Kanwar Yatra 2026
Kanwar Yatra 2026: सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद और हरिद्वार से आस्था की कई मनमोहक तस्वीरें सामने आई हैं। गुरुवार को मेरठ और गाजियाबाद के मेरठ रोड पर बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ते नजर आए। कांवड़ मार्ग पर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम भी किए गए हैं।
भगवान शिव की विशाल प्रतिमाएं और सजी-धजी कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र

इस बार कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की रचनात्मकता भी देखने को मिली। कई शिवभक्त भगवान शिव की विशाल प्रतिमा को विशेष रूप से सजे हुए वाहन पर लेकर यात्रा करते दिखाई दिए। वहीं कई कांवड़िए अपनी कांवड़ को आकर्षक लाइटिंग, फूलों और धार्मिक सजावट से सुसज्जित कर यात्रा में शामिल हुए। गाजियाबाद के मेरठ रोड पर भोलेनाथ की सुंदर मूर्तियों के साथ चल रही कांवड़ें श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। इन अनोखी झांकियों ने कांवड़ यात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया।
Kanwar Yatra 2026: कांवड़ में महिला को बैठाकर दिखाई अनोखी सेवा

मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान मानव सेवा और श्रद्धा का अनूठा संगम भी देखने को मिला। एक स्थान पर श्रद्धालु एक बुजुर्ग दंपति को पालकी में बैठाकर यात्रा कराते नजर आए, जबकि दूसरे दृश्य में शिवभक्त एक बुजुर्ग महिला को कांवड़ में बैठाकर अपने साथ ले जाते दिखाई दिए। इन भावुक दृश्यों ने लोगों का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोरी। इसके अलावा कुछ श्रद्धालुओं ने नीले प्लास्टिक के ड्रम को ही कांवड़ का रूप देकर अपनी आस्था का अनोखा प्रदर्शन किया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
Kanwar Yatra 2026: बारिश भी नहीं रोक सकी शिवभक्तों की आस्था
मेरठ, गाजियाबाद और हरिद्वार में लगातार हो रही बारिश के बावजूद कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी रही। श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने निर्धारित शिव मंदिरों की ओर बढ़ते रहे। खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिवभक्तों की भक्ति और समर्पण में कोई कमी नहीं दिखी। कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा शिविर और श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। सावन की यह यात्रा एक बार फिर यह संदेश दे रही है कि आस्था, सेवा और समर्पण के सामने मौसम की कोई भी चुनौती छोटी पड़ जाती है।
