आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेज़ रफ्तार दौड़ में एक ऐसा बड़ा बदलाव सामने आया है जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री को हिला दिया है। Google के Gemini AI मॉडल के को-लीड रहे Noam Shazeer अब आधिकारिक रूप से OpenAI से जुड़ गए हैं। इस कदम को AI सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी “टैलेंट शिफ्ट्स” में से एक माना जा रहा है, जिसने Google और OpenAI के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा को और भी तीखा बना दिया है।
AI के “आर्किटेक्ट” माने जाने वाले शजीर की अहम भूमिका
नोअम शजीर को AI दुनिया में एक प्रमुख “आर्किटेक्ट” माना जाता है, जिन्होंने उन शुरुआती रिसर्च कार्यों में योगदान दिया था, जिनकी नींव पर आज के बड़े लैंग्वेज मॉडल जैसे ChatGPT और Gemini विकसित हुए हैं। वे लंबे समय तक Google में रहे और AI रिसर्च को नई दिशा देने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। बाद में उन्होंने Google छोड़कर अपना स्टार्टअप Character.AI शुरू किया, जो AI चैटबॉट तकनीक के क्षेत्र में काफी चर्चित रहा।
2.7 बिलियन डॉलर की वापसी और फिर नया मोड़
2024 में Google ने उन्हें वापस अपनी टीम में लाने के लिए लगभग 2.7 बिलियन डॉलर (करीब 22 हजार करोड़ रुपये) की बड़ी डील की थी, जिसे टेक इंडस्ट्री में एक “acquihire” सौदों में से एक ऐतिहासिक कदम माना गया। लेकिन अब अचानक आए इस नए घटनाक्रम ने सभी को चौंका दिया है, क्योंकि शजीर ने Google को फिर से छोड़कर OpenAI जॉइन कर लिया है। उनके इस फैसले ने AI रेस में रणनीतिक बदलाव की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
Google के लिए बड़ा झटका, OpenAI में उत्साह
शजीर ने अपने बयान में कहा कि Google छोड़ना आसान फैसला नहीं था, लेकिन OpenAI की टीम के साथ काम करने का अवसर उन्हें बेहद उत्साहित कर रहा है। वहीं OpenAI के CEO Sam Altman ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि शजीर उन शुरुआती लोगों में से थे जिनके साथ वे लंबे समय से काम करना चाहते थे। उनके अनुसार, “10 साल का इंतजार अब पूरा हुआ है”, जो इस सहयोग की अहमियत को दर्शाता है।
AI रेस में टैलेंट बनाम टेक्नोलॉजी की नई जंग
यह बदलाव सिर्फ एक कर्मचारी का कंपनी बदलना नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे AI इंडस्ट्री की रणनीतिक जंग के तौर पर देखा जा रहा है। Google के लिए यह निश्चित रूप से एक बड़ा झटका है क्योंकि शजीर को Gemini AI के सबसे महत्वपूर्ण दिमागों में से एक माना जाता था। अब AI की प्रतिस्पर्धा केवल मॉडल और टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रही, बल्कि टैलेंट और इनोवेशन की लड़ाई बन चुकी है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या OpenAI इस बड़े दांव का फायदा उठाकर Google से आगे निकल पाएगा या यह दौड़ और भी दिलचस्प मोड़ लेगी।