CM Yogi on Ayodhya Fish Feast: अजय राय के मछली भोज विवाद पर योगी आदित्यनाथ का कांग्रेस पर हमला
CM Yogi on Ayodhya Fish Feast
CM Yogi on Ayodhya Fish Feast: रायबरेली में आयोजित ‘भाव समर्पण समारोह’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से जुड़े मछली भोज विवाद को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। CM Yogi ने कहा कि कांग्रेस नेता एक तरफ अयोध्या में हनुमानगढ़ी जाकर दर्शन करते हैं और दूसरी तरफ मछली भोज में शामिल होते हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस का दोहरा आचरण बताते हुए कहा कि राम-राम कहने और मंदिर में दंडवत होने के बाद इस तरह की गतिविधियां सवाल खड़े करती हैं। योगी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बेशर्मी की भी एक सीमा होती है।
‘हनुमानगढ़ी जाने के बाद मछली भोज क्यों?’
CM Yogi ने अपने संबोधन में कहा कि अगर किसी को मछली खानी थी तो वह अयोध्या से बाहर जाकर भी ऐसा कर सकता था। उन्होंने कांग्रेस के कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ भगवान राम और बजरंगबली के नाम का जप किया जाता है, जबकि दूसरी तरफ मछली की दावत उड़ाई जाती है। योगी ने इसे कांग्रेस के दोहरे आचरण का उदाहरण बताया। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि कांग्रेस नेताओं के इस व्यवहार को देखकर गिरगिट भी शर्मा जाए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अयोध्या के मछली भोज विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक रंग ले लिया है।
कांग्रेस के पुराने इतिहास का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पार्टी के पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं का रवैया हमेशा से इसी तरह का रहा है। योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में किसी नौजवान, महिला, व्यापारी, किसान या आम नागरिक के सामने पहचान का संकट नहीं है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि करीब 10 साल पहले लोगों को शक की निगाह से देखा जाता था। CM Yogi ने इसके लिए सपा, बसपा और कांग्रेस की पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया और उन पर भ्रष्टाचार तथा बेईमानी के आरोप लगाए।
अयोध्या के विकास को लेकर विपक्ष पर निशाना
CM Yogi ने अयोध्या में किए जा रहे विकास कार्यों और नामकरण को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस बात से भी परेशानी है कि अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर क्यों रखा गया। उन्होंने सवाल किया कि निषादराज के नाम पर यात्री विश्रामालय और शबरी माता के नाम पर भोजनालय बनने से विपक्ष को आपत्ति क्यों है। योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में क्षमता और इच्छाशक्ति की कमी थी, इसलिए वे अपनी विरासत को सम्मान नहीं दे पाए।
‘हमने अपनी विरासत को सम्मान दिया’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार ने भगवान राम को सम्मान दिया है तो अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण में भी योगदान दिया है। CM Yogi ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले अपनी विरासत को सम्मान नहीं दे पाए, उन्हें अब विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण से परेशानी हो रही है। Ayodhya Fish Feast Controversy को लेकर मुख्यमंत्री के बयान के बाद यूपी की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं।
