August 29, 2025

चीन-रूस ने खोले भारत के लिए ट्रेड के नए दरवाज़े मेक इन इंडिया’ को मिल रहा ग्लोबल समर्थन

भारत की निर्यात संभावनाएं अब वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही हैं। हाल ही में चीन और रूस दोनों ने भारत के उत्पादों के लिए खुले बाज़ार और समर्थन की घोषणा की—यह न केवल व्यापार के अवसरों की पुष्टि है, बल्कि यह ‘मेक इन इंडिया’ को ‘डिमांड इन वर्ल्ड’ में बदलने का प्रतीक भी बनता जा रहा है।

चीन का व्यापार समर्थन

चीन के राजदूत सुन फेइहोंग ने हाल ही में दिल्ली में रुचि जताते हुए कहा है कि चीन भारतीय कमोडिटी को अपनी मार्केट में स्वागत के साथ शामिल करने के लिए तैयार है। खाद्य सामग्री, मसाले, कपड़ा और तकनीकी उत्पादों से लेकर अन्य भारतीय व्यापारिक क्षेत्रों के लिए चीन ने खुले बोर्ड की चेतावनी दी है। यह संकेत नए व्यवसायों और व्यापार विस्तार के लिए काफी सकारात्मक माना जा रहा है

रूस की खुली बाज़ार नीति

रूस ने भी भारत की लगभग सभी सेवाओं एवं उत्पादों के लिए सुपर स्वागत की पेशकश की है। रूस के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन रोमन बाबुश्किन ने कहा कि यदि अमेरिका में ट्रम्प की टैरिफ नीतियों के कारण भारतीय कंपनियों को दिक्कत होती है, तो रूस की मार्केट पूरी तरह से उनके लिए खुली है। साथ ही रूस ने भारत-रूस व्यापार के वर्तमान आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यह साझेदारी उसकी मजबूती को दर्शाती है

रणनीतिक व्यापारिक अवसर

  • ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक पहचान: चीन और रूस के सहयोग से भारत-made उत्पादों के लिए नए बाज़ार खुल रहे हैं—चाहे वह फार्मा, टेक्सटाइल, मसाले, या आईटी हों।
  • नवंबर की अमेरिकी टैरिफ चुनौती का साइओ: वैश्विक ट्रेड वातावरण में अनिश्चितता के बीच, भारत को रूस और चीन जैसे बड़े साझेदार का समर्थन मिलना व्यापार को स्थिर बनाए रखता है।
  • भविष्य की रणनीतिक दिशा: चीन और रूस दोनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे भारतीय उत्पादों के इच्छित खरीदार हैं—यह संदेश भारतीय निर्यातकों को प्रेरित करता है।
  • चीन और रूस द्वारा भारत को मिल रहा भरोसा और समर्थन यह दर्शाता है कि वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक ताकत तेजी से बढ़ रही है। यह न केवल ‘मेक इन इंडिया’ को एक पहचान दे रहा है, बल्कि यह नए व्यापार मार्गों और साझेदारों के लिए रास्ता भी खोल रहा है।
  • यह समय है जब भारतीय निर्यातक चाहें तो इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने उत्पादों को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित बना सकते हैं और भारत विश्व व्यापार मानचित्र पर अपनी विशेष जगह सुनिश्चित कर सकता है।
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