Parliament Session 2026
संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत का दौर तेज हो गया है। इसी क्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से करीब 50 मिनट तक मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सहमति बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार की कोशिश है कि संसद में चल रहे टकराव को खत्म कर महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और कामकाज आगे बढ़ाया जाए।
राहुल गांधी ने उठाया दिल्ली पुलिस लाठीचार्ज का मुद्दा
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सरकार के सामने विपक्ष की प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विपक्ष चाहता है कि दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए। राहुल गांधी ने यह भी मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आकर इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान दें। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि यह एक गंभीर मामला है और सरकार को संसद के भीतर जवाब देना चाहिए। विपक्ष का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे मुद्दों पर खुली चर्चा आवश्यक है।
परिसीमन और FCRA बिल पर सरकार ने मांगा विपक्ष का सहयोग
बैठक के दौरान सरकार की ओर से परिसीमन विधेयक और FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) संशोधन विधेयक पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से इन दोनों अहम विधेयकों पर सहयोग और समर्थन देने का आग्रह किया। सरकार चाहती है कि इन विधेयकों को लेकर राजनीतिक सहमति बने, ताकि संसद में इन्हें बिना किसी बड़े विवाद के आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि कांग्रेस की ओर से इन प्रस्तावों पर अभी अंतिम रुख स्पष्ट नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस पर स्थिति साफ हो सकती है।
परिसीमन विधेयक पर अन्य दलों से भी जारी है बातचीत
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार केवल कांग्रेस ही नहीं बल्कि अन्य विपक्षी और क्षेत्रीय दलों के साथ भी परिसीमन विधेयक को लेकर लगातार संवाद कर रही है। सरकार का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण विधेयक पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनाना है, ताकि संसद में इसके पारित होने के दौरान किसी तरह का गतिरोध पैदा न हो। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिसीमन का मुद्दा कई राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील है, इसलिए सरकार सभी पक्षों की राय लेने की रणनीति पर काम कर रही है।
क्या खत्म होगा संसद का गतिरोध? सबकी नजर अगली बैठक पर
सरकार और विपक्ष के बीच हुई इस अहम बैठक को संसद में जारी गतिरोध खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि अभी कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं। आने वाले दिनों में होने वाली आगे की बैठकों और चर्चाओं के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से चल पाएगी या नहीं। फिलहाल सरकार संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष अपनी प्रमुख मांगों पर चर्चा और जवाबदेही की मांग पर कायम है। संसद के आगामी सत्रों में इन मुद्दों पर राजनीतिक माहौल और भी गर्म रहने की संभावना है।