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  • केरल CM पिनराई विजयन का साउदर्न रेलवे पर RSS गीत विवाद: वंदे भारत उद्घाटन में सांप्रदायिक रंग?

    केरल CM पिनराई विजयन का साउदर्न रेलवे पर RSS गीत विवाद: वंदे भारत उद्घाटन में सांप्रदायिक रंग?

    विवाद की शुरुआत: वंदे भारत उद्घाटन में RSS गण गीत

    केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने साउदर्न रेलवे पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा मचा दिया है। मामला बेंगलुरु-एर्नाकुलम वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसे 8 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फ्लैग ऑफ किया। एर्नाकुलम साउथ रेलवे स्टेशन पर आयोजित स्थानीय समारोह के दौरान स्कूली छात्रों से कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का गण गीत गवाया गया। एक वायरल वीडियो में सरस्वती विद्याालय के छात्र ट्रेन के अंदर यह गीत गाते नजर आ रहे हैं। साउदर्न रेलवे ने पहले इसे सोशल मीडिया पर “देशभक्ति गीत” बताकर शेयर किया, लेकिन विवाद बढ़ने पर पोस्ट हटा ली। रेलवे ने बाद में स्पष्ट किया कि यह स्कूल का अपना मलयालम गीत था, जो एकता और विविधता का प्रतीक है। फिर भी, विपक्ष ने इसे सांप्रदायिक रंग चढ़ाने का प्रयास बताया।

    CM विजयन का तीखा प्रहार: संविधान का उल्लंघन

    मुख्यमंत्री विजयन ने इसे “संविधान के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन” करार दिया। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “साउदर्न रेलवे द्वारा वंदे भारत उद्घाटन के दौरान छात्रों से RSS गण गीत गवाना बेहद निंदनीय है। RSS का गीत, जो अन्य धर्मों के खिलाफ नफरत और सांप्रदायिक विभाजनकारी राजनीति फैलाता है, सरकारी कार्यक्रम में शामिल करना अस्वीकार्य है।” विजयन ने आगे आरोप लगाया कि राष्ट्रीय संस्थान जैसे रेलवे को “संघ परिवार के प्रचार का मंच” बनाया जा रहा है, जो सरकारी आयोजनों की धर्मनिरपेक्ष छवि को धूमिल करता है। उन्होंने इसे “स्वतंत्रता आंदोलन का अपमान” बताते हुए कहा कि रेलवे, जो कभी धर्मनिरपेक्ष राष्ट्रवाद का प्रतीक था, अब सांप्रदायिक विचारधारा को बढ़ावा दे रहा है। विजयन ने जनता से इसकी निंदा करने और विरोध करने की अपील की। यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने RSS पर निशाना साधा हो। पिछले महीने उन्होंने RSS की तुलना इजरायल के जायनिस्ट समूहों से की थी, कहते हुए कि दोनों की सोच कई मामलों में समान है।

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    विपक्ष का साथ: जॉन ब्रिट्टास का वीडियो और कांग्रेस का हमला

    राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिट्टास ने भी विवाद को हवा दी। उन्होंने एक्स पर वीडियो शेयर कर कहा, “RSS गणगीत को एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत उद्घाटन का अभिन्न हिस्सा बनाना भारतीय रेलवे के लिए नई गहराई है। नई सेवाओं की घोषणा अब राजनीतिक शोशेबाजी से रंगी नजर आ रही है, जबकि जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किया जा रहा है।” कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने भी रेलवे की आलोचना की। विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशियन ने इसे “अवैध और अलोकतांत्रिक” बताते हुए कहा कि भाजपा केरल में विभाजन की राजनीति थोपने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय आयोजनों को भी “भगवा रंग” में रंगने की साजिश हो रही है। इस विवाद ने केरल की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है, जहां धर्मनिरपेक्षता हमेशा संवेदनशील मुद्दा रहा है।

    रेलवे और स्कूल का बचाव: ‘स्कूल गीत, कोई RSS कनेक्शन नहीं’

    विवाद के बाद साउदर्न रेलवे ने सफाई दी। उन्होंने वीडियो को दोबारा पोस्ट कर कैप्शन दिया, “सरस्वती विद्याालय के छात्रों ने एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत के उद्घाटन रन के दौरान अपना स्कूल गीत सुंदरता से प्रस्तुत किया।” स्कूल प्रिंसिपल डिंटो ने कहा कि गीत मलयालम में है और यह “एकता में विविधता” का उत्सव है, न कि RSS से जुड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीवी क्रू के अनुरोध पर छात्रों ने गाया, रेलवे ने ऐसा करने को नहीं कहा। भाजपा ने भी सीएम विजयन पर पलटवार किया। राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा, “आप क्या निंदा कर रहे हैं? बच्चे अपना पसंदीदा गीत गा रहे थे, यह उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।” स्कूल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि गीत राष्ट्रवाद के खिलाफ नहीं है।

    वंदे भारत का महत्व: केरल-कर्नाटक कनेक्टिविटी में नया अध्याय

    विवाद के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का महत्व कम नहीं। यह केरल का तीसरा वंदे भारत ट्रेन है, जो एर्नाकुलम को बेंगलुरु से जोड़ेगा। 608 किमी की दूरी 9 घंटे में तय करेगा, जिसमें 11 स्टॉप होंगे। सुबह 8:45 बजे एर्नाकुलम से रवाना होकर शाम 5:50 बजे बेंगलुरु पहुंचेगा। यह यात्रियों के लिए तेज और आरामदायक सफर सुनिश्चित करेगा, खासकर व्यावसायिक राजधानी एर्नाकुलम और कॉस्मोपॉलिटन बेंगलुरु के बीच। पीएम मोदी ने इसे “न्यू इंडिया ऑन फास्ट ट्रैक” बताते हुए चार नई वंदे भारत ट्रेनों का उद्घाटन किया। विवाद ने आयोजन की छाया डाल दी, लेकिन ट्रेन की सेवाएं निर्बाध चलेंगी।

  • मोकामा मर्डर केस: अमित शाह की चेतावनी – कानून से कोई ऊपर नहीं!

    मोकामा मर्डर केस: अमित शाह की चेतावनी – कानून से कोई ऊपर नहीं!

    घटना की दर्दनाक सच्चाई

    बिहार का मोकामा इलाका एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह है एक दिल दहला देने वाली हत्या। मोकामा मर्डर केस ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय पटल पर हलचल मचा दी है। यह वारदात अपराध की उस कड़ी को उजागर करती है, जो वर्षों से इस क्षेत्र की राजनीति और समाज को प्रभावित करती रही है। पीड़ित परिवार की चीखें और जनता का गुस्सा साफ बयां कर रहा है कि अब इंसाफ की मांग चरम पर है।

    अमित शाह का सख्त बयान

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “मोकामा की यह घटना नहीं होनी चाहिए थी।” उनके बयान में इशारों-इशारों में बाहुबली नेता अनंत सिंह का नाम भी जुड़ा, जो मोकामा की सियासत का पर्याय रहे हैं। शाह ने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि कानून सबके लिए समान है। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली नेता हो, यदि अपराध सिद्ध हुआ तो सजा अवश्य मिलेगी। यह बयान नया भारत की उस नीति को रेखांकित करता है, जहां जुर्म के लिए कोई छूट नहीं।

    अनंत सिंह का विवादास्पद इतिहास

    अनंत सिंह का नाम मोकामा से जुड़ा हुआ है जैसे छाया से शरीर। कई आपराधिक मामलों में उनका नाम उछला है – हत्या, फिरौती, अवैध हथियार और गुंडागर्दी के आरोप। कभी राजद के टिकट पर विधायक बने, तो कभी निर्दलीय। उनकी बाहुबली इमेज ने मोकामा की राजनीति को दशकों तक प्रभावित किया। लेकिन अब जनता थक चुकी है। लोग पूछ रहे हैं: कब तक अपराधी सत्ता के गलियारों में घूमेंगे? अमित शाह का बयान इसी सवाल का जवाब लगता है – समय बदल गया है।

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    नया भारत: जीरो टॉलरेंस की नीति

    अमित शाह ने जो कहा, वह मात्र बयान नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश है। नया भारत अपराध को बर्दाश्त नहीं करेगा, चाहे वह मोकामा की गलियों में हो या दिल्ली की सड़कों पर। केंद्र सरकार की सख्ती से बिहार में अपराधियों पर नकेल कसी जा रही है। पुलिस जांच तेज हुई है, सबूत जुटाए जा रहे हैं और दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने की तैयारी है। यह चेतावनी उन सभी बाहुबलियों के लिए है जो कानून को चुनौती देते रहे हैं।

    जनता की उम्मीद और बड़ा बदलाव

    मोकामा की जनता अब इंसाफ चाहती है। वर्षों की दहशत के बाद लोग सांस लेना चाहते हैं। क्या अमित शाह का बयान मोकामा की राजनीति में बड़ा उलटफेर लाएगा? क्या अनंत सिंह जैसे नेता अब कानून की गिरफ्त में आएंगे? यह सवाल सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है। न्याय की यह लड़ाई दिखाती है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर है।

  • पीएम मोदी का बिहार में आतंकवाद पर कड़ा संदेश

    पीएम मोदी का बिहार में आतंकवाद पर कड़ा संदेश

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई को बिहार के काराकाट में जनसभा को संबोधित करते हुए आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ और प्रभावी कार्रवाई पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती से उन्होंने पहले भी यह वादा किया था कि जिन्होंने बेटियों का सिंदूर उजाड़ा, उन्हें मिट्टी में मिला दिया जाएगा। इस वचन को पूरा करते हुए वे फिर बिहार आए हैं, जहां उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों और नए भारत के निर्माण की दिशा में उठाए गए कदमों को विस्तार से बताया।

    ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवादियों का खात्मा

    प्रधानमंत्री मोदी ने हालिया पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने आतंक के गढ़ों को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने कहा, “पहलगाम में निर्दोषों पर हुए जघन्य हमले के बाद मैंने बिहार से वादा किया था कि आतंकियों को जवाब मिलेगा। हमारी सेना ने उनके ठिकानों को खंडहर में बदल दिया है। यह नया भारत है, जो न केवल जवाब देता है बल्कि दुश्मनों को उनकी औकात भी दिखाता है।”

    पीएम ने बीएसएफ के वीर जवानों की बहादुरी की प्रशंसा की जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में अभूतपूर्व पराक्रम दिखाया। उन्होंने बिहार के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हमारी सेना सीमा पर अभेद्य चट्टान की तरह खड़ी है और आतंकवादियों को कड़ी चेतावनी दी।

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    नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई

    मोदी ने बिहार के सासाराम, कैमूर और आसपास के इलाकों में नक्सलवाद के विरुद्ध हुई लड़ाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2014 से सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से सुधार किया और माओवादियों को कड़ी सजा देकर वहां शांति और विकास के रास्ते खोले। उन्होंने कहा, “शांति ही विकास की कुंजी है। हमने हिंसा फैलाने वालों का सफाया किया है ताकि बिहार समृद्धि की ओर बढ़ सके।”

    बिहार की वीरता और नया भारत

    पीएम मोदी ने बिहार की धरती को वीर कुंवर सिंह की भूमि बताते हुए कहा कि यहाँ के युवा देश की सुरक्षा और विकास के लिए समर्पित हैं। उन्होंने बिहार की जनता से अपील की कि वे नए भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी बढ़ाएं, जो आतंकवाद के खिलाफ मजबूत है और विकास तथा शांति की ओर बढ़ रहा है।

    समापन

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार की आवाज़ अब पूरे विश्व में गूंज रही है और भारत किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने सभी को मिलकर देश की सुरक्षा, शांति और समृद्धि के लिए काम करने का आह्वान किया।

  • ऑपरेशन सिंदूर: राजनाथ सिंह का आतंकवाद पर कड़ा संदेश

    ऑपरेशन सिंदूर: राजनाथ सिंह का आतंकवाद पर कड़ा संदेश

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात के भुज में वायुसेना के एयरबेस पर सैनिकों को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति और संकल्प को दोहराया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका यह पहला दौरा था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन अभी समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि यह तो केवल एक “ट्रेलर” था। सही समय आने पर भारत आतंकवाद को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने की “फिल्म” दुनिया को दिखाएगा।

    ऑपरेशन सिंदूर: शौर्य और संकल्प का प्रतीक

    राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “आपके पराक्रम ने दिखा दिया है कि यह सिंदूर श्रृंगार का नहीं, शौर्य का प्रतीक है। यह सौंदर्य नहीं, संकल्प का प्रतीक है। यह वह लाल लकीर है, जो भारत ने आतंकवाद के माथे पर खींच दी है।” उन्होंने इस ऑपरेशन को देश की एकजुटता का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस लड़ाई में सरकार, सेना और हर भारतीय नागरिक सिपाही की तरह शामिल रहा। रक्षामंत्री ने उन परिवारों को भी नमन किया, जिन्होंने अपने बच्चों को देशसेवा के लिए बिना हिचक समर्पित किया।

    जैसे को तैसा: भारत की नीति

    रक्षामंत्री ने भारत की विदेश नीति को “सठे साठ्यम समाचरते” यानी “जैसे को तैसा” के सिद्धांत पर आधारित बताया। उन्होंने कहा, “हमने शांति के लिए अपना दिल खोलकर रखा है, लेकिन शांति भंग करने वालों के लिए हमारा हाथ भी खुला है।” उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि फिलहाल सीजफायर के तहत उसे “प्रोबेशन” पर रखा गया है। यदि उसका व्यवहार खराब हुआ, तो भारत कड़ा कदम उठाने से नहीं हिचकेगा।

    आतंकवाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा

    राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अब केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय रक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा, “हम इसे जड़ से खत्म करेंगे। अब भारत पहले का भारत नहीं है, यह नया भारत है, जो अपने आराध्य श्रीराम के रास्ते पर चल रहा है। जैसे श्रीराम ने राक्षसों को धरती से समाप्त करने का प्रण लिया था, वैसे ही हम आतंकवाद को खत्म करने का संकल्प लेते हैं।”

    पाकिस्तान और आतंकी फंडिंग पर सवाल

    रक्षामंत्री ने पाकिस्तान पर आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों को 14 करोड़ रुपये की फंडिंग दे रही है, जो पाकिस्तानी नागरिकों के टैक्स से आता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आईएमएफ द्वारा दी गई राशि का इस्तेमाल आतंकी ढांचे को मजबूत करने में हो रहा है। उन्होंने अपील की कि आईएमएफ पाकिस्तान को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फंडिंग देने से बचे।

    नए भारत का उदय

    अपने संबोधन के अंत में राजनाथ सिंह ने नए भारत के उदय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब कमजोर नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली राष्ट्र है, जो अपने हितों की रक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है। ऑपरेशन सिंदूर को उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता का प्रतीक बताया और कहा कि जब समय आएगा, भारत पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखाएगा।

    यह संबोधन न केवल वायुसेना के जवानों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करेगा और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।