Rahul Gandhi Savarkar Case
Rahul Gandhi Savarkar Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को वीर सावरकर के अपमान से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ की निचली अदालत की ओर से राहुल गांधी के खिलाफ जारी समन को निरस्त कर दिया है। यह फैसला उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को दिए गए जवाब के बाद आया, जिसमें बताया गया कि राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक कानूनी मंजूरी नहीं दी गई थी। इसके बाद शीर्ष अदालत ने मामले में जारी समन को रद्द कर राहुल गांधी को राहत प्रदान की।
अकोला की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीर सावरकर पर बयान का मामला
यह मामला लखनऊ निवासी वकील नृपेंद्र पांडे की ओर से दायर शिकायत से जुड़ा था। शिकायत में राहुल गांधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153A और 505 के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी। आरोप था कि 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने वीर सावरकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, राहुल गांधी ने सावरकर को अंग्रेजों का नौकर और पेंशन लेने वाला बताया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया, पहले से तैयार थे बयान से जुड़े पर्चे
शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडे ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों को पहले से तैयार पर्चे भी बांटे गए थे। उनका दावा था कि इससे यह संकेत मिलता है कि सावरकर को लेकर दिया गया बयान अचानक नहीं बल्कि पूरी तैयारी के साथ दिया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस बयान का उद्देश्य समाज में नफरत और वैमनस्य फैलाना था। इन्हीं आरोपों के आधार पर लखनऊ की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था।
हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली, सुप्रीम कोर्ट ने पहले लगाई थी रोक
लखनऊ की ACJM कोर्ट से जारी समन के खिलाफ राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच का रुख किया था। हालांकि, 4 अप्रैल 2025 को हाई कोर्ट ने समन निरस्त करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को सावरकर पर दिए गए बयान को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी, लेकिन अंतरिम राहत देते हुए ACJM कोर्ट से जारी समन की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। अब यूपी सरकार की कानूनी मंजूरी न होने की जानकारी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने समन को पूरी तरह रद्द कर दिया।
2025 की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को लगाई थी फटकार
25 अप्रैल 2025 को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ ने राहुल गांधी को उनके बयान को लेकर फटकार लगाई थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा था कि राहुल गांधी को स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास के बारे में जानकारी जुटानी चाहिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सावरकर की प्रशंसा से जुड़े एक पत्र का भी उल्लेख किया था। साथ ही महात्मा गांधी द्वारा ब्रिटिश वायसराय को लिखे पत्र में इस्तेमाल शब्दों का उदाहरण देते हुए सवाल किया गया था कि क्या केवल ऐसे शब्दों के आधार पर किसी स्वतंत्रता सेनानी को अंग्रेजों का नौकर कहा जा सकता है।