August 20, 2026

Bihar  में सरकारी योजनाओं के प्रचार पर क्रिएटर्स को मिलेंगे 10 हजार रुपये प्रति लाख व्यूज, यूपी में YouTubers की एंट्री पर सख्ती

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Bihar सरकार ने सोशल मीडिया के जरिए सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को बढ़ावा देने वाले Empanelled Creators के लिए नई भुगतान व्यवस्था को मंजूरी दी है। 2026 के अपडेटेड नियमों के तहत पात्र क्रिएटर्स को वीडियो पर मिलने वाले व्यूज के आधार पर भुगतान किया जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक हर एक लाख व्यूज पर 10 हजार रुपये तक दिए जा सकते हैं। हालांकि, एक वीडियो के लिए अधिकतम भुगतान की सीमा 1 लाख रुपये तय की गई है। सरकार का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।

30 दिन बाद व्यूज के आधार पर होगा भुगतान

नई व्यवस्था के तहत क्रिएटर्स के वीडियो के प्रदर्शन का आकलन तय अवधि के बाद किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक 30 दिन पूरे होने के बाद वीडियो के व्यूज के आधार पर भुगतान तय किया जाएगा। इसके लिए क्रिएटर्स का सरकार के संबंधित विभाग में पैनल में शामिल होना जरूरी होगा। सरकार की कोशिश है कि सोशल मीडिया की बढ़ती पहुंच का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए किया जाए। इस व्यवस्था में वीडियो की पहुंच और प्रदर्शन को भुगतान का प्रमुख आधार बनाया गया है।

यूपी के कुछ जिलों में YouTubers की एंट्री पर रोक

वहीं, उत्तर प्रदेश में कुछ जिलों ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की अनधिकृत एंट्री को लेकर सख्ती बढ़ाई है। बलरामपुर और बस्ती जैसे जिलों में YouTubers और अन्य बाहरी लोगों को बिना अनुमति सरकारी स्कूलों में प्रवेश करने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इसका उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश से पहले उचित अनुमति और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

आलोचनात्मक वीडियो को लेकर बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश में इस तरह के निर्देशों के पीछे सरकारी स्कूलों से जुड़े वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर उठी चिंताओं को भी एक वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति स्कूलों में रिकॉर्डिंग करने या शिक्षकों और छात्रों से बातचीत करने से कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए School Safety और Verification Process को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, इन नियमों का उद्देश्य सोशल मीडिया गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना नहीं, बल्कि स्कूल परिसरों में अनधिकृत प्रवेश और रिकॉर्डिंग को नियंत्रित करना बताया गया है।

बिहार और यूपी की नीतियों में दिखा अलग नजरिया

Bihar Social Media Policy और UP YouTuber Entry Rules सोशल मीडिया के सरकारी इस्तेमाल को लेकर दो अलग-अलग रणनीतियां दिखाते हैं। बिहार सरकार जहां सरकारी योजनाओं के प्रचार के लिए डिजिटल क्रिएटर्स को आर्थिक प्रोत्साहन देने की दिशा में आगे बढ़ रही है, वहीं उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति सोशल मीडिया क्रिएटर्स की एंट्री सीमित की जा रही है। दोनों राज्यों की नीतियों का केंद्र अलग है—एक तरफ Digital Promotion और Government Schemes, तो दूसरी तरफ Student Safety, School Discipline और Verification। इससे शासन और सोशल मीडिया के बदलते रिश्ते पर नई बहस भी शुरू हो गई है।

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