भी मुझे अपराधी घोषित कर दिया गया।”

    उन्होंने 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट, बढ़ती ईंधन कीमतों और सरकारी नीतियों को किंगफिशर एयरलाइंस की बर्बादी का जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि यह एक “परफेक्ट स्टॉर्म” था जिसमें वे फंस गए।

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    कर्मचारियों से माफी

    माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के कर्मचारियों से उनके बकाया वेतन को लेकर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि 2012 से 2015 के बीच उन्होंने वेतन भुगतान के लिए 260 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा, “मैं इसके लिए पूरी जिम्मेदारी लेता हूं और गहरा खेद व्यक्त करता हूं।”

    कानूनी चुनौतियां अभी बाकी हैं

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि माल्या की भारत वापसी आसान नहीं होगी। बर्जन लॉ के वरिष्ठ पार्टनर केतन मुखीजा ने कहा, “अगर माल्या भारत लौटते हैं तो कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाएगी। उन्हें मौजूदा गैर-जमानती वारंट और भगोड़ा टैग को चुनौती देनी होगी।” वहीं, लिटिल एंड कंपनी के अजय खतलावाला ने कहा कि माल्या संविधान के अनुच्छेद 21 (निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार) का हवाला दे सकते हैं, लेकिन उन्हें अपनी नीयत कोर्ट में साबित करनी होगी।