NSA Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि दुनिया को भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। डोभाल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े फैसलों और सैन्य कार्रवाई के कई पहलुओं पर चर्चा तेज है। डिस्कवरी की आगामी डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में डोभाल ने भारत की रणनीति और जवाबी कार्रवाई के पीछे की सोच पर विस्तार से बात की है। उन्होंने कहा कि भारत जोखिम उठाने और जरूरत पड़ने पर कड़ा प्रहार करने की क्षमता रखता है, चाहे उसके परिणाम कुछ भी हों।
NSA Doval: जाने डोभाल ने क्या कुछ कहा
डोभाल के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य हमले किए गए। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से भी हमले किए गए और भारत ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों परमाणु हथियार संपन्न देशों के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य टकराव चला, जो 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच सहमति के बाद थमा। डोभाल के बयान से साफ है कि भारत का संदेश केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उसकी दृढ़ नीति को भी दर्शाता है।
जाने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ डॉक्यूमेंट्री पर अजीत डोभाल ने क्या कुछ कहा
‘ऑपरेशन सिंदूर’ दो हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज है, जिसमें भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व से जुड़े लोगों के अनुभव और ऑपरेशन से जुड़े अहम फैसलों की कहानी सामने आएगी। इसमें NSA Doval सैन्य जवाबी कार्रवाई के पीछे लिए गए फैसलों और उसे अंजाम देने की रणनीति पर बात करते नजर आएंगे। डॉक्यूमेंट्री का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल और डिस्कवरी+ पर होगा। ऑपरेशन सिंदूर पर डोभाल का यह बयान भारत की सुरक्षा नीति को लेकर एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है. भारत की सहनशीलता को कमजोरी समझना दुश्मनों के लिए बड़ी भूल हो सकती है।