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  •  बिहार कांग्रेस मुख्यालय में नेताओं की बड़ी बैठक, महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ने पर बनी सहमति

     बिहार कांग्रेस मुख्यालय में नेताओं की बड़ी बैठक, महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ने पर बनी सहमति

    बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अहम बैठक की। मंगलवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उच्च स्तरीय चर्चा की।

    बैठक में कौन-कौन रहा शामिल?

    इस बैठक में केसी वेणुगोपाल, मीरा कुमार, तारिक अनवर, रंजीत रंजन, कृष्णा अल्लावारू, राजेश कुमार, अखिलेश प्रसाद सिंह, डॉ. शकील अहमद, मदन मोहन झा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में यह फैसला लिया गया कि कांग्रेस, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी और बीजेपी -जदयू गठबंधन को हराने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी।

    खरगे और राहुल ने दिया जीत का मंत्र

    बैठक के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार कांग्रेस नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे चुनावी तैयारियों के लिए ज़मीन पर उतरें। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए नेताओं को जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनता से सीधा संवाद करना होगा। राहुल गांधी ने भी नेताओं को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में युवाओं के पलायन, रोजगार, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को कांग्रेस को प्रमुखता से उठाना होगा। उन्होंने नेताओं से अपील की कि वे आपसी मतभेद भुलाकर पार्टी को मज़बूत करें और पूरी ताकत से चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं।

    पटना में दलित युवा संवाद कार्यक्रम, ‘एकला चलो’ की रणनीति पर चर्चा

    इस बीच  कांग्रेस अनुसूचित जाति (SC) विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश लिलौटिया पटना पहुंचे, जहां उन्होंने दलित युवा संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। मीडिया से बातचीत में लिलौटिया ने कांग्रेस की ‘एकला चलो’ रणनीति की ओर संकेत देते हुए कहा कि पार्टी पूरी मजबूती से बिहार में चुनाव लड़ेगी।

    उन्होंने चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए कहा कि वे खुद को दलित नेता बताते हैं । लेकिन बीजेपी के साथ जा बैठे हैं । ऐसे में वे दलितों के हित की बात कैसे कर सकते हैं।

    बिहार में कांग्रेस की रणनीति क्या होगी?

    महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की सहमति बनी।

    संगठन को मज़बूत करने के लिए नेताओं को ज़मीनी स्तर पर उतरने का निर्देश।

    युवाओं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अपराध जैसे मुद्दों पर मुखर रहने की रणनीति।

    बिहार की राजनीति में कांग्रेस की यह नई रणनीति क्या असर डालेगी? क्या महागठबंधन भाजपा-जदयू को टक्कर देने में कामयाब रहेगा?