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  • एयर इंडिया हादसा: 241 की मौत, लेकिन विश्वास कुमार चमत्कारिक रूप से बचे

    एयर इंडिया हादसा: 241 की मौत, लेकिन विश्वास कुमार चमत्कारिक रूप से बचे

    12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने देश को झकझोर कर रख दिया। एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान टेक-ऑफ के कुछ ही समय बाद एक मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गई। इस भयावह हादसे में कुल 241 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, एक कनाडाई, सात पुर्तगाली नागरिक और 12 चालक दल के सदस्य शामिल थे।

    इस त्रासदी के बीच एक नाम सामने आया – विश्वास कुमार रमेश, एक 45 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक, जो इस भीषण हादसे में चमत्कारिक रूप से जीवित बच निकले। वह इस विमान दुर्घटना के इकलौते जीवित बचे यात्री हैं। उनका अनुभव, साहस और जीवटता की मिसाल बन गया है।

    कैसे बची जान

    विश्वास कुमार रमेश विमान में सीट 11A पर बैठे थे, जो कि आपातकालीन निकास द्वार के पास थी। उन्होंने बताया कि उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद विमान की लाइटें टिमटिमाने लगीं और फिर अचानक जोरदार झटका लगा। विमान ने संतुलन खो दिया और पास की मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गया।

    टक्कर के बाद का दृश्य बेहद भयावह था। विमान का अधिकतर हिस्सा इमारत की छत पर जा गिरा, लेकिन विश्वास की सीट वाला हिस्सा जमीन पर ही रह गया। यही बात उनकी जान बचाने में सबसे अहम साबित हुई।

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    मलबे से बाहर निकलने की जद्दोजहद

    हादसे के बाद जब उन्होंने आंखें खोलीं, तो चारों ओर धुआं, आग और मृत शरीर बिखरे पड़े थे। उन्होंने कहा, “मुझे पहले लगा कि मैं मर चुका हूं, लेकिन फिर मैंने एक खुली जगह देखी। मैंने अपनी सीट बेल्ट खोली, और जैसे-तैसे उस छेद से रेंगकर बाहर निकल आया।”

    बाहर निकलने के बाद भी दृश्य बेहद डरावना था। चारों ओर शव बिखरे थे और विमान के टुकड़े फैल गए थे। किसी तरह स्थानीय लोगों ने उन्हें एम्बुलेंस तक पहुंचाया और अस्पताल में भर्ती कराया।

    जिंदगी की नई शुरुआत

    विश्वास अपने भाई के साथ यूके लौट रहे थे, लेकिन अब वे कहते हैं कि ये उनके जीवन का दूसरा जन्म है। उन्होंने कहा, “मैं अब हर दिन को एक तोहफा समझकर जीऊंगा। मैं नहीं जानता कि मैं कैसे बच गया, लेकिन अब मैं हर पल को संजोकर रखूंगा।”

    एक मिसाल बनी उनकी कहानी

    विश्वास की यह कहानी न सिर्फ एक चमत्कार की तरह है, बल्कि यह साहस, सूझबूझ और इंसानी जिजीविषा की अद्भुत मिसाल भी है। जिस स्थिति में कोई भी व्यक्ति घबरा सकता था, वहां उन्होंने धैर्य रखा और सही समय पर निर्णय लिया।

    इस दर्दनाक हादसे में जहां 241 लोगों की जान चली गई, वहीं विश्वास कुमार रमेश की जीवित बचने की कहानी, इस दुर्घटना की सबसे प्रेरणादायक तस्वीर बनकर सामने आई है। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि जीवन अनिश्चित है, लेकिन हर हालात में साहस और धैर्य ही इंसान को बचा सकते हैं।

  • अहमदाबाद विमान हादसे में विजय रूपाणी समेत 265 लोगों की मौत, देशभर में शोक की लहर

    अहमदाबाद विमान हादसे में विजय रूपाणी समेत 265 लोगों की मौत, देशभर में शोक की लहर

    गुरुवार, 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद भीषण हादसे का शिकार हो गई। इस दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस त्रासदी में 265 यात्रियों की जान चली गई, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। वे अपनी बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे।

    तकनीकी खराबी बना हादसे का कारण

    एयर इंडिया की यह उड़ान सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विमान में उड़ान भरते ही तकनीकी खराबी आ गई। कुछ ही मिनटों में विमान रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान में जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई। मौके पर दमकल और बचाव दल तुरंत पहुंचा, लेकिन आग की भयावहता के कारण किसी यात्री को जीवित नहीं बचाया जा सका।

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    विजय रूपाणी और ‘1206’ का दुर्भाग्यपूर्ण संयोग

    इस हादसे में एक अजीब लेकिन भावनात्मक संयोग भी सामने आया है। विजय रूपाणी ‘1206’ नंबर को अपना शुभ अंक मानते थे। उनकी कारों और अन्य निजी चीज़ों में यह अंक prominently नजर आता था। लेकिन जिस दिन हादसा हुआ – 12 जून यानी 12/06 – वही अंक उनके जीवन का दुखद अंत बन गया। उनके करीबियों और समर्थकों के लिए यह एक स्तब्ध कर देने वाला संयोग बन गया है।

    एक लोकप्रिय नेता का असमय निधन

    विजय रूपाणी ने 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वे एक शांत, विचारशील और जनहितैषी नेता माने जाते थे। उनके निधन की खबर ने राजनीतिक जगत को गहरे शोक में डाल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा,
    “विजयभाई रूपाणी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उनका योगदान गुजरात और देश कभी नहीं भूलेगा। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं।”

    गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा,
    “यह न केवल गुजरात के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। विजयभाई का मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणादायक रहा है।”

    पूरे देश में मातम

    इस हादसे ने ना सिर्फ गुजरात, बल्कि पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। संसद से लेकर गांवों तक, हर जगह विजय रूपाणी और अन्य पीड़ितों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। सोशल मीडिया पर हजारों लोग श्रद्धांजलि पोस्ट कर रहे हैं और शोक प्रकट कर रहे हैं।