Tag: UAPA

  • दिल्ली लाल किला ब्लास्ट: फिदायीन हमले की आशंका, फरीदाबाद मॉड्यूल से कनेक्शन; 9 मरे, 20+ घायल

    दिल्ली लाल किला ब्लास्ट: फिदायीन हमले की आशंका, फरीदाबाद मॉड्यूल से कनेक्शन; 9 मरे, 20+ घायल

    दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट सोमवार (10 नवंबर 2025) शाम करीब 6:52 बजे हुंडई i20 कार में हुए भीषण धमाके ने पूरे देश को हिला दिया। खुफिया सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को शक है कि यह एक फिदायीन (आत्मघाती) हमला हो सकता है। Media रिपोर्ट्स के हवाले से बताया गया कि विस्फोट फरीदाबाद के हाल ही में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है। इस मॉड्यूल का मुख्य आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल शकील की गिरफ्तारी के बाद उसका साथी डॉक्टर मोहम्मद उमर घबरा गया और जानबूझकर विस्फोटक को उड़ा दिया। धमाके में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक घायल हुए। आसपास की 10 से ज्यादा गाड़ियां जलकर खाक हो गईं, मेट्रो स्टेशन के शीशे टूटे और सड़क की लाइटें बुझ गईं। चश्मदीदों ने आग की लपटों को कई फीट ऊंचा बताते हुए दहशत का माहौल वर्णित किया।

    डॉ. मोहम्मद उमर की भूमिका और आत्मघाती साजिश

    खुफिया एजेंसियों का मानना है कि डॉ. मोहम्मद उमर कार में मौजूद था और विस्फोट के दौरान ही उसकी मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में धमाके से कुछ घंटे पहले उसे उसी कार में अकेले देखा गया। उमर फरीदाबाद मॉड्यूल का अहम सदस्य था, जो पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ उत्तर भारत में टेरर फंडिंग और हथियार तस्करी के कई केस दर्ज हैं। गिरफ्तारी के डर से उसने दो साथियों के साथ मिलकर यह साजिश रची। कार में डिटोनेटर लगाकर विस्फोट किया गया, जो भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाने के लिए प्लान किया गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उमर ने मुजम्मिल शकील की गिरफ्तारी के बाद मॉड्यूल के भंडाफोड़ को रोकने के लिए यह कदम उठाया।

    विस्फोटक का प्रकार: ANFO या नाइट्रेट्स का इस्तेमाल

    एनएसजी और फोरेंसिक टीमों ने मौके से विस्फोटक अवशेष बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इसमें अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) या नाइट्रेट्स, TNT जैसे पदार्थों का उपयोग हुआ, जो औद्योगिक ब्लास्ट में आम हैं। यह धमाका फरीदाबाद ऑपरेशन से ठीक घंटों बाद हुआ, जहां पुलिस ने 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और 2,500 किलो विस्फोटक केमिकल जब्त किए थे। यह मॉड्यूल प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा था और दिल्ली में बड़े हमलों की साजिश रच रहा था। कार में मिली जली हुई लाश का डीएनए टेस्ट होगा ताकि पुष्टि हो सके कि वह उमर की ही है।

    कार का कनेक्शन: पुलवामा से फरीदाबाद तक का चेन

    जांच में सामने आया कि कार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी तारिक के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। तारिक का फरीदाबाद मॉड्यूल से संभावित लिंक जांचा जा रहा है। रिकॉर्ड्स से पता चला कि i20 पहले मोहम्मद सलमान से नादिम को, फिर फरीदाबाद के सेकंड-हैंड डीलर ‘रॉयल कार जोन’ को बिकी, और अंत में तारिक से उमर को पहुंची। यह ट्रांजेक्शन पहचान छिपाने के लिए किए गए लगते हैं। दिल्ली पुलिस ने UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

    यह भी पढ़ें : ढाका में ग्रामीण बैंक मुख्यालय पर बम विस्फोट, कई जगह धमाके: कोई हताहत नहीं

    सरकारी प्रतिक्रिया और हाई अलर्ट

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने NIA प्रमुख से बात की और NSG, NIA, दिल्ली स्पेशल सेल को निर्देश दिए। दिल्ली की सीमाएं सील, मेट्रो स्टेशन बंद और पूरे एनसीआर में हाई अलर्ट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया। X पर वायरल वीडियो में धमाके की तीव्रता दिखाई दे रही है, जहां 100 मीटर दूर लोग हिल गए। घायलों को LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है।

    आगे की जांच और सुरक्षा उपाय

    NIA ने मामला अपने हाथ में ले लिया है। फोरेंसिक रिपोर्ट से विस्फोटक की पुष्टि और मॉड्यूल के अन्य सदस्यों की तलाश तेज। यह घटना राजधानी की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। नागरिकों से अपील: संदिग्ध देखें तो 112 डायल करें। हम लगातार अपडेट ला रहे हैं।

  • बडगाम पुलिस ने तहरीक-ए-हुर्रियत मुख्यालय किया कुर्क, यूएपीए के तहत बड़ी कार्रवाई

    बडगाम पुलिस ने तहरीक-ए-हुर्रियत मुख्यालय किया कुर्क, यूएपीए के तहत बड़ी कार्रवाई

    बडगाम पुलिस ने यूएपीए की धारा 25 के तहत तहरीक-ए-हुर्रियत के हैदरपोरा मुख्यालय को जब्त किया। यह कार्रवाई अलगाववादी और आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा उठाए गए कदमों का हिस्सा है। इस मामले में FIR 08/2024 दर्ज की गई है और संपत्ति जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

    बडगाम में तहरीक-ए-हुर्रियत के खिलाफ कार्रवाई

    पुलिस ने तहरीक-ए-हुर्रियत के हैदरपोरा स्थित तीन मंजिला मुख्यालय को यूएपीए की धारा 25 के तहत जब्त किया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब सुरक्षा बलों ने संगठन के अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखी। मुख्यालय पर जब्ती से संगठन की कार्यक्षमता और अस्थायी गतिविधियों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।

    जब्त की गई संपत्ति का विवरण

    जब्त की गई संपत्ति में कुल 1 कनाल 1 मरला जमीन शामिल है। इस पर तीन मंजिला इमारत खड़ी थी, जो तहरीक-ए-हुर्रियत के कार्यालय के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। खसरा नंबर 946 और खतौनी नंबर 306 वाली यह इमारत संगठन के संचालन का मुख्य केंद्र थी। अब यह संपत्ति पुलिस नियंत्रण में है और जांच के दौरान पूरी तरह से संरक्षित रखी जाएगी।

    कानूनी प्रक्रिया और FIR

    इस कार्रवाई के लिए बडगाम पुलिस स्टेशन में यूएपीए की धारा 25 के तहत FIR नंबर 08/2024 दर्ज की गई थी। जब्ती से पहले सभी साक्ष्य और सक्षम प्राधिकरण की मंजूरी ली गई। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया ताकि संगठन की आतंकवादी गतिविधियों को रोका जा सके और क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित हो।

    सुरक्षा और प्रशासनिक संदेश

    पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि यह कार्रवाई आतंकवादी और अलगाववादी नेटवर्क के खिलाफ संदेश है। सुरक्षा बल लगातार इस तरह के संगठन पर नजर रख रहे हैं और किसी भी हिंसक या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

    बडगाम पुलिस की यह कार्रवाई तहरीक-ए-हुर्रियत के खिलाफ एक मजबूत कदम है। यूएपीए के तहत मुख्यालय की जब्ती संगठन की कार्यक्षमता को प्रभावित करेगी और आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाएगी। यह घटना दर्शाती है कि प्रशासन सुरक्षा और कानून के पालन के लिए कटिबद्ध है।