18वां ब्रिक्स सम्मेलन: आज दूसरा और आखिरी दिन, पीएम मोदी की 7 द्विपक्षीय बैठकें
18वां ब्रिक्स सम्मेलन
18वां ब्रिक्स सम्मेलन आज अपने दूसरे और आखिरी दिन में प्रवेश कर रहा है। भारत मंडपम में एक बार फिर ब्रिक्स के साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के राष्ट्राध्यक्षों और नेताओं का जमावड़ा होगा। सुबह 9:55 बजे से लेवल-2 पर नेताओं और मंत्रियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू होगा। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए भारत मंडपम तैयार है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सम्मेलन के दूसरे दिन कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
18वां ब्रिक्स सम्मेलन: सुबह फैमिली फोटो और ओपन सेशन
18वां ब्रिक्स सम्मेलन के आखिरी दिन सुबह 10 बजे भारत मंडपम के लेवल-2 पर फैमिली फोटो होगी। इसके बाद सुबह 10:50 बजे ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ’ विषय पर ओपन सेशन आयोजित होगा। इस सत्र में समावेशी वैश्विक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई अहम द्विपक्षीय बैठकें होंगी।
18वां ब्रिक्स सम्मेलन: पीएम मोदी की 7 द्विपक्षीय बैठकें
18वां ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात द्विपक्षीय बैठकें निर्धारित हैं। दोपहर 2:30 बजे कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट के साथ बैठक होगी। इसके बाद 3 बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर मार्कोस जूनियर, 3:30 बजे मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी के साथ बैठक होगी। शाम 4:10 बजे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामाफोसा के साथ, 4:40 बजे बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये के साथ बैठक होगी।
18वां ब्रिक्स सम्मेलन: नाइजीरिया और युगांडा के नेताओं से मुलाकात
18वां ब्रिक्स सम्मेलन के आखिरी दिन प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बैठकों का सिलसिला शाम तक जारी रहेगा। शाम 5:10 बजे नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति सीनेटर काशिम शेट्टिमा के साथ बैठक निर्धारित है। इसके बाद शाम 5:40 बजे युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ बैठक होगी। इन बैठकों के साथ सम्मेलन के दूसरे दिन का कार्यक्रम आगे बढ़ेगा।
18वां ब्रिक्स सम्मेलन: 45 पन्नों के घोषणापत्र में 140 बिंदु
18वां ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन सभी देशों ने घोषणापत्र पर सहमति बनाई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने साझा बयान भी जारी किया। करीब 45 पन्नों के इस दस्तावेज में 140 बिंदु हैं। इसमें आतंकवाद, वैश्विक व्यापार, पश्चिम एशिया, ऊर्जा, वित्त और संयुक्त राष्ट्र सुधार समेत कई मुद्दों पर साझा रुख सामने आया। घोषणा में आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की कड़ी निंदा की गई। साथ ही सीमा पार आतंकवाद, आतंकवाद की फंडिंग और आतंकियों को सुरक्षित पनाह मिलने की चुनौती से निपटने का संकल्प दोहराया गया।
