West Asia Conflict
West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और बढ़ती सैन्य तनातनी के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं में अब तक 6 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक नागरिक अभी भी लापता है। सरकार ने मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत लाने और लापता व्यक्ति की तलाश के लिए युद्धस्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके साथ ही, अब तक करीब 3 लाख भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी कराई जा चुकी है, जो इस संकट के बीच भारत के सबसे बड़े रेस्क्यू अभियानों में से एक माना जा रहा है।
West Asia Conflict: मिशन मोड में दूतावास, परिवारों को राहत पहुंचाने पर फोकस
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन ने जानकारी दी कि सऊदी अरब, ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय दूतावास मिशन मोड में काम कर रहे हैं। ये सभी मिशन स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। खास तौर पर लापता भारतीय नागरिक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। वहीं, मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। हाल ही में रियाद में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद दूतावास परिवार के संपर्क में है और शव को जल्द भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।
कूटनीति पर जोर, पीएम मोदी ने वैश्विक नेताओं से की बातचीत
जानकारी के लिए बता दे कि West Asia Conflict को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत कर भारत का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और इस संकट का हल केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है। पीएम मोदी ने ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की, क्योंकि इससे वैश्विक बाजार और ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। भारत की प्राथमिकता इस समय क्षेत्र में शांति बहाल करना और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
