September 8, 2026

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IAF: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता रणनीतिक जरूरत, स्वदेशी तकनीक से मजबूत होगा भारत!

IAF: बेंगलुरु में आयोजित 48वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स ग्रेजुएशन समारोह में Indian Air Force के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भारत की रणनीतिक आवश्यकता बताया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए स्वदेशी तकनीक का विकास अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव है। समारोह में 11 टेस्ट पायलट और 6 फ्लाइट टेस्ट इंजीनियरों ने 48 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया और उन्हें औपचारिक रूप से ग्रेजुएशन प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने संबोधन में स्वदेशी रक्षा तकनीक, एयरोस्पेस इकोसिस्टम और सैन्य आधुनिकीकरण को देश की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि टेस्ट पायलट्स और इंजीनियरों की भूमिका केवल परीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे भारत के स्वदेशीकरण अभियान को गति देने में अहम योगदान देते हैं। उन्होंने डिजाइन से लेकर डिलीवरी तक रक्षा उत्पादन प्रक्रिया को तेज करने और उच्च गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों को बनाए रखने पर भी जोर दिया। इस कार्यक्रम में भारतीय सेना और नौसेना के अधिकारी भी शामिल थे, जिससे तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और तकनीकी सहयोग को और मजबूती मिली।

समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने प्रतिभाशाली अधिकारियों को ट्रॉफियां और सम्मान प्रदान किए, जिसमें “सुरंजन दास ट्रॉफी”, “चीफ ऑफ एयर स्टाफ ट्रॉफी” और “महाराजा हनुमंत सिंह स्वॉर्ड” जैसे प्रतिष्ठित सम्मान शामिल रहे। यह आयोजन न केवल प्रशिक्षण की सफलता का प्रतीक रहा, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है। बेंगलुरु में हुआ यह समारोह भारत के एयरोस्पेस और रक्षा आधुनिकीकरण के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।

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