Rahul Gandhi
Rahul Gandhi : कांग्रस नेता राहुल गांधी ने E20 पेट्रोल नीती को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। 7 अगस्त को उन्होने करीब 53 सेकंड का एक वीडियो जारी किया, जिससे E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों की माइलेज और प्रदर्शन पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठाए गए। राहुल गांधी ने वीडियो के कैप्शन में एक हिंदी मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए सरकार की नीती पर कटाक्ष किया। उनका कहना है की E20 ईंधन से वाहन मालिकों को माइलेज कम होने और वाहन संबंधी समस्याओ का सामना करना पड़ सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
E20 पेट्रोल क्या है और क्यों लाई गई यह नीति?
E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत तक इथेनॉल को पेट्रोल के साथ मिलाया जाता है। केंद्र सरकार की इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति का मुख्य उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता घटाना, विदेशी मुद्रा की बचत करना और किसानों के लिए इथेनॉल उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा करना है। हालांकि, E20 को लेकर कुछ वाहन मालिक माइलेज में कमी की शिकायत करते रहे हैं। इसी मुद्दे को राहुल गांधी ने अपने वीडियो में प्रमुखता से उठाया है। E20 ईंधन के वाहन के प्रदर्शन और लागत पर प्रभाव को लेकर विशेषज्ञों और उपभोक्ताओं के बीच भी चर्चा जारी है।
E20-अनुकूल SUV ने बढ़ाया विवाद
Rahul Gandhi के वीडियो पर राजनीतिक विवाद तब और बढ़ गया, जब आलोचकों ने वीडियो में दिखाई दे रही SUV की ओर ध्यान दिलाया। दावा किया गया कि इस SUV पर E20 कम्पैटिबिलिटी से संबंधित लेबल मौजूद है। इसके बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि अगर वाहन E20 के अनुकूल है तो राहुल गांधी इस ईंधन नीति की आलोचना क्यों कर रहे हैं। हालांकि, राहुल गांधी के समर्थकों का कहना है कि E20-अनुकूल वाहन होने का मतलब यह नहीं है कि वास्तविक इस्तेमाल में माइलेज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका तर्क है कि E20 के कारण दक्षता में संभावित कमी का मुद्दा अलग है और वाहन की कम्पैटिबिलिटी अलग विषय है।
E20 नीति पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
देश में E20 पेट्रोल को लेकर बहस केवल तकनीकी मुद्दे तक सीमित नहीं रही है। सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा, कच्चे तेल के आयात में कमी और कृषि क्षेत्र को फायदा पहुंचाने वाली नीति के तौर पर पेश करती रही है। वहीं विपक्ष इसके प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहा है। वाहन मालिकों की ओर से भी माइलेज, ईंधन खर्च और पुराने वाहनों की अनुकूलता जैसे मुद्दे उठाए जाते रहे हैं। E20 नीति को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों और सरकार के आर्थिक तर्कों के बीच अब राजनीतिक टकराव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।
Rahul Gandhi का बड़ा अभियान, BJP ने UPA से जोड़ा मुद्दा
E20 पेट्रोल को लेकर कांग्रेस अब बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी में है। पार्टी इस मुद्दे के जरिए वाहन मालिकों की कथित परेशानियों और माइलेज में कमी जैसे सवालों को उठाएगी। दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए E20 नीति की शुरुआत और इथेनॉल ब्लेंडिंग के पुराने प्रयासों का हवाला दिया है। बीजेपी का कहना है कि इथेनॉल मिश्रण की दिशा में पहल पूर्ववर्ती UPA सरकार के समय भी हुई थी। ऐसे में राहुल गांधी के ताजा वीडियो के बाद E20 पेट्रोल आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है।