Assam Politics
Assam Politics: असम की राजनीति में इन दिनों हलचल बेहद तेज़ है। जहाँ हाल ही में पवन खेड़ा ने हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमाकी पत्नी को लेकर एक विवादित बयान दिया था। जिसके बाद से ही असम के राजनीति में हलचल बेहद तेज़ हो गई है। वहीं अब एक और खबर सामने आ रही है। हाल ही में कांग्रंस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर असम पुलिस की टीम ने छापा मारा है। जिसके बाद से ही कई तरह के आरोप प्रत्यारोप भी सामने आने लगे है। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। अधिक और पूरी जानकारी के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।
Assam Politics: जाने क्या है विवाद की असली वजह
जानकारी के लिए बता दे कि हाल ही में पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ा दावा किया था। आपको बता दे कि दावा करते हुए पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा जैसे तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में पत्नी की विदेशी संपत्तियों की जानकारी छिपाई है। खेड़ा के अनुसार, दुबई में उनकी दो कीमती संपत्तियां हैं और अमेरिका के व्योमिंग में उनकी कंपनियां चल रही हैं। कांग्रेस ने इन संपत्तियों की जांच ईडी से कराने और चुनाव आयोग से मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग भी की थी। वहीं अब पवन खेड़ा के इस बयान के बाद उनके दिल्ली स्थित आवास पर पुलिस के छापे ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज़ कर दी। और इतना ही नहीं पवन खेड़ा के इस बयान पर हिमंता बिस्वा सरमा ने भी पलटवार किया है.
हिमंता बिस्वा सरमा ने भी किया पलटवार
आपको बता दे कि Assam Politics में चल रहे इन सभी अटकलों को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘फेक एआई कैंपेन’ और पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप की झूठी जानकारी के आधार पर ये दावे कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दुबई के जिन फ्लैटों का जिक्र हो रहा है, उनके असली मालिक कोई और हैं। उन्होंने पवन खेड़ा को चेतावनी दी थी कि वे इन मनगढ़ंत आरोपों के खिलाफ आपराधिक और नागरिक मानहानि का मामला दर्ज करेंगे। अब ऐसे में ये देखना बेहद दिलचस्प होगा कि असम की रीजनीति में अब आगे क्या कुछ देखने को मिलता है। और क्या असम की राजनीति में उठता ये तुफान यही थमेगा। या फिर इसकी चिंगारी अब किसी बड़े आग को जन्म देगी। फिलहाल सबकी नज़र अब असम के राजनीति पर लगातार टिकी हुई है.
