Karnataka Hotel Raid
Karnataka Hotel Raid: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर बड़ा अभियान चलाया गया। राज्य सरकार के निर्देश पर 6 अगस्त को 3 स्टार और 5 स्टार होटलों में एक साथ छापेमारी की गई। इस विशेष अभियान में 30 से अधिक टीमों ने शहर के कई प्रमुख होटलों की जांच की। यह कार्रवाई लोगों की ओर से भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुरू की गई। जांच के दौरान कई होटलों में खाद्य पदार्थों के रखरखाव और गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों ने सैंपल जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी।
Karnataka Hotel Raid: छापेमारी में मिला एक्सपायर्ड दूध और सड़ी हुई सब्जियां
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई होटलों में 20 से 31 लीटर एक्सपायर्ड दूध मिला। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सड़े हुए प्याज और आलू भी बरामद किए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित होटलों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
हाइजीन, स्टोरेज और लाइसेंस की भी हुई जांच
छापेमारी के दौरान केवल खाद्य सामग्री ही नहीं, बल्कि होटलों की हाइजीन व्यवस्था, किचन की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के स्टोरेज सिस्टम और आवश्यक लाइसेंस की भी विस्तृत जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि होटल खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। जिन स्थानों पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
Karnataka Hotel Raid: स्वास्थ्य मंत्री बोले- बड़े होटल भी कार्रवाई से नहीं बचेंगे
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर (U.T. Khader) ने स्पष्ट कहा कि खाद्य सुरक्षा के मामले में किसी भी होटल को विशेष छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चाहे होटल 3 स्टार हो या 5 स्टार, यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका उद्देश्य राज्य में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता के उच्च मानक स्थापित करना है, ताकि आम लोगों के स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी ऐसे निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।