राज्यसभा में हाल ही में एक अहम चर्चा के दौरान जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए जो कदम जेडीयू ने उठाए हैं, वे कांग्रेस और आरजेडी जैसी पार्टियां भी नहीं उठा पाईं। उनका दावा है कि जेडीयू ने मुस्लिम समाज के विकास के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं और आने वाले समय में भी वह इसी दिशा में काम करती रहेगी।
संजय झा का बयान और जेडीयू की नीति
राज्यसभा में चर्चा के दौरान संजय झा ने कहा कि जेडीयू की सरकार ने मुस्लिम समाज के उत्थान के लिए जो प्रयास किए हैं, वे किसी अन्य पार्टी द्वारा नहीं किए गए। उन्होंने दावा किया कि जेडीयू की नीतियां सिर्फ राजनीतिक लाभ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मुस्लिम समाज को सशक्त बनाने की दिशा में भी हैं। उन्होंने आगे कहा कि जेडीयू का फोकस गरीब मुसलमानों की आर्थिक और शैक्षिक स्थिति सुधारने पर रहा है।
कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना
संजय झा ने कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों ने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है, लेकिन उनके विकास के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और आरजेडी ने मुस्लिम समाज को केवल आश्वासनों से भरमाया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस योजना नहीं बनाई।
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मुस्लिम समुदाय के लिए जेडीयू की योजनाएं
संजय झा ने राज्यसभा में जेडीयू सरकार की उन योजनाओं का जिक्र किया जिनका लाभ मुस्लिम समुदाय को मिला है। इनमें प्रमुख रूप से:
- शिक्षा में सुधार: बिहार सरकार ने मुस्लिम छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और अन्य योजनाएं शुरू की हैं।
- रोजगार के अवसर: जेडीयू सरकार ने मुस्लिम युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा दिया है।
- महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं: मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
- सामाजिक और आर्थिक विकास: अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक विकास के लिए छोटे उद्योगों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वोटर जेडीयू के साथ रहेगा
संजय झा ने विश्वास जताया कि जेडीयू की नीतियों और योजनाओं की वजह से मुस्लिम वोटर पार्टी के साथ बना रहेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में मुस्लिम समुदाय ने देखा है कि जेडीयू सरकार उनके हितों के लिए काम कर रही है, इसलिए वे अन्य पार्टियों के झूठे वादों में नहीं आएंगे।
क्या कहता है विपक्ष?
संजय झा के इस बयान पर विपक्षी पार्टियों की प्रतिक्रिया भी आई है। कांग्रेस और आरजेडी नेताओं ने कहा कि जेडीयू केवल बयानबाजी कर रही है और हकीकत में मुस्लिम समुदाय के लिए कुछ खास नहीं किया गया है। वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेडीयू का यह दावा आगामी चुनावों को देखते हुए किया गया है, ताकि मुस्लिम वोट बैंक को अपने पक्ष में किया जा सके।
संजय झा के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने जो दावे किए हैं, वे जेडीयू की अल्पसंख्यक नीतियों को दर्शाते हैं, लेकिन विपक्षी दल इसे सिर्फ चुनावी रणनीति मान रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुस्लिम वोट बैंक किस तरफ जाता है और क्या जेडीयू अपने दावों को सही साबित कर पाती है।
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