चंडीगढ़ में हुई दोस्ती, प्यार और फिर जेंडर परिवर्तन का फैसला
उत्तर प्रदेश के उन्नाव से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रेम संबंधों और जेंडर परिवर्तन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता, जो पहले मनोज कुमार थी और अब अपना नाम सिमरन बताती है, ने उन्नाव निवासी अपने प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिमरन का कहना है कि चंडीगढ़ में नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात उन्नाव के रहने वाले राज से हुई थी। दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई, फिर यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। आरोप है कि प्रेमी की इच्छा और रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए मनोज ने जेंडर परिवर्तन करवाने का फैसला लिया और लंबी मेडिकल प्रक्रिया के बाद सिमरन बन गई।
16 घंटे के ऑपरेशन के बाद बनी सिमरन, तीन साल तक साथ रहने का दावा
सिमरन के अनुसार दिल्ली में करीब 16 घंटे तक चले जेंडर री-असाइनमेंट ऑपरेशन के बाद उसने पूरी तरह महिला के रूप में जीवन शुरू किया। आरोप है कि इसके बाद दोनों करीब तीन वर्षों तक साथ रहे और इस दौरान उनके बीच सहमति से शारीरिक संबंध भी बने। हालांकि अब सिमरन का आरोप है कि प्रेमी ने इस रिश्ते का फायदा उठाया, उसका आर्थिक शोषण किया और लाखों रुपये अपने पास ले लिए। पीड़िता का यह भी कहना है कि बाद में आरोपी उसे छोड़कर उन्नाव लौट आया और उससे सभी संबंध तोड़ लिए।
उन्नाव पहुंचकर पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
अपने साथ हुए कथित धोखे और शोषण के बाद सिमरन उन्नाव पहुंची और पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर न्याय की मांग की। तहरीर तैयार कराने के लिए जब वह कचहरी पहुंची तो वहां मौजूद लोग भी पूरे मामले को सुनकर हैरान रह गए। पीड़िता का कहना है कि वह चंडीगढ़ स्थित एक अस्पताल में कार्यरत थी, लेकिन उसकी मेहनत की कमाई भी आरोपी ने अपने कब्जे में ले ली। अब वह आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान है तथा न्याय की उम्मीद में पुलिस के चक्कर लगा रही है।
वकील बोले- यह अलग प्रकृति का मामला, गंभीर जांच जरूरी
पीड़िता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अजय द्विवेदी का कहना है कि यह सामान्य प्रेम प्रसंग का मामला नहीं बल्कि एक अलग प्रकृति का कथित अपराध है। उनके अनुसार यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो इसमें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण के कई पहलू सामने आते हैं। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों में पुलिस को सभी तथ्यों, मेडिकल रिकॉर्ड, आर्थिक लेन-देन और दोनों पक्षों के बयानों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई, पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
यह मामला प्रेम, विश्वास, जेंडर परिवर्तन और कथित शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा हुआ है। फिलहाल सिमरन ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है, जबकि आरोपी पक्ष का बयान अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, क्योंकि जांच पूरी होने और दोनों पक्षों के साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया का पालन ही न्याय सुनिश्चित करने का सबसे महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।