जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद पत्नी भी पुलिस के शिकंजे में
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टीएमसी नेता जहांगीर खान की पत्नी सरीना बीबी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सरीना बीबी की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब फालता हिंसा मामले को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने थाने के बाहर प्रदर्शन कर रही भीड़ को उकसाने और पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इस कार्रवाई के बाद विपक्ष ने भी सरकार और टीएमसी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
आखिर फालता थाने के बाहर ऐसा क्या हुआ जिसने मामला बिगाड़ दिया?
पुलिस के अनुसार 16 जून को फालता थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे और प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए। आरोप है कि प्रदर्शन हिंसक हो गया और भीड़ ने पुलिस तथा केंद्रीय बलों पर पथराव किया। जांच एजेंसियों का दावा है कि पूरे घटनाक्रम में सरीना बीबी की भूमिका सामने आई है। इसी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। सरीना बीबी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या 27 तक पहुंच गई है और पुलिस वीडियो फुटेज के जरिए अन्य संदिग्धों की पहचान भी कर रही है।
जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद कैसे बढ़ता चला गया विवाद?
पूरा मामला टीएमसी नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी से शुरू हुआ था। पुलिस ने उन्हें 8 जून को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कई बार फालता इलाके में उनकी परेड कराई, जहां वह लोगों से हाथ जोड़कर और कान पकड़कर माफी मांगते नजर आए। अब सरीना बीबी की गिरफ्तारी के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चाओं में आ गया है क्योंकि जांच का दायरा सीधे उनके परिवार तक पहुंच गया है।
कभी ‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ कहने वाले नेता पर इतने आरोप क्यों लगे?
जहांगीर खान चुनाव प्रचार के दौरान अपने बयानों और अंदाज को लेकर काफी चर्चा में रहते थे। वह अक्सर फिल्म ‘पुष्पा’ के मशहूर डायलॉग का इस्तेमाल करते हुए खुद को मजबूत नेता के रूप में पेश करते थे। लेकिन चुनाव के बाद उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप सामने आए। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उन पर अवैध वसूली, दबंगई और महिलाओं को धमकी देने जैसे आरोपों में कई मामले दर्ज हैं। सरीना बीबी की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर जहांगीर खान से जुड़े पुराने विवाद भी चर्चा में आ गए हैं।
टीएमसी के लिए क्यों बढ़ सकती हैं राजनीतिक मुश्किलें?
जहांगीर खान को टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है। फालता क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ की भी चर्चा होती रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन मतदान से पहले उन्होंने चुनाव मैदान छोड़ दिया था। अब सरीना बीबी की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष इस पूरे मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुट गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि जांच में और नाम सामने आते हैं तो टीएमसी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद जांच कहां तक पहुंची?
फालता थाने पर हुए हमले के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हिंसा से जुड़े हर वीडियो की जांच की जाए और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में लगातार गिरफ्तारियां की जा रही हैं। सरीना बीबी की गिरफ्तारी को भी इसी अभियान की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
क्या आने वाले दिनों में हो सकते हैं और बड़े खुलासे?
फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है। पुलिस का दावा है कि फालता हिंसा मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए जा रहे हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। सरीना बीबी की गिरफ्तारी के बाद यह मामला केवल एक स्थानीय विवाद नहीं रह गया है, बल्कि राज्य की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में आगे क्या सामने आता है और क्या इस मामले में और बड़े नाम भी जांच के दायरे में आते हैं।