August 29, 2025

वोट चोरी’ का मुद्दा गरमाया, राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को घेरा विपक्षी दल 11 अगस्त को करेंगे मार्च

नई दिल्ली, 8 अगस्त : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाकर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कर्नाटक की बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट, खासतौर पर महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र, के नतीजों को ‘वोट चोरी’ का उदाहरण बताते हुए गंभीर आरोप लगाए।

डेमोक्रेसी डिस्ट्रॉयड’ नाम से पेश की गई रिपोर्ट

राहुल गांधी ने इस मुद्दे को और विस्तार देते हुए अपने सरकारी आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं को एक प्रेजेंटेशन दी, जिसका शीर्षक था ‘डेमोक्रेसी डिस्ट्रॉयड’ (Democracy Destroyed)। इस मीटिंग में 25 विपक्षी पार्टियों के करीब 50 नेता शामिल हुए।बैठक के बाद सभी दलों की सहमति से यह फैसला लिया गया कि 11 अगस्त को एक संयुक्त मार्च निकालकर यह मुद्दा चुनाव आयोग के सामने उठाया जाएगा।

चुनाव आयोग का पलटवार पहले क्यों नहीं की शिकायत?

राहुल गांधी के आरोपों का चुनाव आयोग ने तुरंत जवाब दिया। आयोग ने सवाल किया कि अगर इतनी गंभीर शिकायत थी, तो चुनाव के दौरान या उससे पहले इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई?कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राहुल गांधी को एक आधिकारिक पत्र लिखकर कहा है कि यदि उनके पास पुख्ता सबूत हैं, तो वह उन्हें शपथ पत्र के साथ साझा करें। साथ ही, उन्हें उन सभी मतदाताओं के नाम और विवरण देने होंगे जिनके नाम कथित तौर पर वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।

अन्य राज्यों के निर्वाचन अधिकारी भी सामने आए

राहुल गांधी के इन आरोपों पर केवल कर्नाटक ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने भी आपत्ति दर्ज की है। उनका कहना है कि बिना ठोस प्रमाण के इस तरह के आरोप चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं।

विपक्ष का दावा, लोकतंत्र खतरे में” चुनाव आयोग बोले, “सबूत दो”

इस पूरे घटनाक्रम से एक बार फिर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच भरोसे का संकट साफ नजर आ रहा है। जहां राहुल गांधी और INDIA गठबंधन इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहे हैं, वहीं आयोग तथ्य और प्रमाण की मांग कर रहा है।अब निगाहें 11 अगस्त पर टिकी हैं, जब विपक्ष चुनाव आयोग तक मार्च करेगा और अपनी शिकायतें औपचारिक रूप से दर्ज कराएगा।

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