Silkyara-Polgaon सुरंग में फिर भूस्खलन, 1300 मीटर अंदर गिरा मलबा, 2027 तक पूरा होना है निर्माण
Silkyara-Polgaon
Silkyara-Polgaon : चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन Silkyara-Polgaon सुरंग में एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई है। सोमवार को सुरंग के पोलगांव-बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर मलबा गिरने की सूचना मिली। घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुए हैं। सुरंग के भीतर मलबा फैलने के बाद निर्माण कार्य की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, निर्माण कंपनी ने स्थिति को लेकर किसी बड़े खतरे से इनकार किया है। अधिकारियों के अनुसार, मलबे को हटाने का काम किया जा रहा है।
1300 मीटर अंदर गिरा मलबा, कंपनी ने बताया सामान्य
निर्माण कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री राम के मुताबिक, निर्माणाधीन सुरंग में समय-समय पर मलबा गिरता रहता है। उन्होंने बताया कि सुरंग के अंदर करीब 1300 मीटर हिस्से में मलबा गिरा है, जिसे बाहर निकालने का प्रयास जारी है। प्रोजेक्ट मैनेजर ने इसे लेकर किसी चिंताजनक स्थिति से इनकार किया है। हालांकि, सुरंग में लगातार मलबा गिरने की घटनाओं के कारण सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सुरंग का निर्माण कठिन पहाड़ी और भूगर्भीय क्षेत्र में किया जा रहा है, जिसके चलते यहां निर्माण के दौरान कई चुनौतियां सामने आती रही हैं।
2023 में फंसे थे 41 मजदूर, 17 दिन चला था रेस्क्यू
सिलक्यारा सुरंग हादसा 2023 आज भी देश को याद है। नवंबर 2023 में सुरंग के सिलक्यारा छोर से करीब 200 मीटर अंदर भारी भूस्खलन हुआ था। इस हादसे के बाद निर्माण कार्य में लगे 41 मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए करीब 17 दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। लंबे और चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान के बाद सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकाला गया था। इस हादसे के बाद सुरंग निर्माण की सुरक्षा और पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर कई सवाल उठे थे।
2018 में शुरू हुआ निर्माण, 90 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा
सिलक्यारा सुरंग का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था और इसे वर्ष 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, तकनीकी और निर्माण संबंधी दिक्कतों के चलते परियोजना में देरी हुई। वर्ष 2024 में सुरंग को सफलतापूर्वक आर-पार किया गया। वर्तमान में सुरंग का करीब 90 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो चुका है। यह उत्तराखंड की सबसे लंबी निर्माणाधीन सड़क सुरंगों में से एक है, जिसकी लंबाई करीब 4.5 किलोमीटर है। अब इसे पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी तेजी से काम कर रही है।
मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
Silkyara-Polgaon सुरंग चारधाम सड़क परियोजना के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके पूरा होने से यमुनोत्री धाम की यात्रा को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में सुरंग का बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है और करीब 90 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई है। निर्माण एजेंसी ने मार्च 2027 तक सुरंग का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, ताजा भूस्खलन की घटना के बाद सुरंग के अंदर सुरक्षा और मलबा प्रबंधन पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित हुआ है। अब निर्माण कार्य के साथ सुरक्षा मानकों को लेकर भी निगरानी महत्वपूर्ण होगी।
