म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। इस शक्तिशाली भूकंप का असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किया गया। हालांकि, अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर जो वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, वे इस तबाही की गवाही दे रही हैं।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता
इस भूकंप का केंद्र म्यांमार के मंडाले शहर के पास, 10 किलोमीटर की गहराई में था। United States Geological Survey (USGS) और German Research Centre for Geosciences (GFZ) ने इसकी तीव्रता 7.7 मापी है।

बैंकॉक में मची अफरा-तफरी
भूकंप के झटकों का असर बैंकॉक में भी देखने को मिला। वहां लोग अचानक महसूस हुए तेज झटकों से घबरा गए और सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। सबसे खतरनाक दृश्य बैंकॉक के चाटुचक इलाके में देखने को मिला, जहां एक निर्माणाधीन गगनचुंबी इमारत केवल 3 सेकंड में ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
यह भी पढ़ें: असम के मानस नेशनल पार्क में गैंडे का हमला, पर्यटक सुरक्षित!
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि जब यह इमारत गिर रही थी, तब मजदूर और राहगीर दहशत में भाग रहे थे। वीडियो में लोग “ओय, ओय” चिल्लाते सुने जा सकते हैं, और देखते ही देखते पूरी इमारत धूल के गुबार में समा जाती है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे लोग भूकंप की भयावहता को महसूस कर पा रहे हैं।
#Earthquake ट्रेंड करने लगा सोशल मीडिया पर
भूकंप के तेज झटकों के बाद सोशल मीडिया साइट X (पूर्व में ट्विटर) पर #Earthquake टॉप ट्रेंड करने लगा। म्यांमार और बैंकॉक से लोगों ने खौफनाक तस्वीरें और वीडियो साझा करना शुरू कर दिया। कई उपयोगकर्ताओं ने इस भूकंप की भयावहता को लेकर चिंता जताई और प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए दुआएं की।
अब तक कितना नुकसान हुआ?
इस शक्तिशाली भूकंप से अब तक जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेज़ी से आए झटकों से कई इमारतों को भारी नुकसान हुआ होगा। मलबे में दबे लोगों की संभावनाओं को देखते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
भूकंप के दौरान क्या करें और क्या न करें?
ऐसी आपदाओं के दौरान सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अगर आप भूकंप प्रभावित क्षेत्र में रहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
भूकंप के दौरान:
- किसी मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे छुपें।
- खिड़कियों और कांच से दूर रहें, क्योंकि वे टूट सकते हैं।
- अगर आप बाहर हैं, तो खुले स्थान पर चले जाएं, और बिल्डिंग, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- लिफ्ट का उपयोग न करें, सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
भूकंप के बाद:
- गैस लीकेज और बिजली के तारों की जांच करें, अगर संदेह हो तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें।
- अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकारी निर्देशों का पालन करें।
- अगर इमारत को नुकसान हुआ है, तो अंदर जाने से पहले इंजीनियरिंग टीम से जांच करवाएं।
भारत के लिए क्या सबक?
भारत भी एक भूकंप संभावित क्षेत्र है, खासकर हिमालयी क्षेत्र और उत्तर भारत में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। म्यांमार और बैंकॉक की यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि हमें भूकंप सुरक्षा उपायों को मजबूत करना होगा।
निष्कर्ष:
म्यांमार में आया यह 7.7 तीव्रता का भूकंप बेहद खतरनाक था, जिसका असर बैंकॉक तक महसूस किया गया। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी की अहमियत को उजागर कर दिया है।
संबंधित पोस्ट